जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल पटनीटॉप में नियमों को ताक पर रखकर खड़े किए गए होटलों और वाणिज्यिक परिसरों पर वित्तीय जांच का शिकंजा और अधिक कस गया है। प्रवर्तन निदेशालय के जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत एक नया अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया है। इस ताजा कार्रवाई के अंतर्गत उधमपुर जिले के पटनीटॉप में स्थित चार जाने-माने होटलों की भूमि और उन पर बनी इमारतों को शामिल करते हुए कुल 10.66 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थाई तौर पर जब्त किया गया है।
सीबीआई की प्राथमिकी से खुला था मिलीभगत का खेल
इस पूरे घोटाले की नींव तब सामने आई जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, जम्मू ने इलाके के कई होटल, रिसॉर्ट, कॉटेज और गेस्ट हाउस संचालकों के साथ पटनीटॉप विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अफसरों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज किया था। उस प्राथमिकी में स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि पर्यटन विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर भूमि घपले और अवैध निर्माण की अनदेखी की। इसी आधिकारिक दस्तावेज और जांच के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन की अपनी समानांतर तफ्तीश शुरू की थी।
स्वीकृत नक्शे से कहीं ज्यादा निर्माण और बिना मंजूरी संचालन
प्रवर्तन निदेशालय की पड़ताल में नियमों की खुली अवहेलना सामने आई है। जांच के दायरे में आए परिसरों में आवासीय भूखंडों का धड़ल्ले से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा घने जंगल, कृषि योग्य जमीन और शांत आवासीय कॉलोनियों जैसे बेहद संवेदनशील तथा प्रतिबंधित इलाकों में वाणिज्यिक इकाइयां स्थापित कर दी गई थीं। वर्ष 2023 के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने आठ होटल मालिकों और प्राधिकरण के कई पूर्व अधिकारियों के खिलाफ छह अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए थे। इन आरोप पत्रों में छह प्रमुख होटल भी नामजद किए गए थे, जिन पर जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, रणबीर दंड संहिता, पर्यटक व्यापार पंजीकरण अधिनियम 1978 तथा वन अधिनियम 1987 की गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।
ताजा जब्ती के दायरे में आए चार प्रतिष्ठानों की जांच में चौंकाने वाली गड़बड़ियां पाई गई हैं। होटल हॉलिडे इन को निर्माण की औपचारिक अनुमति तो प्राप्त थी, लेकिन स्वीकृत नक्शे का घोर उल्लंघन करते हुए तय सीमा से 7,552.74 वर्ग फीट अधिक अनधिकृत ढांचा खड़ा कर लिया गया। वहीं दूसरी तरफ, होटल ब्रॉडवे, होटल हॉलीवुड और होटल माउंटव्यू के पास होटल के रूप में वाणिज्यिक कामकाज करने के लिए आवश्यक सरकारी स्वीकृतियां और वैधानिक अनापत्तियां तक उपलब्ध नहीं थीं। बिना किसी वैध अनुमति के इन परिसरों को खुले तौर पर व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए चलाया जा रहा था।
अपराध से कमाई गई संपत्ति घोषित, जब्ती का आंकड़ा 41 करोड़ पार
वित्तीय जांच एजेंसी ने इन अवैध ढांचों, उनसे जुड़ी जमीन और इस गैर-कानूनी वाणिज्यिक शोषण के जरिए अर्जित की गई समूची धनराशि को कानून के अनुसार अपराध की आय माना है। इस आधार पर संपत्तियों को कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई गई है। पटनीटॉप क्षेत्र में होटल व्यवसायियों के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पूर्व वर्ष 2025 में दो अलग-अलग अनंतिम जब्ती आदेश जारी किए गए थे, जिनके माध्यम से 30.72 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया गया था।
वर्तमान में 10.66 करोड़ रुपये की नई संपत्ति जब्त होने के बाद इस पूरे मामले में अब तक कुर्क की जा चुकी संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 41.38 करोड़ रुपये हो चुका है। पटनीटॉप में वन संपदा, हरित आवरण और सरकारी जमीन को नुकसान पहुंचाने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ दोनों जांच एजेंसियों की यह संयुक्त कार्रवाई एक कड़ा कानूनी संदेश देती है। जांच दल से जुड़े अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि धन के गैर-कानूनी लेन-देन और संलिप्तता की गहन जांच अभी चल रही है, जिसके चलते आने वाले समय में कुछ अन्य जिम्मेदार अधिकारियों तथा होटल मालिकों पर भी कठोर कानूनी गाज गिर सकती है।



















