सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। आयोग ने तय किया है कि कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में किसी भी बदलाव की सिफारिश से पहले वह यह पूरी तस्वीर साफ करेगा कि सरकार फिलहाल अपने स्टाफ पर कुल कितना पैसा लगा रही है। इसी मकसद से आयोग ने सरकार के सभी मंत्रालयों और संगठनों से कहा है कि वे कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से जुड़ी हर जानकारी 30 जून तक अपने ऑनलाइन डेटा पोर्टल पर जमा कर दें। इसका सीधा उद्देश्य एक ऐसा सिंगल डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, जिसके आधार पर सिफारिशें बनाई जा सकें।
पिछले तीन वित्तीय वर्षों का पूरा हिसाब तलब
आयोग ने मंत्रालयों और विभागों से तीन वित्तीय वर्षों, यानी 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के खर्च के बारीक आंकड़े भी मांगे हैं। इन आंकड़ों से यह पता चलना चाहिए कि लेवल 1 से लेवल 18 तक के हर पे मैट्रिक्स लेवल पर सैलरी और तरह-तरह के भत्तों पर कितनी रकम खर्च हुई। खास बात यह है कि आयोग सिर्फ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अलग-अलग मदों में होने वाले कुल खर्च पर भी पूरी नजर रख रहा है।
कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी
मांगे गए ब्योरे में बेसिक पे और मिलिट्री सर्विस पे (जहां यह लागू होता है), महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (TPTA), जोखिम और कठिनाई भत्ता, रेलवे कर्मचारियों के लिए रनिंग स्टाफ भत्ता, नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) और कर्मचारियों को मिलने वाले बाकी भत्ते शामिल हैं। साथ ही हर वित्तीय वर्ष में भत्तों पर हुए कुल खर्च का हिसाब भी अलग से देना होगा।
शुरुआती लेकिन सबसे अहम कदम
किसी भी सिफारिश को अंतिम रूप देने से पहले इस तरह का डेटा जुटाना वेतन आयोग की सबसे शुरुआती और सबसे जरूरी प्रक्रियाओं में से एक माना जाता है। अलग-अलग पे-लेवल पर सरकार अभी कितना खर्च कर रही है, इसका गहराई से अध्ययन करके आयोग आगे होने वाले बदलावों के आर्थिक असर का सही अंदाजा लगा सकेगा। यही जानकारी आयोग को संशोधित पे-स्केल, भत्तों, सरकार के कुल खर्च और लंबे समय की आर्थिक स्थिरता पर सुझाव तैयार करने में मदद करेगी।
डेटा जुटाने के बाद आगे क्या
आंकड़ों की मात्रा काफी बड़ी है, इसलिए जरूरत पड़ने पर आयोग समय-सीमा बढ़ा भी सकता है। डेटा इकट्ठा होने का काम पूरा हो जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि आयोग रिपोर्ट से जुड़े अगले चरण में बढ़ने से पहले इन आंकड़ों का विश्लेषण शुरू करेगा।













