उत्तर प्रदेश के सड़क ढांचे को और अधिक मजबूत करने के लिए एक नए और बेहद अहम प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। राज्य में पश्चिमी हिस्से से लेकर पूर्वी छोर तक कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए गोरखपुर से शामली तक एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी काफी कम समय में तय की जा सकेगी।
13 जिलों को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे
यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कुल 13 जिलों से होकर गुजरेगा। इस मार्ग के बन जाने से न केवल स्थानीय लोगों को सफर में सहूलियत होगी, बल्कि बिहार और अन्य पड़ोसी इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यात्रा काफी आसान हो जाएगी। सड़क नेटवर्क के विस्तार से क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भूमि अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए वर्तमान में तेजी से तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस एक्सप्रेसवे के कुल 12 पैकेजों में से 9 पैकेजों के लिए ठेकेदारों से कोटेशन मंगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शेष हिस्सों के लिए भी प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने की संभावना है।
महज 7.5 घंटे में पूरा होगा सफर
इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह बनकर तैयार हो जाने के बाद गोरखपुर से शामली की यात्रा में लगने वाला समय घटकर केवल 7.5 घंटे रह जाएगा। तेज रफ्तार यातायात और सुगम रास्ते की वजह से वाहनों की आवाजाही सुचारू होगी और लंबे सफर की थकान भी कम होगी। सरकार का यह कदम राज्य में आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।


















