दीवाली के बाद हैदराबाद की सड़कों पर उतरते हैं मुर्रा बुल, सदर उत्सव में दिखता है अनोखा अंदाजधनतेरस पर ₹2000 से ₹8000 के बजट में चांदी की उपयोगी खरीदारी के 7 स्मार्ट विकल्पमथुरा के बरसाना और नंदगांव के बीच सदियों से क्यों नहीं होते वैवाहिक संबंध, जानिए पूरी परंपराअक्टूबर 2026 में पैसेंजर कारों की रिकॉर्ड बिक्री, मारुति सुजुकी शीर्ष पर तो टाटा मोटर्स दूसरे पायदान पर पहुंचीकमल की नक्काशी वाली आइवरी साड़ी में नीता अंबानी का जन्मदिन पर ग्रेसफुल अंदाजतेहरान में बेटी की मौत के बाद ईरानी सुरक्षाबलों की पहचान उजागर करने में जुटी निर्वासित मांन्यूजीलैंड दौरे पर भुवनेश्वर कुमार को मौका देना चयनकर्ताओं की बड़ी चूक, इरफान पठान ने उठाए सवालशिमला में असम सीएम का कांग्रेस पर हमला, 1984 दंगों पर माफी और मतदाता सूची विवाद पर पूछे तीखे सवालअफगानिस्तान से लाकर खैबर पख्तूनख्वा में आतंकियों को बसाने की बात शहबाज शरीफ ने मानी, इमरान खान पर मढ़ा दोषधनतेरस पर शुक्र का राशि परिवर्तन तीन राशियों के लिए लाएगा भारी धन लाभ
पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों से फिसला कच्चा तेल, घरेलू वायदा और वैश्विक बाजारों में भारी नरमीव्यापार
2 नव॰ 2026, 11:48 am (6 मिनट पहले)· 0

पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों से फिसला कच्चा तेल, घरेलू वायदा और वैश्विक बाजारों में भारी नरमी

राजनयिक बातचीत और अमेरिकी हमलों के टलने के संकेतों के बीच कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, जिससे एमसीएक्स पर भाव 9,586 रुपये पर आ गया।

ऊर्जा बाजारों में हफ्ते की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई है, जहां मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव घटने की संभावनाओं ने तेल की कीमतों को नीचे धकेल दिया। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में 3 प्रतिशत से अधिक की नरमी दर्ज की गई, जिसके चलते भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गए। भारतीय जिंस बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर भी इस सुस्ती का व्यापक असर देखने को मिला, जहां अनुबंधों में 3.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

घरेलू वायदा बाजार में बिकवाली का दबाव

भारतीय वायदा मंच एमसीएक्स पर 19 नवंबर अनुबंध वाले कच्चे तेल का मूल्य 3.53 प्रतिशत टूटकर 9586.00 रुपये प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। बाजार विश्लेषक और केडिया एडवाइजरी के प्रमुख अजय केडिया के अनुसार, तेल की कीमतें हाल के सप्ताहों में दर्ज किए गए अपने उच्च स्तर से काफी नीचे फिसल गई हैं। बाजार में हिस्सा लेने वाले कारोबारी एक ओर संघर्ष विराम से जुड़ी कूटनीतिक चर्चाओं पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जोखिम का भी आकलन कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें

राजनयिक हलचल और बातचीत का तीसरा दौर

क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए कतर और ईरान के शीर्ष प्रतिनिधियों के मध्य लगातार तीसरे दिन औपचारिक वार्ता संपन्न हुई। इस संवाद का मुख्य मकसद अमेरिका में आगामी मध्यावधि मतदान से पूर्व ईरान से जुड़े अमेरिका-इजरायल विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना है। हालांकि इस दौरान ईरान की तरफ से यह कड़ी चेतावनी भी आई है कि यदि उस पर किसी प्रकार का नया प्रहार किया गया, तो वह सीमावर्ती मुल्कों में स्थित अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को सीधा निशाना बनाकर पलटवार करेगा।

अमेरिकी रुख और उत्पादन नीति की स्थिति

दूसरी तरफ, राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि चुनावों के संपन्न होने से पहले अमेरिका की तरफ से ईरान पर कोई नया सैन्य हमला नहीं किया जाएगा। आपूर्ति मोर्चे की बात करें तो सप्ताहांत में ओपेक+ के सदस्य देशों ने अपनी मौजूदा उत्पादन योजनाओं की समीक्षा की और यह सहमति बनाई कि दिसंबर तक तेल निकालने के वर्तमान लक्ष्यों में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा।

वैश्विक स्तर पर डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट का हाल

सोमवार को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10:30 बजे अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में भारी उतार-चढ़ाव दिखा, जब डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.18 प्रतिशत फिसलकर 100.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसी समयावधि में ब्रेंट क्रूड का भाव भी 3.01 प्रतिशत गिरकर 110.02 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर दर्ज किया गया। इसके विपरीत, मुरबन क्रूड की दरों में स्थिरता देखी गई और यह बिना किसी परिवर्तन के 114.81 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े पर बना रहा।

सवाल-जवाब

एमसीएक्स पर कच्चे तेल का भाव कितना गिरा है?
एमसीएक्स पर 19 नवंबर डिलीवरी वाला कच्चा तेल 3.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9586.00 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
वैश्विक बाजार में डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट क्रूड किस स्तर पर कारोबार कर रहे हैं?
डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.18 प्रतिशत टूटकर 100.81 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 3.01 प्रतिशत गिरकर 110.02 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज किया गया।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
मध्य पूर्व में कतर और ईरान के बीच राजनयिक वार्ता और अमेरिकी चुनावों से पहले ईरान पर नए हमले न होने के संकेतों से कीमतें गिरी हैं।
ओपेक+ ने तेल उत्पादन को लेकर क्या फैसला किया है?
ओपेक+ ने सप्ताहांत में सहमति जताई है कि वे दिसंबर तक अपने मौजूदा उत्पादन लक्ष्यों को यथावत बनाए रखेंगे।
मुरबन क्रूड की कीमतों की क्या स्थिति रही?
मुरबन क्रूड की दरें बिना किसी बदलाव के 114.81 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp