शनिवार, 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंच पर एक ऐतिहासिक बदलाव हासिल किया है। कभी दुनिया के कमजोर आर्थिक देशों यानी 'फ्रेजाइल 5' समूह में गिना जाने वाला भारत, महज 12 वर्षों के भीतर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प और सामर्थ्य अब भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है।
ऐतिहासिक सुस्ती को पछाड़कर हासिल की अभूतपूर्व रफ्तार
वर्ष 1947 में मिली आजादी के बाद के दौर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात देश ने बड़े सपने संजोए थे, लेकिन विकास की वास्तविक गति जनआकांक्षाओं के अनुरूप नहीं हो सकी थी। कई दशकों तक देश की प्रगति अपेक्षित गति से पीछे छूटती रही। वैश्विक वित्तीय संस्थाओं और विश्लेषकों ने भारत की अर्थव्यवस्था को संवेदनशील 'फ्रेजाइल 5' श्रेणी में डाल दिया था। हालांकि, पिछले 12 वर्षों में किए गए ठोस नीतिगत सुधारों के बल पर देश ने अभूतपूर्व गति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना शुरू किया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट संकल्प को अब दुनिया की कोई भी शक्ति रोक नहीं सकती है।
प्रमुख औद्योगिक और डिजिटल क्षेत्रों में दर्ज हुई कई गुना वृद्धि
विगत 12 वर्षों के कार्यकाल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दर्ज की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि देश के विनिर्माण, अवसंरचना और डिजिटल परिदृश्य में व्यापक विस्तार हुआ है। विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों के प्रगति संबंधी आंकड़े इस प्रकार हैं
- रक्षा उत्पादन: देश में सैन्य उपकरणों और रक्षा सामग्री का विनिर्माण उत्पादन 4 गुना बढ़ चुका है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण: घरेलू स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों के उत्पादन में 7 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
- रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर: आधुनिक रेलवे डिब्बों का उत्पादन 21 गुना तक बढ़ गया है, जिससे रेल परिवहन प्रणाली सुदृढ़ हुई है।
- इंटरनेट उपभोक्ता आधार: देश भर में इंटरनेट का उपयोग करने वाले नागरिकों की संख्या 4 गुना बढ़ी है।
- डिजिटल लेनदेन: वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए डिजिटल लेनदेन के कुल परिमाण में 100 गुना का विशाल विस्तार हुआ है।
सेमीकंडक्टर और AI तकनीक के क्षेत्र में मजबूत कदम
उभरती हुई तकनीकों और आधुनिक उद्योगों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। देश में 3 सेमीकंडक्टर संयंत्रों में वाणिज्यिक उत्पादन पहले ही शुरू किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आने वाले वर्षों में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने की योजना पर कार्य चल रहा है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
उन्नत तकनीकों के इस दौर में देश की युवा शक्ति को सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम की घोषणा की। इसके तहत 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी आधुनिक दक्षताओं में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि देश का युवा वर्ग भविष्य की डिजिटल और तकनीकी अर्थव्यवस्था का प्रभावी नेतृत्व कर सके।
वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' में बदलने के रोडमैप पर विशेष बल दिया। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने की इस योजना को 140 करोड़ नागरिकों का संबल प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जब विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला लोकतंत्र विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो इससे संपूर्ण विश्व में एक सकारात्मक संदेश जाता है। इस परिवर्तन से वैश्विक पटल पर भारत को देखने और आंकने का नजरिया पूरी तरह बदल चुका है।



















