जीवन भर की पूंजी और सपनों से खड़े किए गए कारोबार को प्रकृति का एक भयंकर प्रकोप किस तरह पल भर में तबाह कर सकता है, इसकी बानो की एक दर्दनाक दास्तान नेपाल से सामने आई है। यहाँ के नुवाकोट इलाके में रहने वाले रामकृष्ण के लिए यह हादसा किसी डरावने सपने जैसा है, जब 26 अगस्त को रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने उनके बरसों के संघर्ष को मलबे और पानी में मिला दिया। इस भयंकर आपदा ने उनके पूरे पोल्ट्री फार्म को नेस्तनाबूद कर दिया, जिसमें 22,000 मुर्गियां और 420 बोरियों दाना पानी में बह गया। नेपालभर में इस जलप्रलय ने अब तक 939 बेकसूर नागरिकों की जिंदगी छीन ली है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
त्रिशूली नदी के सैलाब में तबाह हुआ आशियाना और बिजनेस
इस आपदा का सबसे विकराल रूप भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में देखने को मिला, जहाँ देखते ही देखते पूरा त्रिशूली बाजार पानी में डूब गया। इस इलाके में अपना पोल्ट्री फार्म संचालित करने वाले रामकृष्ण ने अपने भयानक अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पानी के तेज बहाव में सब कुछ बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा, हम किसी तरह कूदकर अपनी जान बचा पाए। उनके अनुसार वाहन तो मरम्मत के बाद ठीक हो जाएगा, लेकिन उनकी 22,000 मुर्गियों का पूरा स्टॉक बाढ़ अपने साथ ले गया। अब उनके सामने बैंक का कर्ज चुकाने के लिए शून्य से दोबारा शुरुआत करने की बड़ी चुनौती आन खड़ी हुई है।
मौत का बढ़ता आंकड़ा और लापता लोगों की तलाश
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, नुवाकोट इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, जहाँ अकेले 95 लोगों की जान जा चुकी है। पूरे देश में तबाही का दायरा बहुत व्यापक है, और इस प्राकृतिक आपदा में कुल 939 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा, देश भर में 279 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सबसे गंभीर चिंता का विषय लापता लोगों का आंकड़ा है, क्योंकि पूरे नेपाल में अभी भी 3,925 लोग लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षित निकाले गए भारतीय नागरिक और राहत कार्य
इस भीषण त्रासदी के बीच राहत और बचाव दलों का काम उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर सामने आया है। प्रशासन और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से अब तक कुल 11,379 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, नेपाल में इस संकट के बीच फंसे 158 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वर्तमान समय में नेपाली सेना बिदुर और उसके आसपास के तमाम प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात राहत कार्यों में जुटी हुई है ताकि हर पीड़ित तक आवश्यक मदद पहुँचाई जा सके।



















