अंडा एक ऐसी चीज है जिसकी जरूरत साल के बारहों महीने बनी रहती है, फिर चाहे आप गांव में रहते हों या किसी बड़े शहर में। आम घरों की रसोई के अलावा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बेकरी और फास्ट फूड की दुकानें भी रोजाना भारी मात्रा में अंडे खपाती हैं। यही लगातार बनी रहने वाली मांग अंडे के थोक कारोबार को कम पूंजी में शुरू होने वाला एक भरोसेमंद और फायदेमंद धंधा बना देती है। शर्त बस इतनी है कि आपके पास एक सोची-समझी योजना और ग्राहकों का पक्का नेटवर्क हो।
कितनी पूंजी से होगी शुरुआत
बोकारो के सिवनडीह अंडा बाजार को चलाने वाले जुल्फिकार अली इस कारोबार की बारीकियां विस्तार से समझाते हैं। उनके मुताबिक छोटे स्तर पर यह व्यवसाय करीब 50 हजार रुपये की पूंजी से शुरू किया जा सकता है। एक बार काम चल निकले और पकड़ मजबूत हो जाए, तो आमदनी भी तेजी से बढ़ती जाती है और व्यापारी लाखों रुपये तक कमा सकता है।
शुरुआती खर्च का बंटवारा
जुल्फिकार अली बताते हैं कि सबसे पहले एक छोटी दुकान की जरूरत पड़ती है। शुरुआती निवेश में लगभग 40 हजार रुपये तो सीधे अंडों की खरीदारी में लगाए जा सकते हैं। बाकी रकम में करीब 5 हजार रुपये दुकान के किराए के लिए और करीब 5 हजार रुपये दुकान की बुनियादी व्यवस्था और जरूरी सामान जुटाने में खर्च हो जाते हैं।
एक कार्टन में कितने अंडे
उनके अनुसार 40 हजार रुपये के बजट में करीब 30 से 35 कार्टन अंडे खरीदे जा सकते हैं। हिसाब इस तरह है कि एक कार्टन में सात ट्रे आती हैं और हर ट्रे में 30 अंडे रखे जाते हैं, यानी एक कार्टन में करीब 210 अंडे होते हैं। बाजार के हालात और सीजन को देखते हुए हर ट्रे पर औसतन 30 रुपये तक का मुनाफा निकल आता है।
हर खेप पर कितनी कमाई
जुल्फिकार अली का कहना है कि अगर बिक्री लगातार बनी रहे, तो लगभग 7,000 अंडों की एक खेप पर 20 हजार से 25 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है। वे यह भी जोड़ते हैं कि अगर व्यापारी बीच के बिचौलियों को हटाकर सीधे लेयर फार्म से अंडे खरीदे, तो फायदा और बढ़ जाता है, क्योंकि बिचौलियों पर होने वाला खर्च बच जाता है।
मौसम और सावधानियां
हालांकि इस कारोबार में मौसम और सीजन का असर भी कम नहीं होता। सावन के महीने में अंडों की बिक्री आम दिनों के मुकाबले घट जाती है, इसलिए व्यापारियों को अपना स्टॉक और खरीदारी मांग को ध्यान में रखकर ही तय करनी चाहिए। एक और अहम बात यह है कि अंडों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय खास एहतियात बरतना जरूरी है, वरना टूट-फूट से नुकसान बढ़ सकता है।
ग्राहक का भरोसा ही असली पूंजी
जुल्फिकार अली के मुताबिक व्यापारी को हमेशा ग्राहकों तक ताजे और बढ़िया गुणवत्ता वाले अंडे पहुंचाने चाहिए। इसी से ग्राहक का भरोसा बनता है और कारोबार लंबे समय तक टिकता है। कम लागत, साल भर बनी रहने वाली मांग और अच्छे मुनाफे की गुंजाइश ने अंडे के थोक व्यवसाय को आज युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए रोजगार का एक मजबूत विकल्प बना दिया है।













