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ईरान के 7 अरब डॉलर भारत में अटके, जानिए 2018 के एक अमेरिकी फैसले ने कैसे फंसाई इतनी बड़ी रकमव्यापार
17 जून 2026, 11:30 pm (45 दिन पहले)· 3

ईरान के 7 अरब डॉलर भारत में अटके, जानिए 2018 के एक अमेरिकी फैसले ने कैसे फंसाई इतनी बड़ी रकम

पश्चिम एशिया में तनाव घटने के बीच ईरान ने विदेशों में फंसी अपनी अरबों डॉलर की संपत्ति का मुद्दा फिर उठाया है। भारत में ईरान के करीब 7 अरब डॉलर तेल भुगतान के रूप में सालों से अटके हैं, जिसकी जड़ अमेरिकी प्रतिबंध हैं।

पश्चिम एशिया में हालात धीरे-धीरे शांत होने के संकेत मिल रहे हैं, और इसी माहौल में ईरान ने एक पुराना लेकिन बेहद अहम मसला फिर से सामने रख दिया है। तेहरान का कहना है कि दुनिया के कई देशों में उसके अरबों डॉलर अटके पड़े हैं और इन्हें वापस पाने के लिए वह लगातार बातचीत कर रहा है। इस सूची में जो नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में है, वह भारत का है।

TrendKia की पड़ताल के मुताबिक, भारत में ईरान के करीब 7 अरब डॉलर लंबे समय से फंसे हुए हैं। यह रकम मुख्य रूप से उस कच्चे तेल की खरीद से जुड़ी है, जो भारत ने सालों पहले ईरान से खरीदा था लेकिन जिसका पूरा भुगतान आज तक नहीं हो पाया।

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जड़ में है 2018 का एक अमेरिकी फैसला

इस पूरे पेच की शुरुआत समझने के लिए 2018 में लौटना होगा। उस साल अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया। इसके तुरंत बाद ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध दोबारा थोप दिए गए।

इन प्रतिबंधों की मार सिर्फ ईरान पर नहीं पड़ी। जो भी देश उससे कारोबार कर रहे थे, उन सबकी मुश्किलें बढ़ गईं। भारत उस दौर में ईरान से तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में गिना जाता था। नतीजा यह हुआ कि भारतीय बैंकों और कंपनियों के लिए भुगतान करना टेढ़ी खीर बन गया और एक बड़ी रकम बीच में ही अटककर रह गई।

भारत आखिर पैसा भेज क्यों नहीं पाया

यहां असली पेच डॉलर का है। अंतरराष्ट्रीय तेल कारोबार का बहुत बड़ा हिस्सा अमेरिकी डॉलर में ही होता है। अमेरिका की वित्तीय व्यवस्था की पकड़ इतनी मज़बूत है कि प्रतिबंध तोड़ने वाले बैंकों को दुनिया के भुगतान नेटवर्क से ही बाहर किया जा सकता है।

इसी डर ने भारतीय वित्तीय संस्थानों को ईरान को तेल का भुगतान रोकने पर मजबूर कर दिया। भारत के पास रास्ते बेहद सीमित थे, क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों को नज़रअंदाज़ करने का सीधा मतलब था भारतीय बैंकों और कंपनियों को भारी वित्तीय चोट का जोखिम मोल लेना।

सिर्फ भारत नहीं, कई देशों में फंसा है ईरान का पैसा

यह समस्या अकेले भारत तक सीमित नहीं है। चीन, इराक, जापान, कतर और कुछ अन्य देशों में भी ईरान की मोटी रकम अटकी बताई जाती है। अनुमान है कि सबसे ज़्यादा पैसा चीन में फंसा है। दक्षिण कोरिया में रुकी कुछ राशि को पहले स्थानांतरित करने की कोशिश ज़रूर हुई थी, लेकिन बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों और नए प्रतिबंधों के चलते कई भुगतान प्रक्रियाएं अधूरी ही रह गईं।

खुद ईरान का दावा है कि विदेशों में उसकी कुल फंसी संपत्ति 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है, हालांकि कई विशेषज्ञ इस आंकड़े को असल से ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मानते हैं।

ईरान के लिए इतनी अहम क्यों है यह रकम

बरसों से प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव से जूझ रहे ईरान के लिए यह फंड किसी संजीवनी से कम नहीं। अगर फंसी रकम का एक हिस्सा भी हाथ लग जाए तो उसकी डगमगाती अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है। घरेलू बाजार में नकदी बढ़ेगी, सरकारी खर्चों को सहारा मिलेगा और ठहरे हुए विदेशी व्यापार को रफ्तार मिल सकती है। यही वजह है कि ईरान इन संपत्तियों को छुड़ाने के लिए लगातार कूटनीतिक दांव चल रहा है।

भारत और ईरान के रिश्तों पर असर

भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के पुराने और गहरे रिश्ते रहे हैं। ऐसे में फंसे हुए भुगतान का यह मसला आने वाले समय में दोनों देशों की आर्थिक बातचीत का अहम हिस्सा बना रह सकता है। राहत की बात यह है कि इसे सीधे तौर पर भारत की चूक नहीं माना जाता, क्योंकि भुगतान रुकने की असली वजह अमेरिकी प्रतिबंध रहे।

अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत क्या कोई ऐसा रास्ता खोल पाएगी, जिससे वर्षों से अटकी यह रकम आखिरकार बाहर निकल सके।

सवाल-जवाब

भारत में ईरान का कितना पैसा फंसा है?
रिपोर्टों के अनुसार भारत में ईरान के करीब 7 अरब डॉलर लंबे समय से अटके हुए हैं, जो मुख्य रूप से कच्चे तेल की खरीद से जुड़े हैं।
यह रकम क्यों फंस गई?
2018 में अमेरिका के परमाणु समझौते से बाहर निकलने और ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगने के बाद भारतीय बैंकों के लिए डॉलर में भुगतान करना जोखिम भरा हो गया, इसलिए भुगतान रुक गया।
क्या ईरान का पैसा सिर्फ भारत में अटका है?
नहीं, चीन, इराक, जापान, कतर और दक्षिण कोरिया जैसे कई देशों में भी ईरान की बड़ी रकम फंसी है, और सबसे ज़्यादा चीन में होने का अनुमान है।
ईरान का कुल कितना पैसा विदेशों में फंसा है?
ईरान का दावा है कि यह राशि 100 अरब डॉलर तक हो सकती है, हालांकि कुछ विशेषज्ञ इस आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मानते हैं।
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