ऊर्जा बाजारों में हफ्ते की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई है, जहां मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव घटने की संभावनाओं ने तेल की कीमतों को नीचे धकेल दिया। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में 3 प्रतिशत से अधिक की नरमी दर्ज की गई, जिसके चलते भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गए। भारतीय जिंस बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर भी इस सुस्ती का व्यापक असर देखने को मिला, जहां अनुबंधों में 3.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
घरेलू वायदा बाजार में बिकवाली का दबाव
भारतीय वायदा मंच एमसीएक्स पर 19 नवंबर अनुबंध वाले कच्चे तेल का मूल्य 3.53 प्रतिशत टूटकर 9586.00 रुपये प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। बाजार विश्लेषक और केडिया एडवाइजरी के प्रमुख अजय केडिया के अनुसार, तेल की कीमतें हाल के सप्ताहों में दर्ज किए गए अपने उच्च स्तर से काफी नीचे फिसल गई हैं। बाजार में हिस्सा लेने वाले कारोबारी एक ओर संघर्ष विराम से जुड़ी कूटनीतिक चर्चाओं पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जोखिम का भी आकलन कर रहे हैं।
राजनयिक हलचल और बातचीत का तीसरा दौर
क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए कतर और ईरान के शीर्ष प्रतिनिधियों के मध्य लगातार तीसरे दिन औपचारिक वार्ता संपन्न हुई। इस संवाद का मुख्य मकसद अमेरिका में आगामी मध्यावधि मतदान से पूर्व ईरान से जुड़े अमेरिका-इजरायल विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना है। हालांकि इस दौरान ईरान की तरफ से यह कड़ी चेतावनी भी आई है कि यदि उस पर किसी प्रकार का नया प्रहार किया गया, तो वह सीमावर्ती मुल्कों में स्थित अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को सीधा निशाना बनाकर पलटवार करेगा।
अमेरिकी रुख और उत्पादन नीति की स्थिति
दूसरी तरफ, राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि चुनावों के संपन्न होने से पहले अमेरिका की तरफ से ईरान पर कोई नया सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। आपूर्ति मोर्चे की बात करें तो सप्ताहांत में ओपेक+ के सदस्य देशों ने अपनी मौजूदा उत्पादन योजनाओं की समीक्षा की और यह सहमति बनाई कि दिसंबर तक तेल निकालने के वर्तमान लक्ष्यों में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा।
वैश्विक स्तर पर डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट का हाल
सोमवार को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:30 बजे अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में भारी उतार-चढ़ाव दिखा, जब डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.18 प्रतिशत फिसलकर 100.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसी समयावधि में ब्रेंट क्रूड का भाव भी 3.01 प्रतिशत गिरकर 110.02 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर दर्ज किया गया। इसके विपरीत, मुरबन क्रूड की दरों में स्थिरता देखी गई और यह बिना किसी परिवर्तन के 114.81 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े पर बना रहा।


















