घरेलू शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह का आगाज रिलायंस इंडस्ट्रीज के जोरदार प्रदर्शन के साथ हुआ। कंपनी के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जिससे केवल 60 मिनट के अंतराल में ही कंपनी के शेयरधारकों की संपत्ति में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हो गया। बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में दस्तक और उसके तुरंत बाद आए मजबूत वित्तीय नतीजों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी थी। जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में कंपनी के अभूतपूर्व शुद्ध लाभ ने बाजार में खरीदारी की नई लहर पैदा कर दी।
शेयरों में 7 फीसदी से ज्यादा उछाल और मूल्यांकन का नया स्तर
सोमवार 2 नवंबर को रिलायंस इंडस्ट्रीज के काउंटरों पर भारी लिवाली देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर कंपनी का शेयर 7.12 प्रतिशत की छलांग लगाकर 1,246.45 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पर भी यह स्टॉक 6.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,244 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। शेयरों में आए इस जोरदार उछाल की बदौलत कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 1,00,208.45 करोड़ रुपये बढ़कर 16,74,786.99 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया। इस मूल्यांकन के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज घरेलू शेयर बाजार में सर्वाधिक वैल्यूएशन वाली लिस्टेड कंपनी के रूप में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।
प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी को मिली तेज गति
रिलायंस के शेयरों में आई इस एकतरफा तेजी ने पूरे बाजार के माहौल को सकारात्मक बना दिया। 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 935.82 अंकों की जबरदस्त बढ़त के साथ 75,390.02 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 248.15 अंक मजबूत होकर 23,300.05 के स्तर पर कारोबार करने लगा। बेंचमार्क सूचकांकों में शामिल सभी दिग्गजों के मुकाबले रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला स्टॉक साबित हुआ। कंपनी ने शुक्रवार को समाप्त हुई जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिसमें उसका समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 33.8 प्रतिशत बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल कारोबार से मिला सबसे बड़ा सहारा
तिमाही नतीजों में आए इस भारी उछाल के पीछे कंपनी के पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल्स यानी O2C सेगमेंट की तेज वापसी मुख्य वजह रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में परिवहन ईंधन की मजबूत कीमतों और पेट्रोकेमिकल मार्जिन में हुए सुधार ने रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों के मुनाफे को मजबूत सहारा दिया। O2C कारोबार के दम पर कंपनी का कुल राजस्व 231,601 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जबकि इस सेगमेंट से कर पश्चात लाभ 67.9 फीसदी की जोरदार वृद्धि के साथ 25,203 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त डिजिटल सेवाओं की लगातार बढ़ती मांग ने खुदरा कारोबार में दर्ज सुस्ती के असर को पूरी तरह बेअसर कर दिया, जिससे समूह की कुल बैलेंस शीट को मजबूती मिली।

















