तेलंगाना की राजधानी में स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द ही व्यापक बुनियादी ढांचा बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। हवाई यात्रियों की लगातार बढ़ती तादाद को देखते हुए प्रबंधन ने 13,975 करोड़ रुपये की विशाल विस्तार योजना घोषित की है। इस भारी निवेश के जरिए हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री प्रबंधन क्षमता को बढ़ाकर 5.1 करोड़ (51 मिलियन) तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट वित्तीय वर्ष 2030-31 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है, जिससे यह परिसर एक वैश्विक विमानन केंद्र और आर्थिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र के रूप में अपनी जगह और मजबूत करेगा।
वर्तमान दबाव और बुनियादी सुविधाओं में नए इजाफे
लगभग 5,500 एकड़ के विशाल भूभाग पर फैले इस हवाई अड्डे की मौजूदा वार्षिक यात्री क्षमता 34 मिलियन (3.4 करोड़) है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यहाँ से लगभग 30.48 मिलियन यात्रियों ने आवाजाही दर्ज की, जिससे साफ होता है कि हवाई अड्डा अपनी क्षमता की ऊपरी सीमा के बेहद करीब काम कर रहा है। इसी बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित करने के लिए इस विशाल परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई है।
परियोजना के तहत बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से आधुनिक रूप दिया जाएगा। इसमें एक नया पैसेंजर टर्मिनल बनाने के साथ-साथ एक अतिरिक्त रनवे और अन्य उन्नत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 23 मार्च 2008 को चालू हुआ राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज यात्री संख्या और एयर ट्रैफिक संचालन के मामले में भारत का चौथा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बन चुका है। अपनी शुरुआत के बाद से ही यह उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करता आया है। इस क्षमता वृद्धि से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का जाल मजबूत होगा और साथ ही कार्गो व लॉजिस्टिक्स सेवाओं में भी नए पंख लगेंगे।
दक्षिणी कॉरिडोर में रियल एस्टेट और आर्थिक क्रांति
इस बहुकरोड़ी विस्तार योजना का व्यापक असर शमशाबाद और हैदराबाद के दक्षिणी इलाकों में आर्थिक गतिविधियों के रूप में दिखने लगा है। महेश्वरम, शादनगर, राजेंद्र नगर, सातअमराई, मनासा हिल्स और आरामघर जैसे निकटवर्ती क्षेत्रों में रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। कई प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इन इलाकों में बड़े रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।
इतना ही नहीं, हवाई अड्डे के आसपास बड़े पैमाने पर वेयरहाउसिंग, होटल उद्योग और लॉजिस्टिक्स हब का ताना-बाना बुना जा रहा है। आरामघर के पास राज्य सरकार की ओर से नए उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) परिसर का निर्माण भी चल रहा है। एयरपोर्ट का मेगा विस्तार और न्यायिक बुनियादी ढांचे का विकास मिलकर इस पूरे कॉरिडोर को तेलंगाना के सबसे मजबूत आर्थिक एवं विकास केंद्र के रूप में तब्दील कर रहे हैं।



















