बजट एयरलाइन स्पाइसजेट के सामने नई परिचालन और वित्तीय अड़चनें खड़ी हो गई हैं। कंपनी के क्षेत्रीय बेड़े का संचालन करने वाले लगभग 40 Q400 पायलटों ने अपने बकाये वेतन का भुगतान न होने तक विमान उड़ाने से साफ इनकार कर दिया है। इस विरोध के कारण एयरलाइन की सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है, हालांकि कंपनी प्रबंधन की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया है।
बकाया भुगतान को लेकर पायलटों का कड़ा रुख
विमानन क्षेत्र में हाल ही में सामने आए इस घटनाक्रम के अनुसार, बॉम्बार्डियर Q400 टर्बोप्रॉप विमानों का संचालन करने वाले लगभग 40 पायलटों ने सामूहिक रूप से यह फैसला लिया है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक प्रबंधन उनके बकाये वेतन का पूरा भुगतान नहीं करता, वे कॉकपिट में वापस नहीं लौटेंगे। हालांकि, पायलटों की कितनी सैलरी रुकी हुई है और यह बकाया कितने महीनों से लंबित है, इसका आधिकारिक ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पायलट संगठन अल्फा इंडिया ने दिया खुला समर्थन
पायलटों के इस कदम के बाद एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA India) उनके समर्थन में आगे आया है। संगठन ने 9 अक्टूबर को अपने सदस्यों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक पत्र भेजकर आंदोलनकारी क्रू मेंबर्स के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पायलटों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और इस मसले के समाधान के लिए उन्हें नैतिक, पेशेवर और हर आवश्यक मदद देने को तैयार है।
एसोसिएशन ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि Q400 उड़ाने वाले पायलट यह कदम अपने अधिकारों, पेशेवर स्वाभिमान और विमानन सुरक्षा के तय मानकों की रक्षा के लिए उठा रहे हैं। संगठन के मुताबिक, लंबे समय से जारी वित्तीय और परिचालन गड़बड़ियों के चलते विमानकर्मी अत्यधिक मानसिक तनाव और अनिश्चितता के माहौल में ड्यूटी करने को मजबूर हैं।
गंभीर आर्थिक संकट और बेड़े के संचालन पर असर
स्पाइसजेट पिछले कई महीनों से लगातार आर्थिक और संचालन संबंधी दिक्कतों का सामना कर रही है। स्थिति यह हो गई है कि बकाये का समय पर भुगतान न होने के कारण कुछ वेंडरों ने एयरलाइन को विमानों से जुड़ी जरूरी सेवाएं देने से भी हाथ पीछे खींचना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों के वेतन में लगातार देरी और भत्तों का न मिलना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
विमानों के आंकड़ों पर नजर रखने वाले डेटा के अनुसार, स्पाइसजेट के कुल बेड़े में से केवल 10 विमान ही सक्रिय रूप से उड़ान भर रहे हैं, जिनमें दो Q400 टर्बोप्रॉप शामिल हैं। इसके विपरीत, कंपनी के 37 विमान वर्तमान में जमीन पर खड़े हैं। परिचालन में आ रही इन गड़बड़ियों और बार-बार पैदा हो रहे संकट के चलते विमानन नियामक DGCA भी एयरलाइन की समग्र गतिविधियों और कार्यप्रणाली पर लगातार नजर बनाए हुए है।















