कुख्यात हैकिंग गैंग स्कैटर्ड स्पाइडर के एक कथित सदस्य को फिनलैंड से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया है। इस गिरोह पर बीते कुछ सालों में कई बड़ी कंपनियों में सेंध लगाने का आरोप है, और अब इसके एक युवा सदस्य को करीब 80 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फिरौती मांगने के मामले में अमेरिकी अदालत में खड़ा होना पड़ रहा है।
अमेरिका और एस्टोनिया की दोहरी नागरिकता रखने वाला 19 साल का पीटर स्टोक्स मंगलवार को शिकागो की संघीय अदालत में पेश हुआ। न्याय विभाग के बयान के मुताबिक उस पर साजिश रचने, साइबर सेंधमारी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। फिनलैंड की पुलिस ने अप्रैल में इंटरपोल के रेड नोटिस पर उसे गिरफ्तार किया था। पिछले हफ्ते उसे अमेरिका लाया गया और मुकदमे तक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है।
ज्वेलरी कंपनी में कैसे लगी सेंध
यह मामला मई 2025 में एक लग्जरी ज्वेलरी रिटेलर पर हुए हमले से जुड़ा है, जिसका नाम सामने नहीं आया है। आरोप है कि स्टोक्स और उसके साथियों ने बातों में उलझाकर कंपनी के आईटी हेल्प डेस्क को झांसा दिया और कर्मचारियों के 2FA क्रेडेंशियल रीसेट करा लिए। इसके बाद उन्होंने डेटा चुरा लिया और करीब 80 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी की मांग रखी। कंपनी की सुरक्षा टीम ने हमलावरों को सिस्टम से बाहर निकाल दिया और एक भी रुपया फिरौती नहीं दी, लेकिन इस पूरी गड़बड़ी और सफाई में कंपनी को कम से कम 20 लाख डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा।
क्या है स्कैटर्ड स्पाइडर की पहचान
स्कैटर्ड स्पाइडर को ऑक्टो टेम्पेस्ट, UNC3944 और 0ktapus के नाम से भी जाना जाता है। यह हैकरों का एक ढीला-ढाला समूह है, जिसके बारे में अभियोजकों का कहना है कि इसने 100 से ज्यादा बार सेंधमारी की है और 10 करोड़ डॉलर से अधिक की फिरौती वसूली है। इस गिरोह की खास पहचान मालवेयर नहीं, बल्कि सोशल इंजीनियरिंग है। इसके सदस्य हेल्प डेस्क पर फोन करते हैं, खुद को कंपनी का स्टाफ बताते हैं और फिर चुराए गए डेटा को खोलने या दबाने के बदले क्रिप्टोकरेंसी में मोटी रकम ऐंठते हैं। इन्हीं तरीकों से 2023 में एमजीएम रिसॉर्ट्स और सीजर्स एंटरटेनमेंट पर हमले हुए थे, जिनमें सीजर्स ने करीब 1.5 करोड़ डॉलर की फिरौती चुकाई थी।
अदालत तक पहुंचे कई और सदस्य
स्टोक्स इस गिरोह के उन सदस्यों की बढ़ती फेहरिस्त में शामिल हो गया है जो अमेरिकी अदालतों का सामना कर रहे हैं। कथित सरगना, 24 साल का स्कॉटलैंड निवासी टायलर बुकानन अप्रैल में एक फिशिंग अभियान के लिए दोषी करार दिया गया, जिसमें कम से कम 80 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चुराई गई थी। फ्लोरिडा के नोआ अर्बन को 10 साल की सजा सुनाई गई, जिसका नाम क्रिप्टो एक्सचेंज क्रिप्टो.कॉम समेत कई सेंधमारियों से जोड़ा गया। न्याय विभाग ने 2024 के एक अलग क्रिप्टो-फिशिंग मामले में पांच कथित सदस्यों पर आरोप तय किए थे।
फिरौती न देने का बढ़ता चलन
ज्वेलरी कंपनी का फिरौती देने से इनकार करना दुनिया भर में बदलते रवैये की तरफ इशारा करता है। टीआरएम लैब्स के मुताबिक 2025 में रैंसमवेयर गिरोहों ने करीब 85 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी वसूली, जो एक साल पहले के लगभग बराबर ही रही, जबकि लीक साइटों पर पीड़ितों की पोस्टिंग में 44% का उछाल आया। अपराधियों के लिए इस खेल में घुसना आसान होने से खतरा भले ही बढ़ा हो, लेकिन टीआरएम लैब्स का कहना है कि रैंसमवेयर से जुड़ा कुल लेनदेन 2024 के 1.9 अरब डॉलर से घटकर करीब 1.3 अरब डॉलर रह गया, क्योंकि पीड़ित अब हमलावरों को पैसे देने से लगातार इनकार कर रहे हैं।













