महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के बहुचर्चित पेपर लीक प्रकरण में मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋतुजा पाटिल को नंदुरबार से अपनी हिरासत में ले लिया है। इस मामले में ऋतुजा एक अभ्यर्थी भी थी और उसने अपनी परीक्षा की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7वीं रैंक हासिल की थी। इस ताज़ा हिरासत के बाद इस आपराधिक षड्यंत्र में शिकंजे में कसे गए कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 7 तक पहुंच गई है, जिन्हें अदालत में पेश किए जाने के बाद 2 सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
परीक्षा से दो दिन पहले हाथ लगा था पर्चा
पुलिस की शुरुआती जांच के दायरे से बचने के लिए ऋतुजा पाटिल को बेहद शातिर तरीके से सलाह दी गई थी। उसे परीक्षा से दो दिन पहले ही लीक हुआ प्रश्नपत्र मुहैया करा दिया गया था, लेकिन किसी को भी उस पर शक न हो, इसके लिए उसे जानबूझकर 10 सवालों के जवाब गलत करने की हिदायत दी गई थी ताकि मामला पूरी तरह सामान्य नजर आए। इस पूरी धोखाधड़ी के खुलासे के पीछे एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब एक प्रेमी ने ब्रेकअप के बाद अपनी प्रेमिका और उसके पिता के जरिए लीक पेपर खरीदने की पूरी पोल पट्टी जनता और जांच अधिकारियों के सामने खोल दी, जिससे इस पूरे रैकेट की परतें उधड़ गईं।
22 मार्च को आयोजित हुई थी परीक्षा
यह पूरी गड़बड़ी महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा 22 मार्च को आयोजित की गई ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध दावों के मुताबिक, परीक्षा के शुरू होने से पहले ही यानी 20 मार्च को ही 78 सवाल व्हाट्सएप ग्रुप पर धड़ल्ले से साझा कर दिए गए थे। जैसे ही इस सनसनीखेज पेपर लीक की परतें खुलीं और इसकी पूरी कहानी बाहर आई, आयोग ने तुरंत प्रभाव से इस भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का बड़ा फैसला लिया। पुलिस इस वक्त सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे सक्रिय बड़े सिंडिकेट और रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई कि मुख्य आरोपी ऋतुजा पाटिल ने इस लीक पेपर को खरीदने के लिए सबसे पहले अपने प्रेमी से पैसों की भारी मांग की थी।
महाराष्ट्र MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती की सिलसिलेवार टाइमलाइन
29 जुलाई 2025: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के अंतर्गत ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B के पदों को भरने के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी किया था।
22 मार्च 2026: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती की स्क्रीनिंग परीक्षा का आयोजन महाराष्ट्र के कुल छह विभागीय मुख्यालयों पर ऑफलाइन माध्यम से संपन्न हुआ।
12 जून 2026: इस स्क्रीनिंग परीक्षा के आधिकारिक परिणाम घोषित किए गए, जिसके बाद कुल 506 उम्मीदवारों को अगले चरण यानी इंटरव्यू के लिए पूरी तरह योग्य ठहराया गया।
1 से 22 जुलाई 2026: योग्य घोषित किए गए उम्मीदवारों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें कुल 488 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भाग लिया।
21 जुलाई 2026: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को परीक्षा के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़ी हुई पहली आधिकारिक शिकायत प्राप्त हुई।
22 से 26 जुलाई 2026: आयोग के पास विभिन्न उम्मीदवारों और कई जनप्रतिनिधियों की तरफ से लगातार शिकायतें पहुंचती रहीं। इन शिकायतों में मुख्य आरोप यह था कि परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च को ही कुछ खास उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र के सवाल मिल गए थे और इन्हें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या अन्य डिजिटल माध्यमों से आपस में साझा किया गया था।
22 जुलाई 2026: इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के ठीक बाद 488 उम्मीदवारों की एक अस्थायी सामान्य मेरिट सूची सार्वजनिक की गई। इसमें 485 उम्मीदवारों को ड्रग इंस्पेक्टर के पद के लिए योग्य माना गया जबकि तीन उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए।
27 जुलाई 2026: शिकायतों की गंभीरता और लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए आयोग ने मुंबई पुलिस को इस पूरे मामले की गहन जांच करने का औपचारिक अनुरोध भेजा। इसी दौरान इस पेपर लीक के आरोपों को लेकर राज्य में सियासी घमासान और राजनीतिक विवाद भी काफी तेज हो गया।
जुलाई का अंतिम सप्ताह: मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले की अपनी प्राथमिक जांच को अंजाम दिया और अपनी विस्तृत रिपोर्ट सीधे आयोग को सौंप दी। इस शुरुआती जांच में प्रथम दृष्टया यह साफ हो गया कि परीक्षा से पहले एक खास उम्मीदवार को प्रश्नों का सेट मिला था और उसे इस गैरकानूनी तरीके से फायदा पहुंचाया गया था।
25 अगस्त 2026: तमाम सबूतों और रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B की पूरी की पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही रद्द करने की आधिकारिक घोषणा कर दी। आयोग ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि परीक्षा की गोपनीयता, उसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनता तथा उम्मीदवारों के भरोसे को कायम रखने के लिए यह कड़ा निर्णय लेना बेहद जरूरी था।
आगे की क्या है रूपरेखा
भर्ती रद्द होने के बाद आयोग अब इन ड्रग इंस्पेक्टर पदों के लिए दोबारा से नई सिरे से स्क्रीनिंग परीक्षा का आयोजन करेगा। राहत की बात यह है कि जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए पहले ही आवेदन किया हुआ था, उन्हें दोबारा नया आवेदन करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी और न ही उनसे इसके लिए किसी भी तरह का अतिरिक्त परीक्षा शुल्क वसूला जाएगा। इस नई परीक्षा की तारीख की घोषणा आयोग द्वारा उचित समय आने पर बाद में की जाएगी। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करके विस्तृत रिपोर्ट देख सकते हैं तथा इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को समझने के लिए इस लिंक पर जा सकते हैं।



















