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सालाना 20 लाख की कमाई पर नया या पुराना टैक्स रिजीम? जानें किसमें बचेगा ज्यादा पैसाव्यापार
16 जून 2026, 7:05 pm (133 दिन पहले)· 3

सालाना 20 लाख की कमाई पर नया या पुराना टैक्स रिजीम? जानें किसमें बचेगा ज्यादा पैसा

ITR भरने का सीजन शुरू होते ही टैक्सपेयर्स फिर उसी सवाल में उलझे हैं कि नया रिजीम चुनें या पुराना। 20 लाख सालाना आय के उदाहरण से समझिए कि आपके निवेश के हिसाब से कौन सा विकल्प जेब पर भारी पड़ता है।

नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स का मौसम एक बार फिर लौट आया है। ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों को फॉर्म-16 थमा चुकी हैं और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके साथ ही हर साल वाली पुरानी उलझन फिर सिर उठा लेती है, नया इनकम टैक्स रिजीम बेहतर रहेगा या पुराना। जब से सरकार ने दो रिजीम में से किसी एक को चुनकर ITR भरने की छूट दी है, तब से बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स इसी पसोपेश में रहते हैं कि उनके लिए कौन सा रास्ता फायदे का सौदा है।

मान लीजिए आपकी सालाना कमाई 20 लाख रुपये है। ऐसे में किस रिजीम के तहत टैक्स भरना आपकी जेब के लिए ज्यादा हल्का साबित होगा, यही असली सवाल है।

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फैसला निवेश पर टिका है

टैक्स और निवेश एक्सपर्ट बलवंत जैन की सलाह है कि रिटर्न दाखिल करने से पहले ही यह तय कर लेना समझदारी है कि किस रिजीम में आपको ज्यादा लाभ मिलेगा। उनके मुताबिक 20 लाख की आमदनी पर सबसे अहम भूमिका आपके निवेश की होती है। अगर आपने निवेश कर रखा है तो पुराने रिजीम में कई मदों पर टैक्स छूट का फायदा उठाया जा सकता है, और तभी पलड़ा उसकी तरफ झुकता है।

पुराने रिजीम का हिसाब

अगर आप 20 लाख की आय पर पुराने रिजीम के तहत रिटर्न भरते हैं तो आपको सिर्फ 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। इसके बाद बची हुई 19.50 लाख रुपये की रकम आपकी टैक्सेबल इनकम मानी जाएगी। इस पर सेस जोड़कर करीब 3.35 लाख रुपये का इनकम टैक्स बनता है।

नए रिजीम का हिसाब

वहीं नए रिजीम में उसी 20 लाख की कमाई पर स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़कर 75 हजार रुपये हो जाता है। इस रिजीम में 4 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स शून्य रहता है। इसके बाद की गणना करने पर सेस सहित कुल टैक्स 2.03 लाख रुपये बैठता है। यह रकम पुराने रिजीम के मुकाबले पूरे 1.35 लाख रुपये कम है।

निवेश किया है तो पुराना रिजीम कब फायदेमंद

अगर आपने होम लोन ले रखा है या फिर LIC, PPF, HRA, मेडिकल इंश्योरेंस और NPS जैसे विकल्पों में पैसा लगाया है तो पुराना रिजीम चुनने में दम है। लेकिन यह तभी काम का है जब आपका कुल निवेश 4 लाख रुपये से ऊपर निकलता हो। पुराने रिजीम में होम लोन के ब्याज पर सालाना 2 लाख रुपये तक की छूट मिलती है, 80C के तहत निवेश पर 1.5 लाख रुपये की और मेडिकल इंश्योरेंस पर 75 हजार रुपये की छूट अलग से मिल जाती है। इन सभी विकल्पों को मिलाकर आप कम से कम 7 लाख रुपये तक का अतिरिक्त क्लेम कर सकते हैं। इतनी कटौती बनने पर ही पुराने रिजीम का चुनाव आपके हक में जाता है।

नए रिजीम में भी रियायतें कम नहीं

यह सोचना गलत होगा कि नए रिजीम में कोई राहत नहीं मिलती। सरकार ने इसके तहत 12 लाख रुपये तक की कमाई को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा है और साथ में 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी दिया है। इसके अलावा NPS के टीयर 2 अकाउंट में 50 हजार रुपये का स्पेशल निवेश करके भी टैक्स छूट क्लेम की जा सकती है। फ्यूल और ड्राइवर अलाउंस समेत कई और तरह की रियायतें भी इसमें शामिल हैं। ऐसे में निष्कर्ष साफ है, अगर आप कोई निवेश नहीं करते तो नए रिजीम के तहत रिटर्न भरना ही आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

सवाल-जवाब

20 लाख की आय पर पुराने रिजीम में कितना टैक्स बनता है?
पुराने रिजीम में 50 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद 19.50 लाख टैक्सेबल इनकम पर सेस सहित करीब 3.35 लाख रुपये टैक्स बनता है।
नए रिजीम में 20 लाख की आय पर कितना टैक्स देना होगा?
नए रिजीम में 75 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन और 4 लाख तक शून्य टैक्स के बाद सेस सहित कुल टैक्स 2.03 लाख रुपये बैठता है।
पुराना रिजीम कब चुनना चाहिए?
जब होम लोन, 80C, मेडिकल इंश्योरेंस और NPS जैसे विकल्पों में आपका निवेश 4 लाख से ज्यादा हो और कुल क्लेम कम से कम 7 लाख रुपये तक पहुंच रहा हो।
नए रिजीम में कौन सी छूट मिलती है?
नए रिजीम में 12 लाख तक की कमाई टैक्स के दायरे से बाहर है, 75 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन, NPS टीयर 2 में 50 हजार का स्पेशल निवेश और फ्यूल व ड्राइवर अलाउंस जैसी रियायतें मिलती हैं।
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