दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अपना आशियाना बनाने की ख्वाहिश रखने वाले कम आय वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आमदनी वाले परिवारों के वास्ते ग्रेटर नोएडा में किफायती बहुमंजिला फ्लैटों का निर्माण किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इन नई आवासीय योजनाओं पर मुहर लगा दी गई है। इसके साथ ही बाहर से आजीविका की तलाश में शहर का रुख करने वाले कामगारों और मजदूरों के वास्ते अस्थायी निवास स्थान तैयार करने की योजना को भी मंजूरी दे दी गई है।
जमीन का चयन और फ्लैटों का आकार
अधिकारियों के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पतवाड़ी गांव में लगभग 44,750 वर्गमीटर और ईस्ट क्षेत्र के बिरौंदी गांव के निकट लगभग 18 हजार वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गई है। इन दोनों चुनिंदा स्थानों पर लगभग 30 से 40 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले किफायती फ्लैट विकसित किए जाएंगे। इन प्रस्तावित आवास परियोजनाओं के तहत लगभग 4,000 से 5,000 फ्लैटों का निर्माण किए जाने की उम्मीद है। आवासीय परिसरों में इमारतों की कुल मंजिलों की संख्या को लेकर एक विस्तृत रूपरेखा आने वाले समय में तैयार की जाएगी। निवासियों की आसानी के लिए इन फ्लैटों में लिफ्ट की आधुनिक सुविधा मुहैया कराने का भी प्रावधान रखा गया है।
दैनिक उपयोग की सभी सुविधाएं मिलेंगी परिसर में
इन किफायती आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इन परिसरों के भीतर ही दूध और सब्जियों के बूथ स्थापित किए जाएंगे और साथ ही दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री बेचने वाली दुकानें भी बनाई जाएंगी। इस व्यवस्था से कम आय वाले परिवारों को एक ही जगह पर सभी आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उनके समय और पैसों दोनों की बचत होगी।
महंगे बिल्डर फ्लैटों के विकल्प के तौर पर जरूरत
ग्रेटर नोएडा एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित है, जहां देश के विभिन्न कोनों से बड़ी संख्या में श्रमिक और कामगार रोजगार की तलाश में निरंतर आते रहते हैं। लंबे अर्से तक किराए के मकानों में जीवन बिताने के बाद इनमें से तमाम लोग खुद का मकान खरीदने की इच्छा रखते हैं, लेकिन निजी बिल्डरों द्वारा बेचे जाने वाले फ्लैट उनकी आमदनी की पहुंच से बहुत बाहर और महंगे होते हैं। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए कम लागत वाले आवासों की इस विशेष योजना पर कार्य आरंभ किया गया है। बीते अप्रैल महीने में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद से इस पूरी प्रक्रिया में तेजी आई है और शासन स्तर से भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
प्रवासी कामगारों के लिए बनाए जाएंगे ट्रांजिट हॉस्टल
शहर में बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के रहने की तात्कालिक व्यवस्था के रूप में तुरंत ठिकाने विकसित किए जाएंगे। इस उद्देश्य के लिए इकोटेक-6 और इकोटेक-11 क्षेत्रों में 3,000-3,000 वर्गमीटर भूमि आरक्षित की गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन भूखंडों को श्रम विभाग को बिना किसी शुल्क के स्थानांतरित करेगा। इसके पश्चात उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना के अंतर्गत श्रम विभाग द्वारा यहां श्रमिक आश्रय स्थलों का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस पहल के धरातल पर उतरने से शहर में कदम रखने वाले कामगारों को महंगे होटलों या असुरक्षित अस्थायी ठिकानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।


















