नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले रोजाना के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण ने क्षेत्र में यातायात के दबाव को कम करने के लिए ₹85 करोड़ की लागत से एक नया फ्लाईओवर तैयार करने की हरी झंडी दे दी है। यह नया फ्लाईओवर करीब 500 मीटर लंबा होगा और इसके बन जाने से एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ आवागमन करने वाले लोगों को भारी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सेक्टर 148 और सेक्टर 150 को सीधा जोड़ना है, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से निजात मिल सके।
संकरे अंडरपास से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान स्थिति की बात करें तो सेक्टर 148, सेक्टर 149, सेक्टर 150, सेक्टर 151, सेक्टर 152 और सेक्टर 153 के बीच आने-जाने वाले वाहन चालकों को मजबूरन एक्सप्रेसवे के नीचे बने संकरे अंडरपास का उपयोग करना पड़ता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय यानी पीक ऑवर्स में इन अंडरपास पर गाड़ियों का दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिसकी वजह से वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों का काफी समय बर्बाद होता है। इसके अलावा बरसात के दिनों में यह परेशानी और भी अधिक बढ़ जाती है क्योंकि अंडरपास के अंदर पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित फ्लाईओवर इन सभी समस्याओं का एक प्रभावी विकल्प साबित होगा और लोगों को एक सीधा क्रॉस-एक्सप्रेसवे कनेक्शन प्रदान करेगा।
सेक्टर 148 और 150 के बीच सीधा मार्ग
यह नया फ्लाईओवर सीधे एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजरेगा और सेक्टर 148 को सेक्टर 150 के साथ जोड़ेगा। इस सीधे रास्ते के निर्माण से वाहन चालकों को मौजूदा इंटरचेंज के जरिए लंबा चक्कर काटकर जाने की आवश्यकता कम महसूस होगी। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस बुनियादी ढांचे के तैयार होने से लोगों के सफर का समय काफी हद तक कम हो जाएगा और एक्सप्रेसवे से सटे सभी इलाकों में कनेक्टिविटी में सुधार आएगा।
दो लाख आबादी को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
इस पूरी परियोजना से सेक्टर 148 से लेकर सेक्टर 153 के बीच निवास करने वाली लगभग 2 लाख की आबादी को सीधा फायदा पहुंचेगा। इसके साथ ही आसपास के करीब 20 गांवों के ग्रामीण और स्थानीय नागरिक भी इस सुविधा से लाभान्वित होंगे, जिससे उनका आवागमन आसान हो जाएगा। इस क्षेत्र में लगातार बढ़ते शहरीकरण और तेजी से बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए इस फ्लाईओवर को भविष्य की ट्रैफिक आवश्यकताओं के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में भी वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर काम जारी
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए वर्तमान में डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जा रही है। परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिक मंजूरियों के मिलने के बाद जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्राधिकरण का स्पष्ट रुख है कि इस परियोजना का मुख्य ध्येय एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर बसे सेक्टरों के बीच आपसी संपर्क को बेहतर बनाना, वाहनों के दबाव को नियंत्रित करना और नागरिकों के दैनिक सफर को सुगम बनाना है।



















