पारंपरिक बिहारी खानपान की पहचान लिट्टी-चोखा का स्वाद हर किसी को अपनी ओर खींचता है। सत्तू की तीखी-चटपटी महक और शुद्ध घी में डूबी गरमा-गरम लिट्टी खाने का आनंद ही अलग होता है। अक्सर शहरों के फ्लैटों और आधुनिक रसोईघरों में लोग यह सोचकर इसे बनाने से कतराते हैं कि उनके पास न तो कंडे यानी उपले जलाने की जगह है और न ही तंदूर या ओवन। हालांकि, इस पारंपरिक व्यंजन का लुत्फ उठाने के लिए किसी जटिल इंतजाम की जरूरत नहीं है। सिर्फ एक भारी कड़ाही और साधारण गैस स्टोव की मदद से भी बिल्कुल खस्ता और लाजवाब लिट्टी घर पर ही तैयार की जा सकती है। कुकिंग क्रिएटर निशा मधुलिका ने अपने यूट्यूब कुकिंग चैनल पर कड़ाही में लिट्टी और उसके साथ चटपटा चोखा बनाने की बेहद सरल विधि साझा की है।
परफेक्ट आटा तैयार करने का अनुपात और तरीका
कड़ाही में लिट्टी को कुरकुरी और अंदर से अच्छी तरह पकाने के लिए आटा गूंथते समय सही अनुपात का ध्यान रखना सबसे अहम होता है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में 3 कप गेहूं का आटा निकालें। इस आटे में मोयन के लिए 3 बड़े चम्मच शुद्ध घी डालें। साथ ही स्वाद के अनुसार नमक, आधा छोटा चम्मच अजवाइन और एक चौथाई छोटा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं। बेकिंग सोडा लिट्टी को भीतर से हल्का और स्पंजी बनाने में मदद करता है, जिससे वह कड़ाही की मध्यम आंच पर भी आसानी से पक जाती है। अब सारी सूखी सामग्रियों और घी को हाथों से अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा सामान्य पानी डालते हुए नरम आटा गूंथकर तैयार करें। आटा न तो बहुत ज्यादा कड़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला। जब आटा अच्छी तरह बंध जाए, तो उसे किसी कपड़े या ढक्कन से ढककर कुछ समय के लिए सेट होने के लिए रख दें।
चटपटी और मसालेदार सत्तू की फिलिंग
लिट्टी का असली स्वाद उसके अंदर भरे जाने वाले सत्तू के मसाले से तय होता है। फिलिंग तैयार करने के लिए एक गहरे कटोरे में एक कप भुना हुआ चने का सत्तू लें। इसमें बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया, 5 से 6 बारीक कटी हरी मिर्च और 2 इंच कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें। स्वाद को चटपटा बनाने के लिए इसमें एक बड़ा चम्मच आम या लाल मिर्च के अचार का मसाला, स्वादानुसार नमक, 2 बड़े चम्मच कच्चा सरसों का तेल और एक पूरे नींबू का रस निचोड़ें। अचार का मसाला और कच्चा सरसों का तेल इस भरावन को पारंपरिक बिहारी महक और तीखापन देते हैं। सभी चीजों को चम्मच या हाथों से अच्छी तरह मिला लें। यदि सत्तू का मिश्रण छूने पर बहुत सूखा लगे, तो इसमें एक-दो चम्मच पानी छिड़क कर मिला लें। ध्यान रखें कि भरावन ऐसा होना चाहिए जो मुट्ठी में बांधने पर हल्का बंधे, न तो इतना गीला हो कि बाहर बहे और न इतना सूखा कि लोई में भरते वक्त बिखरने लगे।
गैस पर भुने बैंगन और टमाटर से तैयार करें चोखा
गरमा-गरम लिट्टी के साथ परोसे जाने वाले पारंपरिक चोखे के लिए एक बड़ा गोल बैंगन और चार पके हुए टमाटर लें। इन सभी पर उंगलियों से हल्का सा तेल लगा लें ताकि भुनने के बाद छिलका सरलता से उतर सके। गैस चूल्हे पर एक जाली रखें और उस पर बैंगन और टमाटर रखकर धीमी से मध्यम आंच पर भूनें। इन्हें चिमटे की मदद से बीच-बीच में घुमाते रहें ताकि वे हर तरफ से समान रूप से पककर भीतर तक मुलायम हो जाएं। जब टमाटर और बैंगन का बाहरी छिलका पूरी तरह काला पड़ जाए, तब गैस बंद कर दें और उन्हें किसी प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद काला छिलका सावधानी से उतार लें। अब एक बड़े बर्तन में भुने हुए बैंगन, टमाटर और चार उबले हुए आलू डालें। इन सबको मैशर या हाथों से अच्छी तरह मसल लें। इसके बाद मिश्रण में बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, कटा हरा धनिया, स्वादानुसार नमक, एक नींबू का रस और सरसों का तेल डालकर बढ़िया से मिला लें। इस तरह पारंपरिक धुएं के स्वाद वाला चोखा तैयार हो जाएगा।
लोइयों में सत्तू भरकर बनाएं गोल लिट्टियां
जब आटा अच्छी तरह सेट हो जाए, तो उसे एक बार फिर से मसल लें और छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। अपनी हथेलियों पर हल्का सा घी लगाएं और एक लोई को गोल पेड़े का रूप दें। अब दोनों अंगूठों की मदद से लोई के बीच में दबाव बनाते हुए कटोरी जैसी गहराई तैयार करें। इस खाली जगह में चम्मच से तैयार सत्तू की फिलिंग भरें। इसके बाद आटे के किनारों को चारों तरफ से ऊपर की ओर उठाते हुए बीच में लाकर अच्छी तरह सील कर दें। अतिरिक्त आटे को दबा दें और हल्के हाथों से लिट्टी को गोल आकार दें। इसी प्रक्रिया को दोहराते हुए सारी लिट्टियां तैयार कर लें। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भरावन भरने के बाद लोई में कोई दरार या खुला हिस्सा न रहे, नहीं तो कड़ाही में सेकते समय मसाला बाहर निकल सकता है।
कड़ाही में लिट्टी सेकने की सही विधि
लिट्टी को बिना आग के सेकने के लिए एक भारी तले वाली कड़ाही चुनें ताकि आंच सीधी और बहुत तेज न लगे। कड़ाही की तली में करीब एक चम्मच घी लगाकर चिकना कर लें। अब कड़ाही में तैयार लिट्टियों को थोड़ी दूरी पर रखें और ऊपर से ढक्कन लगा दें। गैस की आंच को धीमा से मध्यम रखें। लगभग 2 से 3 मिनट पकने के बाद ढक्कन हटाएं और चिमटे या चम्मच से लिट्टियों को दूसरी तरफ पलट दें। लिट्टियों को हर 2 से 3 मिनट के अंतराल पर उलटते-पलटते रहें ताकि वे सभी तरफ से एक समान सिकें और उन पर हल्का सुनहरा रंग आ जाए। जब लिट्टियों की बाहरी परत क्रिस्पी और सुनहरी दिखने लगे, तो समझें कि वे अंदर तक पक चुकी हैं, फिर उन्हें कड़ाही से बाहर निकाल लें। यदि आपकी कड़ाही छोटी है तो एक बार में बहुत अधिक लिट्टियां न डालें। कड़ाही के अलावा इन्हें कुकर या अप्पा पैन में भी इसी तरह से सेका जा सकता है। परोसते समय गरमा-गरम लिट्टी को शुद्ध घी में डुबोएं या बीच से हल्का तोड़कर ऊपर से घी डालें और साथ में तैयार चोखा परोसें।



















