अमेरिकी शेयर बाजार में 29 जुलाई को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में यथावत रखने के निर्णय के बावजूद वॉल स्ट्रीट पर घबराहट का माहौल बन गया। बाजार की इस तीव्र गिरावट का मुख्य कारण फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के सदस्यों के बीच नीतिगत रुख को लेकर दिखा गहरा मतभेद रहा। समिति के सदस्यों के बीच 9 के मुकाबले 3 वोटों का विभाजन यह संकेत देता है कि सितंबर 2026 की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। इसी आशंका के चलते तीनों प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों में तेज गिरावट देखने को मिली।
प्रमुख सूचकांकों का हाल और डैउ जोन्स में अप्रैल 2025 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट
वॉल स्ट्रीट के मुख्य सूचकांकों में दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा। डैउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,153.18 अंक यानी 2.2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 51,594.14 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान यह 51,551.18 के निचले स्तर तक चला गया था। डैउ जोन्स के लिए यह अप्रैल 2025 के बाद का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। वहीं दूसरी ओर टेक शेरों से भरा नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक भी 433.97 अंक यानी 1.74 प्रतिशत टूटकर 24,442.94 के स्तर पर आ गया, जो इसके निचले स्तर 24,425.34 के बेहद करीब था। इसके अलावा एसएंडपी 500 सूचकांक 112.63 अंक यानी 1.52 प्रतिशत घटकर 7,316.15 पर बंद हुआ।
दबाव में दिखे दिग्गज शेयर्स और मिडिल ईस्ट का तनाव
कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी बाजार के प्रमुख दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। वित्तीय दिग्गज गोल्डमैन सेक्स का शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एनवीडिया, बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज जेपी मॉर्गन और विमानन कंपनी बोइंग के शेयरों में 3 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इस बिकवाली के पीछे केवल केंद्रीय बैंक का निर्णय ही नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में नए सिरे से बढ़ा तनाव भी रहा। क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे निवेशकों की चिंताएं और गहरा गईं। एक वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब हाइपरस्केल टेक कंपनियों के प्रति अधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं और यह देखना चाहते हैं कि क्या कंपनियों का पूंजीगत खर्च, कमाई के रास्ते और नकदी प्रवाह उनके मौजूदा ऊंचे मूल्यांकन को सही ठहराते हैं या नहीं।
फेडरल रिजर्व का बयान और अध्यक्ष केविन वॉश का सख्त रुख
पॉलिसी बैठक के बाद जारी अपने आधिकारिक बयान में एफओएमसी ने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट के संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितताओं के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। बयान में कहा गया कि उत्पादकता वृद्धि और पूंजीगत निवेश सुदृढ़ हैं, जबकि रोजगार सृजन की दर कार्यबल के अनुरूप बनी हुई है और बेरोजगारी दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, समिति ने स्वीकार किया कि महंगाई दर उनके 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिसका आंशिक कारण ऊर्जा क्षेत्र में आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फेड प्रमुख केविन वॉश ने कहा कि समिति महंगाई दर को काबू में रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मूल्य स्थिरता बनाए रखने का प्रयास जारी रखेगी।
कमाई के आंकड़े और आफ्टर आवर्स ट्रेडिंग का रुख
नियमित बाजार बंद होने के बाद विभिन्न कंपनियों के तिमाही नतीजों ने शेरों की चाल को अलग-अलग दिशा दी। माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में आफ्टर आवर्स ट्रेडिंग के दौरान 9 प्रतिशत का बड़ा उछाल देखा गया। कंपनी का प्रदर्शन विश्लेषकों के अनुमानों से बेहतर रहा, जिसमें क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई कारोबार का प्रमुख योगदान रहा। इसके विपरीत, मेटा प्लेटफॉर्म्स का शेयर 6 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया, क्योंकि निवेशक कंपनी द्वारा एआई में किए जा रहे भारी निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर सशंकित दिखे। बाजार अब अमेज़न और एप्पल के साथ-साथ मास्टरकार्ड, ब्रिस्टल-मायर्स और कॉइनबेस जैसी दिग्गज कंपनियों के आने वाले नतीजों पर नजर बनाए हुए है।
बाजार विश्लेषकों की राय और भविष्य का परिदृश्य
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टेक कंपनियों के पूंजीगत खर्च और एआई से जुड़े मूल्यांकनों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों के मूड को प्रभावित किया है। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने बताया कि फेड के फैसले से निकट भविष्य की अनिश्चितता तो दूर हो गई है, लेकिन नीति निर्माताओं के बीच का मतभेद यह साफ करता है कि भविष्य में दर कटौती के फैसले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशक अब आने वाले महंगाई और आर्थिक विकास के आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिससे फेडरल रिजर्व की भावी नीति की दिशा तय होगी।



















