देशभर में आवश्यक वस्तुओं और औद्योगिक कच्चे माल की बढ़ती आवाजाही के बीच भारतीय रेलवे ने सितंबर 2026 के दौरान माल ढुलाई में ठोस वृद्धि हासिल की है। विभिन्न क्षेत्रों से लॉजिस्टिक्स की जोरदार मांग के चलते राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने इस महीने 135.35 मिलियन टन माल की ढुलाई की। पिछले साल सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 127.52 मिलियन टन रहा था, यानी सालाना आधार पर माल लदान में 6.14 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। अनाज से लेकर पावर प्लांट तक पहुंचने वाले ईंधन की ढुलाई में आए इस उछाल ने रेलवे के मासिक राजस्व को भी नई मजबूती प्रदान की है।
प्रमुख वस्तुओं के लदान में अनाज सबसे आगे
सितंबर माह के दौरान विभिन्न कैटेगरी की सामग्रियों की लोडिंग में व्यापक विस्तार दर्ज किया गया। सबसे उल्लेखनीय उछाल खाद्यान्न वर्ग में रहा, जहां ढुलाई में 25 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र की मांग से जुड़े क्लिंकर की लोडिंग में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि घरेलू कंटेनर ट्रैफिक में 10 प्रतिशत का इजाफा दर्ज हुआ। औद्योगिक गतिविधियों को सहारा देने वाले अन्य सामानों में कोयले की ढुलाई 9 प्रतिशत बढ़ी, अन्य विविध वस्तुओं में 8.2 प्रतिशत की बढ़त रही, मिनरल ऑयल के लदान में 6 प्रतिशत का सुधार आया, फिनिश्ड स्टील की ढुलाई 5.5 प्रतिशत बढ़ी और लौह अयस्क की लोडिंग में 5.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
पावर प्लांटों को घरेलू कोयले की दैनिक सप्लाई में 11.6 प्रतिशत का इजाफा
देशभर के ताप विद्युत केंद्रों में निर्बाध बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे ने घरेलू कोयले की ढुलाई पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। सितंबर 2026 के दौरान बिजली घरों के लिए प्रतिदिन औसतन 443 कोयला रैक रवाना किए गए। यह आंकड़ा सितंबर 2025 में भेजे गए 397 रैक प्रतिदिन के मुकाबले 11.6 प्रतिशत अधिक है। बिजली उत्पादन के लिए सबसे बुनियादी ईंधन की सप्लाई में आई यह निरंतरता बिजली संयंत्रों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और औद्योगिक व घरेलू ऊर्जा संकट को टालने के लिहाज से काफी अहम साबित हुई है।
रेलवे के मासिक फ्रेट राजस्व में 1,266 करोड़ रुपये की वृद्धि
माल लदान में वॉल्यूम बढ़ने का सीधा लाभ रेलवे की वित्तीय स्थिति पर भी देखने को मिला है। सितंबर 2026 में माल ढुलाई से प्राप्त होने वाली कमाई में सालाना आधार पर 1,266 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रतिशत के लिहाज से यह मासिक राजस्व पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 9.3 प्रतिशत अधिक रहा। आवश्यक सामग्रियों की भारी मांग ने वॉल्यूम के साथ-साथ कमाई दोनों पैमानों पर रेलवे के प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 833.7 मिलियन टन माल ढुलाई
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों यानी अप्रैल से सितंबर के संयुक्त आंकड़े भी निरंतर आर्थिक रफ्तार को दर्शाते हैं। इस छह महीने की अवधि के दौरान भारतीय रेलवे ने कुल 833.7 मिलियन टन माल की ढुलाई पूरी की। यह प्रदर्शन वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही की तुलना में 4.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच माल ढुलाई से मिलने वाले कुल राजस्व में भी 3.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे पूरे वित्त वर्ष के लिए रेलवे के परिचालन लक्ष्यों को मजबूत आधार मिला है।

















