बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मिलाद-उन-नबी के पावन अवसर पर देश के कई हिस्सों में स्कूल, बैंक और सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहेगा। इस पर्व को ईद-ए-मिलाद या मौलिद के नाम से भी जाना जाता है, जो पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिवस की याद में मनाया जाता है।
केंद्र सरकार की छुट्टी और विविधता
यह दिन साल 2026 के केंद्र सरकार के हॉलिडे कैलेंडर में राजपत्रित अवकाश के रूप में शामिल है। हालांकि, इस राष्ट्रीय अवकाश का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि देश भर के हर कोने में सभी स्कूल, बैंक और प्राइवेट दफ्तर अनिवार्य रूप से बंद रहेंगे। स्थानीय नियमों और क्षेत्रीय कैलेंडरों के आधार पर छुट्टियों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
स्कूलों में अवकाश की स्थिति
देश के तमाम हिस्सों में स्कूलों के बंद रहने की पूरी संभावना है क्योंकि कई राज्यों के शैक्षणिक और सरकारी कैलेंडरों में यह दिन दर्ज है। इसके अलावा केरल में इसी दिन ओणम और थिरुओणम का त्योहार होने के कारण वहां के स्कूल भी बंद रहेंगे। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने राज्य के शिक्षा विभाग या संबंधित स्कूल प्रशासन से इसकी पुष्टि जरूर कर लें।
बैंकों की छुट्टियों का हाल
मिलाद-उन-नबी के मौके पर कई जगहों पर बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन यह देशव्यापी बंदी नहीं है। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, केरल, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत कई राज्यों और शहरों के बैंक हॉलिडे कैलेंडर में इस दिन छुट्टी घोषित की गई है। केरल में ओणम के कारण भी बैंक बंद रहेंगे।
डिजिटल बैंकिंग और अन्य सेवाएं
बैंक शाखाओं के बंद होने से ग्राहकों की ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं नहीं रुकेंगी। लोग यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम का इस्तेमाल बिना किसी बाधा के कर सकते हैं, हालांकि कुछ विशेष तकनीकी नियमों के तहत लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं। जिन्हें कैश जमा करने या चेक संबंधी जरूरी काम के लिए बैंक शाखा जाना है, उन्हें छुट्टी से पहले ही अपने काम निपटा लेने चाहिए।
न्यायालय और प्राइवेट सेक्टर का हाल
मिलाद-उन-नबी को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वर्ष 2026 के हॉलिडे कैलेंडर में भी 26 अगस्त को ही शामिल किया गया है। जहां तक प्राइवेट कंपनियों का सवाल है, वे आमतौर पर अपने आंतरिक हॉलिडे कैलेंडर का पालन करती हैं। इसलिए निजी क्षेत्र के दफ्तरों के बंद होने का कोई एक समान नियम नहीं है और कर्मचारियों को अपने दफ्तर के एचआर विभाग से इस बारे में जानकारी लेनी चाहिए।



















