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बिश्केक एससीओ शिखर सम्मेलन: आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख और द्विपक्षीय बैठकों का दौरदुनिया
1 सित॰ 2026, 5:45 pm (53 दिन पहले)· 4

बिश्केक एससीओ शिखर सम्मेलन: आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख और द्विपक्षीय बैठकों का दौर

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया और वैश्विक नेताओं से कई अहम मुलाकातें कीं।

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के 26वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जिनके साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस महत्वपूर्ण यात्रा में शामिल रहे। सम्मेलन की शुरुआत के साथ ही कूटनीतिक गतिविधियों का दौर तेजी से आगे बढ़ा और विभिन्न देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच कई अनौपचारिक एवं औपचारिक बैठकें देखने को मिलीं।

विदेशी समकक्षों के साथ कूटनीतिक मुलाकातें

शिखर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों के साथ हुई अपनी अनौपचारिक मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं। इन तस्वीरों में रूसी विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ उनकी बातचीत के दृश्य शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन से भी मुलाकात की और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। चीन के विदेश मंत्री वांग यी से हुई उनकी मुलाकात भी कूटनीतिक हलकों में खासी चर्चा का विषय रही।

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एससीओ के 25 वर्ष और मुख्य थीम

यह विशेष सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना के पच्चीस वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित किया गया। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय स्थायी शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर काम करना निर्धारित किया गया था। इस वैश्विक आयोजन में दुनिया के कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल रहे। सम्मेलन के दौरान इन तीनों नेताओं की आपसी उपस्थिति और उनके बीच हुई द्विपक्षीय बैठकों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का स्पष्ट संदेश

शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद की वैश्विक समस्या पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उपस्थिति के बीच उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस गंभीर खतरे से निपटने के दौरान किसी भी प्रकार का दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आतंकवाद के पूरे तंत्र को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने की जोरदार वकालत की, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

सवाल-जवाब

एससीओ शिखर सम्मेलन 2026 कहाँ आयोजित किया गया?
यह शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित किया गया।
भारतीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
इस सम्मेलन का मुख्य विषय क्या था?
सम्मेलन का थीम स्थायी शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर काम करना रखा गया था।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किन प्रमुख नेताओं से मुलाकात की?
उन्होंने रूस, ईरान, ताजिकिस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों के साथ बैठकें कीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर कोई दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए और इसके पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त किया जाना चाहिए।
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