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खेती के साथ बढ़ेगी कमाई: मधुमक्खी पालन पर मिल रही 40% सब्सिडी, 50 बक्सों से सालाना 3 लाख तक की आमदनीव्यापार
12 जून 2026, 8:45 pm (46 दिन पहले)· 1

खेती के साथ बढ़ेगी कमाई: मधुमक्खी पालन पर मिल रही 40% सब्सिडी, 50 बक्सों से सालाना 3 लाख तक की आमदनी

उद्यान विभाग मधुमक्खी पालन पर 50 बक्सों के लिए 1,28,000 रुपये का अनुदान और 40% सब्सिडी दे रहा है, जिससे किसान फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ करीब 3 लाख रुपये तक कमा सकते हैं।

अगर आप खेती करते हैं और फसल के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त आमदनी का जरिया तलाश रहे हैं, तो मधुमक्खी पालन आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है। यह एक ऐसा काम है जिसमें खर्च कम और मुनाफा ज्यादा है, और इसका असर सीधे फसलों की पैदावार बढ़ाने पर भी पड़ता है। खास बात यह है कि उद्यान विभाग इस पर अच्छी-खासी सब्सिडी भी दे रहा है। चलिए, इसकी पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।

उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता के मुताबिक, मधुमक्खी पालन से खेती का चौतरफा फायदा मिलता है। इससे जहां किसानों को रोजगार और बेहतर कमाई का जरिया मिलता है, वहीं परागण यानी पॉलिनेशन की प्रक्रिया से फसल का उत्पादन करीब 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में आमतौर पर इसकी शुरुआत अक्टूबर महीने के बाद की जाती है, जब सरसों और लाही जैसी फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी होती है। इसी दौरान मधुमक्खियां सरसों के फूलों से शहद जुटाती हैं।

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अगर कोई किसान 50 बक्सों के साथ इस काम की शुरुआत करता है, तो उसे जल्द ही अच्छी आमदनी होने लगती है। सरकार की ओर से इन 50 बक्सों पर 1,28,000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। 50 बक्सों से मधुमक्खी पालन शुरू करने में करीब 3,00,000 रुपये का खर्च आता है, जिस पर उद्यान विभाग 40 प्रतिशत की सब्सिडी दे रहा है। यह सरकारी मदद पालतू इटालियन नस्ल की मधुमक्खियों के लिए दी जाती है, जो आमतौर पर काटती नहीं हैं। ये मधुमक्खियां करीब 3 किलोमीटर के दायरे में घूम-घूमकर शहद इकट्ठा करती हैं और शाम होते ही वापस अपने बॉक्स में लौट आती हैं।

50 बक्सों से 3 लाख तक की कमाई मुमकिन

उद्यान अधिकारी का कहना है कि मधुमक्खी पालन का सही प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उद्यान विभाग के साथ-साथ कृषि विज्ञान अनुशासन केंद्र, पिलखी से हासिल की जा सकती है। इसके अलावा रतनपुरा में रखे गए मधुमक्खी बक्सों को देखकर भी व्यावहारिक समझ हासिल की जा सकती है। नेशनल बी बोर्ड में पंजीकरण कराकर इसे एक संगठित कारोबार का रूप दिया जा सकता है। 50 बक्सों के लिए महज 1 से 2 विस्वा जमीन की जरूरत पड़ती है और इससे करीब 3,00,000 रुपये तक की कमाई हो सकती है। बाग, खेत या किसी भी उपयुक्त जगह पर बक्से रखकर यह काम आसानी से किया जा सकता है।

उद्यान विभाग से ऐसे उठाएं योजना का फायदा

इस काम को शुरू करने के इच्छुक किसानों को सबसे पहले उद्यान विभाग से संपर्क करना होगा। विभाग से सही जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन लेकर किसान यह कारोबार शुरू कर सकते हैं और अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। मधुमक्खी पालन को आसान और मुनाफे वाला काम इसलिए माना जाता है, क्योंकि शहद की मांग लगभग हर घर में बनी रहती है। कम लागत में ज्यादा शहद और बाजार में उसकी अच्छी कीमत मिलने से यह एक बढ़िया कारोबार बन जाता है। ऐसे में अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो उद्यान विभाग में पंजीकरण जरूर कराएं, ताकि सरकारी अनुदान और दूसरी सुविधाएं आपको वक्त पर मिल सकें।

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