सागर में इन दिनों रियल एस्टेट का कारोबार काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस सेक्टर से जुड़े लोग कम समय में अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। हालांकि, केवल कमर्शियल तौर पर कारोबार करने वाले ही नहीं, बल्कि छोटे परिवार और मिडिल क्लास के लोग भी जमीन या मकान में पैसा लगाकर बेहतरीन रिटर्न हासिल कर सकते हैं। आज के समय में अगर कोई व्यक्ति रियल एस्टेट में पूंजी लगाता है, तो आगामी दो से पांच साल के भीतर उसके नफे-नुकसान की स्थिति कैसी रहेगी, यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है।
छोटे निवेश पर बेहतर रिटर्न की संभावना
सागर के प्रॉपर्टी डीलर महेंद्र सेन के मुताबिक, यदि कोई इंसान किसी अन्य व्यवसाय में दो से पांच लाख रुपये लगाता है, तो यह निश्चित नहीं होता कि उसे मुनाफा ही मिले, क्योंकि कई बार बिजनेस मंदा रहने के कारण घाटा भी झेलना पड़ जाता है। इसके विपरीत, रियल एस्टेट एक ऐसा क्षेत्र है जहां यदि शुरुआती स्तर पर पांच लाख रुपये का भी निवेश किया जाए, तो एक से डेढ़ साल के अंतराल में ही निवेशक डेढ़ से दो गुना तक का शुद्ध लाभ आसानी से प्राप्त कर सकता है।
आने वाले वर्षों में प्रॉपर्टी बाजार में आएगी तेजी
महेंद्र का कहना है कि जिन लोगों के पास थोड़ी बहुत बचत है और वे निवेश करने की सोच रहे हैं, उन्हें बिना किसी हिचकिचाहट के प्रॉपर्टी का रुख करना चाहिए। इसमें चाहे खुली जमीन हो, प्लॉट हो, बना हुआ मकान हो या फिर फॉर्म हाउस हो, आने वाले दिनों में इस पूरे सेक्टर में जबरदस्त बूम देखने को मिलने वाला है। हालांकि मौजूदा समय में बाजार की रफ्तार थोड़ी सुस्त जरूर है, लेकिन जानकारों का अनुमान है कि वर्ष 2028 के बाद जमीनों की कीमतों में अचानक बहुत तेज उछाल दर्ज किया जाएगा।
निवेश से पहले इन कानूनी बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि यदि आप किसी नई कॉलोनी या प्लॉट में अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश कर रहे हैं, तो कुछ अहम पहलुओं की जांच जरूर कर लें। सबसे पहले जमीन का डायवर्जन ठीक होना चाहिए, रेरा पंजीयन की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की सभी जरूरी शर्तें पूरी होनी चाहिए। इसके अलावा, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि चुनी गई जमीन किसी ग्रीन बेल्ट एरिया के अंतर्गत न आती हो, अन्यथा हर वक्त यह डर बना रहता है कि सरकार कभी भी कोई सख्त कदम उठा सकती है।
विकास की संभावना वाले इलाकों में दस गुना तक बढ़ सकती है कीमत
यदि कोई ऐसी जगह है जहां भविष्य में नई सड़कों का निर्माण होना है या कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रस्तावित है और वहां फिलहाल जमीन के दाम कम हैं, तो बिना देर किए वहां पैसा लगा देना चाहिए, क्योंकि ऐसे स्थानों पर पांच साल के भीतर कीमतें दस गुना तक बढ़ सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, सागर में चितौरा गांव के पास दो-तीन साल पहले तक कृषि भूमि के भाव मात्र दस लाख रुपये प्रति एकड़ चल रहे थे। लेकिन जैसे ही वहां सागर सेंट्रल जेल के लिए जमीन आरक्षित होने और नई इमारत बनाने का प्रस्ताव सामने आया, जमीनों के दाम आसमान छूने लगे और देखते ही देखते वहां एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक के भाव में सौदे होने लगे।



















