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शेयर बाजार में इक्विटी टैक्सेशन को लेकर उठ रहे सवालों की समीक्षा करेगी सरकार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेतव्यापार
2 नव॰ 2026, 8:26 pm (5 मिनट पहले)· 0

शेयर बाजार में इक्विटी टैक्सेशन को लेकर उठ रहे सवालों की समीक्षा करेगी सरकार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेत

घरेलू और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बढ़ती चिंताओं के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स ढांचे पर मिले सुझावों पर विचार करने की बात कही है। हालांकि, आगामी बजट में किसी विशेष रियायत या ठोस बदलाव का कोई पक्का भरोसा नहीं दिया गया है।

भारतीय शेयर बाजार में सक्रिय घरेलू निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की टैक्स ढांचे से जुड़ी चिंताओं पर केंद्र सरकार विचार करने के लिए तैयार है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इक्विटी टैक्सेशन को लेकर स्पष्ट किया है कि निवेशकों की तरफ से जो भी प्रतिक्रियाएं और सुझाव सरकार तक पहुंचे हैं, उनका आकलन किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा टैक्स व्यवस्था वही है जो साल 2023 में लागू थी, जिस दौरान देश में रिकॉर्ड विदेशी पूंजी का प्रवाह देखने को मिला था। वित्त मंत्री के अनुसार अब बाजार की परिस्थितियां बदल चुकी हैं और विदेशी निवेशकों द्वारा बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

बजट में रियायतों पर कोई पक्का आश्वासन नहीं

आगामी बजट के दौरान विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए ज्यादा अनुकूल नियम लाने या विशेष टैक्स छूट देने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कोई ठोस आश्वासन देने से परहेज किया। उन्होंने साफ तौर पर माना कि मौजूदा समय में निवेशकों के सामने चुनौतियां और परिस्थितियां पहले जैसी नहीं रहीं और उनकी मांगें अब अधिक मुखर होकर सामने आ रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतिगत स्तर पर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश की आर्थिक विकास दर को 7 फीसदी या उससे अधिक के स्तर पर स्थिर बनाए रखने की है।

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मौजूदा एलटीसीजी टैक्स के नियम और सीमाएं

भारत में वर्तमान नियमों के तहत इक्विटी बाजार में घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेशकों पर लिस्टेड शेयरों की बिक्री से होने वाले लाभ पर 12.5 फीसदी की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स वसूला जाता है। इस टैक्स स्लैब में निवेशकों को इंडेक्सेशन की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है। यह 12.5 फीसदी का टैक्स किसी एक वित्तीय वर्ष के दौरान लिस्टेड शेयरों से कमाए गए 1.25 लाख रुपये से अधिक के शुद्ध मुनाफे पर लागू होता है, जिस पर निवेशक लंबे समय से राहत की उम्मीद जता रहे हैं।

सवाल-जवाब

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इक्विटी टैक्सेशन को लेकर क्या कहा है?
उन्होंने कहा कि भारतीय टैक्स ढांचे को लेकर विदेशी और घरेलू निवेशकों की चिंताओं और सुझावों पर सरकार विचार करेगी।
क्या आगामी बजट में विदेशी निवेशकों को टैक्स में कोई विशेष छूट मिलने की पुष्टि हुई है?
नहीं, वित्त मंत्री ने आगामी बजट में इक्विटी टैक्सेशन में बदलाव या विशेष रियायतें देने पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है।
वर्तमान में लिस्टेड शेयरों पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स की दर क्या है?
वर्तमान में घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के लिए लिस्टेड शेयरों पर 12.5 फीसदी की दर से एलटीसीजी टैक्स लागू है।
एलटीसीजी टैक्स किस सीमा से अधिक के लाभ पर काटा जाता है?
यह टैक्स एक वित्तीय वर्ष के दौरान लिस्टेड शेयरों की बिक्री से प्राप्त 1.25 लाख रुपये से अधिक के मुनाफे पर लगता है।
क्या वर्तमान एलटीसीजी व्यवस्था में इंडेक्सेशन का लाभ दिया जाता है?
नहीं, वर्तमान इक्विटी टैक्स नियमों में इंडेक्सेशन का लाभ नहीं मिलता है।
सरकार का मुख्य आर्थिक लक्ष्य क्या बताया गया है?
वित्त मंत्री के अनुसार सरकार का ध्यान देश की आर्थिक विकास दर को 7 फीसदी या उससे अधिक बनाए रखने पर केंद्रित है।
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