त्योहारी सीजन में नए कारोबार की शुरुआत करने वाली रांची की युवा उद्यमी रिद्धिमा ने अपनी पारिवारिक रेसिपी के दम पर शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर खान-पान का एक स्टॉल लगाकर अपने कारोबारी सफर का आगाज किया था। इस फूड स्टॉल में कुल्हड़ पिज्जा, पॉकेट पिज्जा, रोल्स और नाचोज चाट जैसे लजीज आइटम बेचे गए। रांची के जिला स्कूल परिसर में लगाए गए इस स्टॉल को ग्राहकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिससे शुरुआती दिनों में ही उम्मीद से कहीं बेहतर कारोबार देखने को मिला।
दादी और मां की रेसिपी बनी कामयाबी का आधार
इस पूरे कारोबार की नींव घर के ही पुराने और पारंपरिक जायकों पर टिकी हुई है। रिद्धिमा का कहना है कि उनके द्वारा परोसे जाने वाले कुल्हड़ पिज्जा को बनाने में एकदम ताजी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी रेसिपी उनकी मां की है। इसके अलावा, स्टॉल पर मिलने वाले रोल्स उनकी दादी की खास रेसिपी के हिसाब से तैयार किए जाते हैं। घर के इन शानदार व्यंजनों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शुद्धता और गुणवत्ता पर पूरा जोर दिया, जिसका सीधा फायदा उन्हें ग्राहकों के रूप में मिला।
दुर्गा पूजा में हुआ पूरा निवेश वसूल
व्यापार की शुरुआत में रिद्धिमा ने करीब ₹1 लाख की रकम का निवेश किया था। दुर्गा पूजा के दौरान हुई बंपर बिक्री ने न सिर्फ उनके इस पूरे निवेश को एक झटके में वसूल कर लिया, बल्कि उन्हें बंपर मुनाफा भी कराया। इतनी जबरदस्त कमाई और ग्राहकों से मिले सकारात्मक रुझान ने उनका हौसला काफी बढ़ा दिया। शुरुआती चरण में ही इस तरह की आर्थिक सफलता मिलना किसी भी नए कारोबारी के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ।
दीवाली के मौके पर प्रदर्शनियों में मिल रहा भारी रिस्पांस
त्योहारों के इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए रिद्धिमा अब दीवाली के मौके पर भी अपने आइटम्स के साथ मैदान में उतर चुकी हैं। रांची में इस समय लगातार एक के बाद एक कई प्रदर्शनियों का आयोजन हो रहा है, जिसका वे पूरा फायदा उठा रही हैं। इन एग्जीबिशन में स्टॉल लगाने से उन्हें सीधे तौर पर यह समझने में मदद मिल रही है कि ग्राहकों को क्या पसंद आ रहा है और किस चीज में सुधार की गुंजाइश है।
स्थाई दुकान खोलने की दिशा में बढ़ रहे कदम
लगातार मिल रहे शानदार फीडबैक को देखते हुए अब इस बिजनेस को एक स्थाई रूप देने की योजना पर काम चल रहा है। प्रदर्शनियों से मिलने वाले रिस्पांस के आधार पर ही वे यह तय करेंगी कि अपना परमानेंट आउटलेट कब और किस जगह पर खोला जाना चाहिए। हालांकि यह कारोबार अभी अपने बिल्कुल शुरुआती दौर में है और इसकी शुरुआत इसी दुर्गा पूजा के साथ हुई थी, लेकिन जिस तरह का रुझान सामने आ रहा है, उससे भविष्य की संभावनाएं काफी मजबूत नजर आ रही हैं।



















