मणिपुर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध वसूली और नाकेबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायरजीकैश में पांच दिनों की लगातार तेजी के बाद 1,373 डॉलर की अहम रुकावट पर नजर, ईटीएफ प्रवाह और डेरिवेटिव्स बाजार से मिला सहाराबिहार के मधुबनी से दबोचा गया हमीरपुर हत्याकांड का दूसरा आरोपी, सिर्फ तीन हजार के विवाद में ली थी मिस्त्री की जाननूंह के मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में सुलह की कोशिश बेअसर, आगामी परीक्षाओं के बीच लगातार जारी रहा विद्यार्थियों का आंदोलनजस्टिन सन से जुड़े वॉलेट्स में 3% सप्लाई की चर्चा से उछला पेपे, क्या 0.00000521 डॉलर तक जाएगा भाव?भारतीय रेल के आधुनिकीकरण से चमकी तीन दिग्गज कंपनियों की किस्मत, ऑर्डर बुक और मुनाफे में भारी उछालअमिताभ बच्चन के क्विज शो में गूंजा पलामू टाइगर रिजर्व का नाम, जानिए 1932 की पहली बाघ गणना से जुड़ा इसका गौरवशाली इतिहासभरतपुर में गाय के गोबर और मिट्टी के दीयों से सजेगी दीपावली, महिलाओं ने शुरू किया पर्यावरण अनुकूल शिल्पप्राचीन भारतीय शास्त्रों को लेकर फैलाए गए कई भ्रम, योग गुरु रामदेव ने हरिद्वार में रखी अपनी बातदिवाली कारोबार बचाने के लिए दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी के सामने रखी 20 मिनट की खुली चर्चा की शर्त
गुरुग्राम में एडिडास ने टेक हब के लगभग आधे कर्मचारियों को निकाला, सॉफ्टवेयर और डेटा टीम पर बड़ा असरव्यापार
22 सित॰ 2026, 11:00 pm (36 दिन पहले)· 3

गुरुग्राम में एडिडास ने टेक हब के लगभग आधे कर्मचारियों को निकाला, सॉफ्टवेयर और डेटा टीम पर बड़ा असर

स्पोर्ट्सवियर दिग्गज एडिडास ने गुरुग्राम स्थित टेक्नोलॉजी हब से 45 से 50 फीसदी कर्मियों की छंटनी की है। कुछ कर्मचारियों को तुरंत एग्जिट लेटर थमा दिया गया है जबकि बाकी को 15 दिसंबर तक हैंडओवर का समय मिला है।

अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्सवियर ब्रांड एडिडास के भारतीय टेक्नोलॉजी संचालन में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को हटाने का कदम उठाया गया है। गुरुग्राम स्थित कंपनी के टेक्नोलॉजी केंद्र में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों पर इस फैसले की गाज गिरी है। इस केंद्र में कुल कार्यबल करीब 700 कर्मचारियों का रहा है, जिसमें से लगभग 45 से 50 प्रतिशत कर्मियों को नौकरी से मुक्त किया जा रहा है। हालांकि इस छंटनी की आधिकारिक और सटीक संख्या कंपनी की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।

टाउन हॉल बैठक में मिली छंटनी की सूचना

कर्मचारियों को इस बड़े बदलाव की जानकारी 15 सितंबर को आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के दौरान दी गई। इस कटौती में मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और डेटा इंजीनियर जैसे तकनीकी विशेषज्ञ प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने इन प्रभावित कर्मचारियों को मुख्य रूप से दो अलग-अलग समूहों में वर्गीकृत किया है। पहले समूह में आने वाले कर्मचारियों को उसी दिन यानी 15 सितंबर को तत्काल प्रभाव से बाहर जाने का पत्र थमा दिया गया, जिससे उनकी सेवाएं तुरंत समाप्त हो गईं।

ये भी पढ़ें

दूसरे समूह को हैंडओवर के लिए 15 दिसंबर तक की मोहलत

दूसरे समूह में रखे गए कर्मियों को कुछ समय के लिए अपने पद पर बने रहने का निर्देश दिया गया है। इन कर्मचारियों को 15 दिसंबर तक काम जारी रखने और दूसरे तकनीकी केंद्रों को जरूरी हैंडओवर पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस समयावधि के दौरान प्रभावित कर्मियों को कंपनी के भीतर ही किसी अन्य पद या नई भूमिका की तलाश करने की अनुमति दी गई है। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तारीख तक संस्थान के भीतर कोई नया पद पाने में असमर्थ रहता है, तो 15 दिसंबर ही उसका अंतिम कार्य दिवस माना जाएगा।

संचालन मॉडल में बदलाव और एडिडास का रुख

एडिडास ने भारत में अपनी तकनीकी शाखा के कुछ पदों को समाप्त करने के कठिन निर्णय की पुष्टि की है, यद्यपि उसने प्रभावित लोगों का सही आंकड़ा साझा करने से परहेज किया। कंपनी के अनुसार, यह कदम बदलते व्यापारिक माहौल और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपने ऑपरेटिंग मॉडल को ढालने के लिए उठाया गया है। संस्थान की आंतरिक संरचना को सरल बनाने, प्रमुख क्षमताओं को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के उद्देश्य से यह पुनर्गठन किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत कंपनी के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार बना रहेगा और यहां का केंद्र आगे भी डिजिटल बदलाव तथा नवाचार में अपनी अहमियत बनाए रखेगा।

सवाल-जवाब

एडिडास ने किस शहर के टेक हब में छंटनी की है?
एडिडास ने भारत में हरियाणा के गुरुग्राम स्थित अपने इंडिया टेक्नोलॉजी हब में कर्मचारियों की छंटनी की है।
इस कटौती से कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं?
इस केंद्र के कुल 700 कर्मचारियों में से लगभग 45 से 50 प्रतिशत स्टाफ पर छंटनी का असर पड़ा है।
कर्मचारियों को इस फैसले की सूचना कब और कैसे दी गई?
कंपनी ने 15 सितंबर को आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के दौरान कर्मियों को इस निर्णय के बारे में बताया।
किन तकनीकी पदों के कर्मियों पर सबसे अधिक असर पड़ा है?
इस कटौती से मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और डेटा इंजीनियर जैसे तकनीकी पद प्रभावित हुए हैं।
दूसरे समूह के कर्मचारियों के पास काम करने के लिए कब तक का समय है?
दूसरे समूह के कर्मचारियों को हैंडओवर पूरा करने और आंतरिक भूमिकाएं खोजने के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है।
कंपनी ने इस छंटनी के पीछे क्या वजह बताई है?
कंपनी ने कहा कि व्यापार की बदलती जरूरतों के हिसाब से ऑपरेटिंग मॉडल को ढालने और संगठन को सरल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp