अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की दिशा को लेकर खींचतान जारी है, जिसके चलते आने वाले महीनों में प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखाई दे सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी आशंकाएं जहां अमेरिकी विकास दर के प्रीमियम पर सवाल खड़े कर रही हैं, वहीं ऊर्जा की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति के दबाव को लगातार बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही वित्तीय बाजार इस बात का आकलन करने में लगे हैं कि यदि AI क्षेत्र से उत्पन्न तनाव के कारण वित्तीय परिस्थितियां सख्त होती हैं, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीतियों को किस हद तक कड़ा रख पाएगा।
यूरो में 2027 की पहली छमाही तक कमजोरी का अनुमान
मुद्रा बाजार के मौजूदा समीकरणों को देखते हुए अमेरिकी डॉलर में किसी दीर्घकालिक और निरंतर कमजोरी की संभावना अभी कम ही नजर आती है। हालांकि AI का विस्तार अमेरिकी विकास और डॉलर दोनों के लिए मोटे तौर पर अनुकूल बना हुआ है, लेकिन अब यह केवल एकतरफा तेजी का सौदा नहीं रह गया है। डॉलर में बहुत बड़ी तेजी आने पर भी लगाम लग सकती है, क्योंकि चीन और संभावित रूप से जापान द्वारा अपने मजबूत मुद्रा प्रबंधन के माध्यम से एशियाई क्षेत्रीय मुद्राओं को स्थिर रखने में मदद मिल रही है।
यूरो के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 2027 की पहली छमाही तक मजबूत स्थिति में रह सकता है। इस दौरान EUR/USD मुद्रा जोड़ी के 1.10 के स्तर से नीचे फिसलने की पर्याप्त गुंजाइश दिखाई देती है। यूरोप से जुड़े वित्तीय और नीतिगत जोखिम अब तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाए हैं। मूडीज द्वारा फ्रांस की Aa3 रेटिंग को बरकरार रखने के निर्णय से कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन नकारात्मक परिदृश्य और लगातार बने हुए राजकोषीय संकट के कारण फ्रांस के 2027 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले फ्रांसीसी सरकारी बॉन्ड यानी OAT में लंबे समय तक टिकने वाली तेजी सीमित रह सकती है।
2027 के उत्तरार्ध में यूरो की संभावित वापसी
साल 2027 की पहली छमाही के बाद EUR/USD जोड़ी में एक यू-आकार की रिकवरी की रूपरेखा देखी जा सकती है। जैसे ही अमेरिका में AI द्वारा प्रेरित आर्थिक विकास की रफ्तार अपने चरम पर पहुंचकर धीमी पड़ेगी, वैसे ही फेडरल रिजर्व के उन आक्रामक फैसलों का जोखिम भी कम होने लगेगा जिन्होंने अब तक अमेरिकी डॉलर को समर्थन दिया है। इस बदलाव से 2027 के दूसरे हिस्से में यूरो को एक बार फिर ऊपर की तरफ बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिलने की उम्मीद है।
एशियाई मुद्राएं और कूटनीति के बीच डॉलर का रुख
अन्य वैश्विक मुद्राओं के मोर्चे पर, सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD ने एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान आई गिरावट से वापसी की। ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत को लेकर बनी नई उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी, जिससे सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बढ़त मिली। इसके बावजूद, गुरुवार को छुए गए एक महीने के उच्च स्तर से हाजिर भाव नीचे बने रहे, क्योंकि कारोबारी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA के नीतिगत फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ी ने नए हफ्ते की शुरुआत में अपनी बढ़त जारी रखी। बैंक ऑफ जापान (BoJ) के बाद शुक्रवार को 157.00 से नीचे के निचले स्तर तक गिरने के बाद यह जोड़ी और सुधरी और एशियाई सत्र में कीमतें 158.00 के आसपास पहुंच गईं। जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा की ओर से मुद्रा में संभावित हस्तक्षेप की नई चेतावनी के बावजूद बाजार पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला।
सोने में हल्का सुधार और डॉगकॉइन की लगातार गिरावट
कमोडिटी बाजार में, शुक्रवार को 3,870 डॉलर के साल के नए निचले स्तर पर लुढ़कने और अक्टूबर महीने में 6.87 प्रतिशत की कुल गिरावट दर्ज करने के बाद, सोने में सोमवार को अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान कुछ सकारात्मक रुख बना रहा। अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक प्रयासों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने इस कीमती धातु को सहारा दिया। हालांकि, बुनियादी आर्थिक परिस्थितियों के कारण लगातार सुधार पर संशय बना हुआ है, जिससे सोने में आई तेजी बहुत मजबूत नहीं दिख रही है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में डॉगकॉइन सोमवार को लगभग 0.075 डॉलर के स्तर पर मंडराता रहा। सितंबर के अंत के बाद से यह डॉगकॉइन के लिए लगातार पांचवां हफ्ता रहा जब इसमें गिरावट दर्ज की गई। सेंटीमेंट के आंकड़ों से व्हेल गतिविधियों में विचलन का पता चलता है, जहां बड़े धारक अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, जबकि छोटे आकार वाले व्हेल वॉलेट टोकन जमा करने में लगे हैं। इसके अलावा, कमजोर पड़ते ऑन-चेन आंकड़े और बिगड़ता तकनीकी ढांचा संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में डॉगकॉइन में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
अमेरिकी आर्थिक वृद्धि और पूंजीगत खर्च पर निवेशकों की नजर
अमेरिकी अर्थव्यवस्था सालाना 3.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई और नैस्डैक ने मार्च 2025 के बाद से अक्टूबर में अपने सबसे खराब मासिक प्रदर्शन को दर्ज किया। शेयर बाजार अब कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पूंजीगत खर्च को सिर्फ इसलिए नहीं सराह रहा है कि वह विकास को समर्थन देता है। इसके बजाय, निवेशक अब बारीकी से यह परख रहे हैं कि क्या यह भारी खर्च वास्तव में पूंजी की लागत से अधिक नकदी प्रवाह और रिटर्न पैदा करने में सक्षम है या नहीं।


















