राजस्थान के विभिन्न जिलों में आम परिवारों की रसोई से लेकर चाय की दुकानों और पारंपरिक मिठाइयों के स्वाद तक पर महंगाई का असर दिखने लगा है। पिछले केवल एक महीने की अवधि में राज्य के लगभग सभी बड़े शहरी बाजारों में गुड़ के खुदरा और थोक दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई इलाकों में तो कीमतें 30 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुकी हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। थोक विक्रेताओं और स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि मंडी में माल की आवक कम होने और बाजार में अचानक मांग में तेजी आने की वजह से दरों में यह अप्रत्याशित उछाल आया है।
विभिन्न शहरों में गुड़ के नए और पुराने रेट
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गुड़ के रेट तालिका के अनुसार काफी बढ़ गए हैं। अजमेर में एक महीने पहले गुड़ 60 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा था, जो अब चढ़कर सीधे 80 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गया है। इसी तरह जोधपुर में एक माह पूर्व दरें 60 से 65 रुपये प्रति किलो थीं, जबकि वर्तमान समय में थोक बाजार में गुड़ 75 रुपये और खुदरा दुकानों पर 80 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। उदयपुर शहर में भी स्थितियां वैसी ही हैं, जहां एक महीने पहले 60 से 65 रुपये प्रति किलो में मिलने वाला गुड़ अब थोक में 75 रुपये और रिटेल में 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
बीकानेर जिले के बाजार में भी कीमतों में बड़ा अंतर आया है। यहां एक महीने पहले गुड़ की कीमत 55 रुपये प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो हो चुकी है। राज्य की राजधानी जयपुर की बात करें तो महीने भर पहले यहां भाव 55 से 60 रुपये प्रति किलो के बीच बने हुए थे, जो वर्तमान में बढ़कर 75 से 80 रुपये प्रति किलो के ऊंचे स्तर को छू रहे हैं। अलवर में एक माह पहले तक जो गुड़ 40 रुपये प्रति किलो की किफायती दर पर उपलब्ध था, वह अब थोक मंडी में 62 रुपये और खुदरा बाजार में 70 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है।
हाड़ौती, पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी का हाल
हाड़ौती अंचल के कोटा शहर में बीते एक महीने के दौरान सबसे तेज छलांग देखने को मिली है। एक महीने पहले यहां भाव 46 रुपये प्रति किलो दर्ज किए गए थे, लेकिन अब यह अचानक बढ़कर सीधे 70 रुपये प्रति किलो तक आ पहुंचे हैं। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर जिले में भी स्थितियां चिंताजनक बनी हुई हैं, जहां महीने भर पहले 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गुड़ आज 70 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
इस बीच, पूरे राज्य में केवल शेखावाटी क्षेत्र का सीकर जिला ही ऐसा अपवाद रहा है जहां के उपभोक्ताओं को महंगाई से थोड़ी राहत मिली है। सीकर में एक महीने पहले गुड़ की कीमत 70 रुपये प्रति किलो थी, जो घटकर अब 60 रुपये प्रति किलो पर आ गई है।
आम परिवारों और छोटे कारोबारियों पर पड़ा असर
गुड़ की दरों में अचानक आई इस तेजी का सीधा प्रभाव मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के बजट पर पड़ा है। घरेलू रसोई का खर्च बढ़ने के साथ-साथ इसका असर स्थानीय व्यापार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पारंपरिक मिठाई बनाने वाले हलवाइयों, चाय के स्टॉल चलाने वालों और खान-पान से जुड़े छोटे व्यवसायियों की लागत में बढ़ोतरी हो गई है, जिससे वे अपनी मुनाफा मार्जिन को लेकर चिंतित हैं।



















