मध्य प्रदेश का शिवपुरी जिला अब खेती के नक्शे पर एक अलग पहचान गढ़ रहा है। जो किसान कभी पारंपरिक फसलों तक सीमित थे, वे अब धान की खेती में हाथ आजमा रहे हैं और इसका सीधा फायदा उनकी जेब तक पहुंच रहा है। जिले के कुछ खास इलाकों में धान का रकबा इतनी रफ्तार से फैला है कि यहां पैदा हो रहा बासमती चावल अब दूर-दराज की मंडियों में भी अपनी साख बना चुका है।
फसल पैटर्न में बड़ा बदलाव
शिवपुरी कृषि विभाग के उप-संचालक पीएस करोरिया ने TrendKia को बताया कि जिले में खेती की तकनीक और फसल चुनने के तौर-तरीकों, दोनों में जबरदस्त बदलाव आ रहा है। उनके मुताबिक किसानों में धान की खेती को लेकर इस समय खासा जोश देखने को मिल रहा है, और यही उत्साह जिले की तस्वीर बदल रहा है।
नरवर, पोहरी और करैरा बने धान के केंद्र
करोरिया के अनुसार जिले के नरवर, पोहरी और करैरा विकासखंड अब धान उत्पादन के मुख्य ठिकाने बन चुके हैं। इन तीनों क्षेत्रों में मिलाकर करीब 10 से 12 हजार हेक्टेयर रकबे पर धान लहलहा रहा है। यहां की मिट्टी का स्वभाव और सिंचाई के पर्याप्त साधन धान के लिए बेहद मुफीद माने जाते हैं, और यही वजह है कि किसानों को यहां अच्छी पैदावार हाथ लग रही है।
बासमती की उन्नत किस्मों पर दांव
इस पूरी बेल्ट में किसान अब साधारण धान के बजाय उन्नत और बासमती किस्मों को तरजीह दे रहे हैं। इनमें पूसा बासमती की टॉप वैरायटियां सबसे ज्यादा छाई हुई हैं। कृषि विभाग का कहना है कि बाजार में इन किस्मों के दाम बेहतर मिलते हैं, इसलिए किसानों का झुकाव तेजी से इनकी तरफ बढ़ा है।
हाइब्रिड बीज और रोपा विधि का चलन
करोरिया ने बताया कि आज का किसान कम लागत में ज्यादा उपज देने वाली हाइब्रिड किस्मों की ओर रुख कर रहा है, और साथ ही खेती के वैज्ञानिक तरीके भी तेजी से अपनाए जा रहे हैं। अब किसान सीधे खेत में बीज डालने के बजाय पहले नर्सरी में पौध तैयार करते हैं। पौध जब तैयार हो जाती है, तब उसे मुख्य खेत में रोपा जाता है। इस रोपा विधि से पौधों की बढ़त बेहतर होती है, उपज बढ़ती है और फसल पर रोगों का खतरा भी कम रह जाता है।
रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद
कृषि विभाग का आकलन है कि अगर मौसम साथ देता रहा, तो इस साल भी नरवर, पोहरी और करैरा से धान की रिकॉर्ड पैदावार सामने आ सकती है। इसका असर सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूरे जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।













