कमजोर बाजार के माहौल के बीच जियो प्लेटफॉर्म के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को निवेशकों का अभूतपूर्व समर्थन मिला है। तीन कारोबारी दिनों के दौरान इस निर्गम ने जोरदार सब्सक्रिप्शन आंकड़े दर्ज किए। आगामी 28 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग प्रस्तावित है। इस लिस्टिंग के साथ ही कंपनी भारतीय इक्विटी बाजार में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दहलीज पर खड़ी है, जहां पहले ही दिन यह बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की तीसरी सबसे बड़ी फर्म का दर्जा हासिल कर सकती है।
10.3 लाख करोड़ रुपये का संभावित बाजार पूंजीकरण
बाजार विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, ट्रेडिंग की शुरुआत होते ही जियो प्लेटफॉर्म का कुल बाजार पूंजीकरण 10.3 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच सकता है। इस जबरदस्त मूल्यांकन का सीधा फायदा मूल प्रवर्तक समूह को भी मिलेगा। जियो प्लेटफॉर्म के इस आकार को छूते ही रिलायंस समूह घरेलू शेयर बाजार में सर्वाधिक बाजार पूंजीकरण वाला औद्योगिक घराना बन जाएगा, जिससे समूह की बाजार हिस्सेदारी में भारी इजाफा दर्ज होगा।
30,188 करोड़ रुपये के आकार पर 22 गुना से अधिक बोलियां
कंपनी की ओर से बाजार में 30,188 करोड़ रुपये का निर्गम पेश किया गया था। बंद होने तक यह सार्वजनिक पेशकश अपने मूल आकार की तुलना में 22.19 गुना सब्सक्राइब हुई। संस्थागत और खुदरा वर्ग से मिले भारी समर्थन के बूते इस निर्गम के लिए कुल 7.4 लाख करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। आंकड़ों के अनुसार लगभग 1.39 करोड़ निवेशकों ने इस मेगा ऑफरिंग में अपने आवेदन जमा कराए, जो भारतीय प्राथमिक बाजार के इतिहास में अब तक की सबसे व्यापक भागीदारी में से एक है।



















