घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में पिछले कुछ सत्रों की तेज गिरावट के बाद अब सुधार देखने को मिल रहा है। धनतेरस और दिवाली की खरीदारी से ठीक पहले बहुमूल्य धातुओं के दामों में तेजी लौटी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोमवार 1 नवंबर के कारोबारी सत्र में सोने की कीमत 495 रुपये की बढ़त दर्ज करने में सफल रही। इस उछाल से पहले सोने की दरें अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 42 प्रतिशत नीचे आ चुकी थीं, वहीं चांदी की कीमत भी अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर से 55 प्रतिशत लुढ़क चुकी थी।
घरेलू वायदा बाजार में धातुओं के दाम
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 1 नवंबर को शुरुआती कारोबार से ही मजबूती का रुख बना रहा। ट्रेडिंग सत्र का आगाज 1.39 लाख रुपये के स्तर पर हुआ, जिसके बाद सोने का भाव 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। इस दौरान सोने के वायदा अनुबंधों में प्रति 10 ग्राम 500 रुपये की बढ़त देखी गई।
सोने के साथ-साथ चांदी के वायदा भाव में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 3,386 रुपये की तेजी के साथ 1,82,455 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। हाल के कारोबारी सत्रों में भारी बिकवाली झेलने के बाद घरेलू बाजार में यह बढ़त त्योहारी ग्राहकी की शुरुआत से पहले निवेशकों और खरीदारों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की स्थिति
घरेलू बाजार के साथ ही विदेशी बाजारों में भी बुलियन की कीमतों में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी सत्र में एक साल के निचले स्तर तक गिरने के बाद सोने का हाजिर भाव 0.7 प्रतिशत बढ़कर 3,900.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं अमेरिकी बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 0.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 3,909.70 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। इससे पहले बीते शुक्रवार को मार्जिन कॉल के दबाव के चलते बुलियन 3.5 प्रतिशत लुढ़ककर अक्टूबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।
वैश्विक मंच पर चांदी का हाजिर भाव 1.8 प्रतिशत चढ़कर 49.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो प्लैटिनम 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 1,432.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि पैलेडियम 976.31 डॉलर प्रति औंस के भाव पर स्थिर बना रहा।
बाजार में तेजी के कारण और आगे का रुख
कैपिटल डॉटकॉम के सीनियर फाइनेंशियल मार्केट एनालिस्ट काइल रोड्ड के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है, जिसका सीधा फायदा बुलियन बाजार को मिला है। आगामी त्योहारों के कारण मांग में मजबूती और डॉलर तथा कच्चे तेल में नरमी ने धातुओं को सहारा दिया है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़त अस्थायी हो सकती है। सीएमई के फेडवॉच टूल के आंकड़े दर्शाते हैं कि कारोबारी दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 73 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं। यदि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों पर एक बार फिर दबाव देखने को मिल सकता है।


















