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मेरठ के मछली पालकों को बड़ा मौका: तालाब, नाव-जाल और एरेशन सिस्टम पर मिलेगा 40% तक अनुदान, 28 जून तक करें ऑनलाइन आवेदनव्यापार
13 जून 2026, 4:46 pm (46 दिन पहले)· 0

मेरठ के मछली पालकों को बड़ा मौका: तालाब, नाव-जाल और एरेशन सिस्टम पर मिलेगा 40% तक अनुदान, 28 जून तक करें ऑनलाइन आवेदन

मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तीन सब्सिडी योजनाओं के तहत ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं, जिनमें तालाब प्रोजेक्ट, नाव-जाल और एरेशन सिस्टम पर 40% तक का अनुदान मिलेगा। आवेदन की अंतिम तारीख 28 जून 2026 है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में मछली पालन से जुड़े बहुत से युवा इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। कई ने तो इसके लिए तालाब पट्टे पर भी ले रखे हैं और लंबे समय से किसी ऐसी सरकारी मदद का इंतजार कर रहे थे, जिससे उनका काम और मजबूत हो सके। अब मत्स्य विभाग की ओर से जारी की गई योजनाएं ऐसे ही मछली पालकों के लिए बड़ा सहारा बन सकती हैं।

तीन योजनाएं, एक पोर्टल और 28 जून की डेडलाइन

मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिनोद कुमार ने लोकल18 को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्य विभाग ने राज्य सेक्टर की तीन योजनाओं के तहत आम लोगों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। ये योजनाएं हैं — मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना और सघन मत्स्य पालन के लिए एरेशन सिस्टम की स्थापना योजना। इनके लिए विभागीय पोर्टल पर आवेदन की सुविधा 28 जून 2026 तक खुली रखी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मछली पालक इसका लाभ उठा सकें। खास बात यह है कि तीनों योजनाओं में विशेष रूप से सब्सिडी दी जा रही है।

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तालाब पट्टे पर लिया है तो चार लाख तक के प्रोजेक्ट पर 40% अनुदान

बिनोद कुमार के मुताबिक, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का फायदा उन मछली पालकों को मिलेगा जिन्होंने पट्टे पर तालाब ले रखे हैं और उस पर प्रोजेक्ट लगाना चाहते हैं। ऐसे लोगों को चार लाख तक की लागत पर विभाग की ओर से 40% अनुदान दिया जाएगा। इससे न सिर्फ मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मछली के बीज के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

नाव और जाल खरीदने पर भी मिलेगी राहत

उन्होंने बताया कि निषादराज बोट योजना के तहत मछुआरों को नाव, जाल और मछली पालन से जुड़े दूसरे उपकरण खरीदने पर भी 40% का अनुदान मिलेगा। इसका मकसद यह है कि मछुआरे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर अपने काम को और बेहतर बना सकें।

एरेशन सिस्टम क्यों है गर्मियों में जरूरी

तीसरी योजना सघन मत्स्य पालन के लिए एरेशन सिस्टम की स्थापना से जुड़ी है, जिस पर सरकार विशेष सब्सिडी दे रही है ताकि इस दिशा में काम कर रहे मछली पालक अपने तालाबों में एरेशन सिस्टम लगवा सकें। यह सिस्टम गर्मी के मौसम में पानी में ऑक्सीजन के स्तर को संतुलित रखता है, जिससे मछलियों की मौत की आशंका काफी घट जाती है। साथ ही यह मछलियों की ग्रोथ बढ़ाने में भी मददगार साबित होता है। बिनोद कुमार ने कहा कि ज्यादा जानकारी के लिए मछली पालक विभाग की वेबसाइट देख सकते हैं।

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