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चांदी की कीमतों में 40 फीसदी की भारी गिरावट, 2027 में सरप्लस आपूर्ति का अनुमानव्यापार
7 अक्तू॰ 2026, 9:13 am (1 घंटे पहले)· 1

चांदी की कीमतों में 40 फीसदी की भारी गिरावट, 2027 में सरप्लस आपूर्ति का अनुमान

रिकॉर्ड हाई से 40 प्रतिशत फिसलने के बाद चांदी के बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि उद्योगों की मांग सुस्त पड़ने से 2027 में कई साल बाद वैश्विक आपूर्ति मांग से अधिक हो जाएगी।

घरेलू और वैश्विक बाजार में चांदी की चाल ने निवेशकों को चौंका दिया है। इस साल की शुरुआत में जब सफेद धातु 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई थी, तब बाजार में लगातार तेजी का माहौल दिख रहा था। हालांकि साल के अंत तक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 40 फीसदी नीचे आ चुकी है। बाजार के ताजा अनुमानों के मुताबिक कई वर्षों से बनी आपूर्ति की कमी समाप्त होने की कगार पर है और 2027 में चांदी का वैश्विक उत्पादन मांग के मुकाबले अधिक दर्ज हो सकता है।

सोने और चांदी के बाजार समीकरण में बड़ा फर्क

कीमती धातुओं के बाजार में सोने और चांदी के बुनियादी कारक काफी अलग हैं। सोने की अधिकांश मांग आभूषण बाजार और पारंपरिक निवेश से संचालित होती है। इसके विपरीत, चांदी की खपत का मुख्य हिस्सा औद्योगिक इकाइयों में देखा जाता है। उद्योगों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, विशेष पुर्जों और विनिर्माण प्रक्रियाओं के लिए चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, जिससे इसका बाजार औद्योगिक उतार-चढ़ाव पर अत्यधिक निर्भर रहता है।

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नए औद्योगिक सेक्टर और मांग में आई सुस्ती

हाल के समय में औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है, जहां इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इन उभरते उद्योगों में सेमीकंडक्टर निर्माण के साथ-साथ चांदी की भारी जरूरत पड़ती है। पिछले दौर में चांदी की कीमतों में जो असाधारण तेजी आई थी, उसके पीछे इन्हीं तकनीकी उद्योगों की तेज खरीदारी सबसे बड़ा कारण थी। हालांकि मौजूदा समय में औद्योगिक मांग में सुस्ती दिखने लगी है, जिसके चलते आने वाले समय में बाजार सरप्लस स्थिति की ओर बढ़ रहा है।

सवाल-जवाब

इस साल चांदी का उच्चतम भाव क्या रहा था?
इस साल की शुरुआत में चांदी ने 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर पार कर लिया था।
अपने रिकॉर्ड स्तर से चांदी में कितनी गिरावट आ चुकी है?
चांदी की कीमत अपने ऑल-टाइम हाई स्तर से करीब 40 फीसदी तक नीचे आ चुकी है।
2027 में चांदी के बाजार में क्या बदलाव होने का अनुमान है?
अनुमान है कि 2027 में कई साल बाद चांदी की वैश्विक आपूर्ति सरप्लस होगी, यानी उत्पादन कुल मांग से अधिक रहेगा।
सोने और चांदी की मांग के स्रोतों में क्या मुख्य अंतर है?
सोने की मांग ज्यादातर आभूषणों से आती है, जबकि चांदी की अधिकांश खपत औद्योगिक क्षेत्रों में होती है।
किन नए सेक्टर्स में चांदी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा बढ़ रहा है?
इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में चांदी की अधिक खपत होती है।
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