मेघालय में कचरा प्रबंधन को लेकर बड़ी तैयारी, जोवाई, तुरा और नोंगपोह में वैज्ञानिक प्लांट लगाने के लिए खोजी जा रही जमीनउत्तर भारत में नया मौसमी चक्र सक्रिय, दिल्ली और बिहार समेत कई राज्यों में आंधी के साथ बौछारों के आसारनागपुर में बोले मोहन भागवत: वैश्विक सुरक्षा और लोक कल्याण के लिए भारतीय परंपराओं को अपनाना अनिवार्यबिहार 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता प्रारंभिक परीक्षा फिर टली, 1,189 पदों की भर्ती के लिए नई तारीख का इंतजारशिमला के ढली संजौली बायपास पर भारी भूस्खलन, मलबे की चपेट में आईं गाड़ियांमिजोरम में 13 अक्टूबर को सजेगा नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव, ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे 10 विकास परियोजनाओं का शुभारंभकर्जधारकों को एचडीएफसी बैंक का तोहफा, एमसीएलआर दरों में 15 बेसिस पॉइंट तक की राहतनवजात बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी का खतरा और प्रसव के समय सही मेडिकल देखरेख का महत्वकच्चे तेल में तेजी और मजबूत डॉलर से सोने पर दबाव, क्या 4,100 डॉलर का दायरा टूटेगासरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे होने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई नरेंद्र मोदी की सराहना
फ्रांसीसी बॉन्ड संकट और चुनावी अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो पर बढ़ा दबावबाज़ार
7 अक्तू॰ 2026, 3:31 pm (1 घंटे पहले)· 0

फ्रांसीसी बॉन्ड संकट और चुनावी अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो पर बढ़ा दबाव

फ्रांस के सरकारी बॉन्ड में आई गिरावट और आगामी चुनावों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण यूरो पर बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है।

EUR/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण7 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD अभी 1.12 पर है, जबकि EMA20 1.14, EMA50 1.15 और EMA200 1.16 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.14) के पास थम सकती है।

यूरोपीय वित्तीय बाजारों में फ्रांस के सरकारी बॉन्ड (ओएटी) के दोबारा मूल्य निर्धारण और गहराते राजनीतिक संकट ने साझा मुद्रा यूरो की गति को थाम दिया है। वैश्विक स्तर पर स्थिर आय बाजारों में मंदी की रफ्तार धीमी होने के बावजूद, यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर (EUR/USD) नकारात्मक दबाव से बाहर नहीं निकल पा रही है। फ्रांसीसी बॉन्ड और जर्मन बंड के बीच का यील्ड अंतर 150 आधार अंक (bps) तक फैलने के बाद कुछ हद तक संभला जरूर है, लेकिन आगामी राष्ट्रपति चुनाव और बजट को लेकर अनिश्चितता निवेशकों के मनोबल को लगातार कमजोर कर रही है।

फ्रांसीसी सरकारी बॉन्ड में बिकवाली और यील्ड का अंतर

फ्रांसीसी सरकारी ऋण पत्रों में पिछले सप्ताह भारी बिकवाली देखी गई थी। इस तेज बिकवाली के चलते फ्रांसीसी ओएटी और जर्मन बंड के बीच यील्ड का फासला बढ़कर 150 आधार अंक तक पहुंच गया, जिसे बाजार विश्लेषकों ने जरूरत से ज्यादा तेज गिरावट माना था। हालांकि, वैश्विक बॉन्ड बाजारों में बिकवाली का दौर थमने से ओएटी बाजार को थोड़ी राहत मिली है और अत्यधिक बिकवाली के स्तरों से तकनीकी सुधार देखने को मिला है। इसके बावजूद, यह स्थिरता केवल अल्पकालिक मानी जा रही है, क्योंकि बुनियादी राजनीतिक और राजकोषीय समस्याएं अभी भी जस की तस बनी हुई हैं।

ये भी पढ़ें

बजट प्रस्ताव और आगामी राष्ट्रपति चुनाव का गणित

फ्रांस में ले पेन द्वारा पेश किए गए वैकल्पिक बजट प्रस्तावों को वित्तीय विश्लेषक बेहद आक्रामक और अवास्तविक मान रहे हैं। बाजार सहभागियों को इस बात पर गंभीर संदेह है कि इतने कम समय में इतना बड़ा राजकोषीय समेकन हासिल किया जा सकता है या नहीं। निवेशकों की मुख्य चिंता यह है कि ऐसे प्रस्तावों से अगले वर्ष होने वाले चुनावों से पहले ओएटी से जुड़े वित्तीय जोखिम कम होने की कोई संभावना नहीं है। विशेषकर तब, जब राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में ले पेन और धुर-वामपंथी उम्मीदवार जीन-ल्यूक मेलेनशोन के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान जनमत सर्वेक्षणों में ले पेन लगभग 30% समर्थन के साथ बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि मेलेनशोन लगभग 20% समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे हैं। दोनों पक्षों के चरम आर्थिक विचारों से बॉन्ड बाजार में घबराहट बनी हुई है।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक की नीतिगत दुविधा

यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के सामने इस समय एक जटिल मौद्रिक चुनौती खड़ी हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में, जब मुद्रास्फीति अपने निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तो ईसीबी के पास ब्याज दरों में सीधे बढ़ोतरी करने का स्पष्ट विकल्प होता है। लेकिन वर्तमान आर्थिक और वित्तीय हालात सामान्य नहीं हैं। इस बार बॉन्ड बाजार में यील्ड बढ़ने की वजह से वित्तीय स्थितियां पहले ही सख्त हो चुकी हैं, जिससे बाजार खुद ही ईसीबी के लिए मौद्रिक सख्ती का कुछ हिस्सा पूरा कर रहा है। इस परिस्थिति ने नीति निर्माताओं को एक कठिन असमंजस में डाल दिया है, जहां अतिरिक्त सख्ती अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकती है।

EUR/USD तकनीकी परिदृश्य और लाइव बाजार रुझान

लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक, EUR/USD मुद्रा जोड़ी 1.12 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 1.12 से 0.16% की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.12 से 1.20 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 15 के स्तर पर पहुंच चुका है, जो इस जोड़ी के अत्यधिक बिकवाली (ओवरसोल्ड) क्षेत्र में होने का संकेत देता है। एमएसीडी (MACD) -0.01 पर है और सिग्नल लाइन भी -0.01 पर बनी हुई है, जिससे मंदी का रुझान स्पष्ट होता है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय ईएमए 1.14, 50-दिवसीय ईएमए 1.15 और 200-दिवसीय ईएमए 1.16 पर स्थित हैं। 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे फिसलने के साथ चार्ट पर डेथ क्रॉस बन चुका है, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड की पुष्टि करता है। बोलिंजर बैंड का दायरा 1.12 से 1.17 के बीच है, जिसमें 14-दिवसीय एडीएक्स (ADX) 47 पर एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार दिखा रहा है। तात्कालिक सपोर्ट 1.12 (S1) और 1.11 (S2) पर है, जबकि रेसिस्टेंस 1.12 (R1) और 1.13 (R2) पर स्थित है।

वैश्विक मुद्रा बाजार और परिसंपत्तियों की स्थिति

यूरो के अलावा अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों में भी अमेरिकी डॉलर की मजबूती का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। बुधवार के एशियाई सत्र में AUD/USD अपनी पिछली रिकवरी को भुनाने में नाकाम रहा और 0.7000 के स्तर से नीचे नकारात्मक दायरे में कारोबार करता रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में दोबारा उछाल आने से भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर में लिवाली लौटी है, जिसने ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक की सख्त उम्मीदों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को दबाए रखा। इधर, USD/JPY जापानी बैंक (बीओजे) के नरम रुख और अमेरिकी डॉलर की मांग के सहारे 158.50 के पास डेढ़ सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जहां ट्रेडर 200-दिवसीय एसएमए से आगे निकलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कमोडिटी बाजार में सोने पर भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। शुरुआती यूरोपीय सत्र में सोना नकारात्मक रुख के साथ पिछले सत्र में छुए गए $4,100 के दो महीने के निचले स्तर के करीब मंडरा रहा है। वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन (DOGE) 5% से अधिक गिरकर $0.090 के आसपास आ गया है, जहां शॉर्ट पोजीशन एक महीने के शीर्ष पर पहुंच चुकी हैं। भारतीय मुद्रा के मोर्चे पर, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति बैठक के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी से कमजोर हुआ। आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5% करने के बावजूद, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी थी, USD/INR उछलकर 96.72 के स्तर तक पहुंच गया, जो चार महीनों का उच्चतम स्तर है। सभी वैश्विक निवेशकों की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की एफओएमसी (FOMC) बैठक के मिनट्स पर टिकी हैं।

सवाल-जवाब

EUR/USD मुद्रा जोड़ी पर दबाव क्यों बना हुआ है?
फ्रांसीसी सरकारी बॉन्ड में आई अस्थिरता, चुनावी अनिश्चितता और अमेरिकी डॉलर में नए सिरे से आई तेजी के कारण यूरो दबाव में है।
फ्रांसीसी बॉन्ड यील्ड स्प्रेड कितना बढ़ गया था?
फ्रांसीसी ओएटी और जर्मन बंड के बीच का यील्ड स्प्रेड बढ़कर 150 आधार अंक (bps) तक पहुंच गया था।
फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव सर्वेक्षणों में कौन से उम्मीदवार आगे चल रहे हैं?
सर्वेक्षणों में ले पेन लगभग 30% समर्थन के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि जीन-ल्यूक मेलेनशोन लगभग 20% समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी नीतिगत बैठक में क्या निर्णय लिया?
आरबीआई ने अपनी रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5% कर दिया, जो फरवरी 2023 के बाद पहली दर वृद्धि है।
वर्तमान में सोने की कीमत का रुझान क्या है?
सोना बिकवाली के दबाव में है और पिछले सत्र में छुए गए लगभग $4,100 के दो महीने के निचले स्तर के आसपास बना हुआ है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·24 मिनट पहले

राजनीतिक अनिश्चितता और पैसों की यह उथल-पुथल रिश्तों में आने वाले उस तनाव की याद दिलाती है जब भविष्य को लेकर भरोसा डगमगाने लगता है।

Ravikash Gupta@ravikash·45 मिनट पहले

फ्रांस का राजनीतिक संकट और बॉन्ड मार्केट की हलचल सीधे तौर पर यूरो को कमजोर कर रही है। जब तक चुनाव और बजट पर स्थिति साफ नहीं होती, डॉलर के मुकाबले संभलना मुश्किल है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·44 मिनट पहले

रविकेश जी, बात सही है आपकी, पर मुझे लगता है कि सिर्फ ले पेन और मेलेनशोन का डर नहीं, ईसीबी की नीतियां भी कम जिम्मेदार नहीं हैं इस गिरावट के लिए।

Rohan Gupta@rohan-gupta·1 घंटे पहले

जब मैं पिछले साल पेरिस में था, तब वहाँ राजनीतिक माहौल में एक अलग ही तनाव महसूस होता था। लोग किराने का सामान खरीदते वक्त भी आने वाले चुनावों और महंगाई पर बात कर रहे थे। यूरो पर यह दबाव देखकर मुझे वही पुराने दिन याद आ गए, जब स्थानीय लोग कैफे में बैठकर अपनी अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर बहस करते थे।

Michael Anderson@michael-anderson·1 घंटे पहले

रोहन, आपका पेरिस वाला अनुभव सही है। जब राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो उसका असर सीधे बाजारों और आम आदमी की जेब पर दिखता ही है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp