राजस्थान के कोटा जिले में स्थित रामगंजमंडी की धनिया मंडी को एशिया की सबसे बड़ी धनिया मंडी माना जाता है, और इन दिनों यहां नई फसल की आवक तेजी से बढ़ रही है। आवक बढ़ने के साथ ही धनिये के दाम भी ऊपर जा रहे हैं, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। अपनी खास खुशबू और बेहतरीन क्वालिटी की वजह से रामगंजमंडी का धनिया सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है, और यहां के व्यापार का असर पूरे देश के मसाला बाजार पर पड़ता है।
40 साल से धनिया कारोबार का गढ़ है रामगंजमंडी
रामगंजमंडी की कृषि उपज मंडी पिछले करीब 40 वर्षों से धनिया व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है। देश की कई बड़ी मसाला कंपनियां सीधे यहीं से धनिया खरीदती हैं। इतना ही नहीं, देशभर की मंडियों में धनिये के भाव तय करने में भी रामगंजमंडी के बाजार भाव की बड़ी भूमिका होती है। व्यापारियों का कहना है कि यहां की गुणवत्ता और पारदर्शी कारोबार व्यवस्था के चलते देश-विदेश के खरीदारों का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कोटा-हाड़ौती से आता है देश के 70 प्रतिशत से ज्यादा धनिये का उत्पादन
कोटा और हाड़ौती इलाके को देश का सबसे बड़ा धनिया उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। देश में पैदा होने वाले कुल धनिये का 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अकेले इसी क्षेत्र से निकलता है। कृषि विभाग के मुताबिक इस साल कोटा जिले में करीब 7,245 हेक्टेयर जमीन पर धनिये की बुवाई हुई, जिससे लगभग 10,868 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है। अच्छी पैदावार को देखते हुए किसानों को इस बार बेहतर बाजार भाव मिलने की उम्मीद है।
साबुत धनिये का थोक भाव फिलहाल औसतन 12 से 15 हजार रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। कोटा की रामगंजमंडी में भाव लगभग 12,000 से 15,000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच रहा है। वहीं बारां मंडी में धनिया 12,210 से 13,500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है। इसके अलावा कवाई मंडी में भाव 13,580 से 13,775 रुपए प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया है।
अब उपज सुरक्षित रखने के लिए बना 6,600 मीट्रिक टन का कोल्ड स्टोरेज
किसानों की उपज को सुरक्षित रखने और उन्हें राहत देने के लिए रामगंजमंडी में 6,600 मीट्रिक टन क्षमता का आधुनिक कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है। अब किसानों को कम भाव में तुरंत फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी, वे बेहतर दाम मिलने तक अपना धनिया सुरक्षित रख सकेंगे। कृषि विभाग को उम्मीद है कि इस सुविधा से किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
जर्मनी से लेकर जापान तक पहुंचती है रामगंजमंडी की खुशबू
रामगंजमंडी का खुशबूदार धनिया जर्मनी, जापान, ताइवान, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित कई देशों में निर्यात होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी क्वालिटी और खुशबू की खास मांग बनी हुई है। धनिया उगाने वाले किसानों का कहना है कि अगर बाजार में भाव मजबूत बने रहते हैं तो इस बार उन्हें अच्छी कमाई होने की उम्मीद है। उद्यान विभाग का भी मानना है कि बेहतर उत्पादन, आधुनिक भंडारण सुविधाएं और बढ़ती निर्यात मांग आने वाले समय में रामगंजमंडी की पहचान को और मजबूत करेगी।













