त्योहारी सीजन में सोने और चांदी के दामों में नरमी, जानें प्रमुख महानगरों के ताजा रेटअमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऑस्ट्रेलिया के कमजोर रोजगार आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ावबिहार के एनएच 80 पर टोल टैक्स महंगा, बालगुदर टोल प्लाजा पर इस साल तीसरी बार बढ़ी दरेंवर्ष 2047 तक विकसित देश बनने का लक्ष्य, भारत को हर साल चाहिए 8 से 9 फीसदी की रफ्तारराजधानी के प्रमुख बाजारों में धरने-प्रदर्शनों से सन्नाटा, खान मार्केट और कनॉट प्लेस में रोज करोड़ों का नुकसानउत्तराखंड की लोक परंपरा में रचा-बसा हुड़का, जानिए क्यों माना जाता है यह भगवान शिव का प्रिय वाद्यपाकिस्तान के पंजाब में ईशनिंदा के शक पर फार्मेसी और मकान फूंका, 35 से अधिक ईसाई परिवारों ने छोड़ा गांवहवा में उछलने वाली टेस्ला रोडस्टर का हुआ प्रदर्शन, लेकिन सड़कों पर उतरने के लिए 2028 तक करना होगा इंतजारइलिनॉय के हिंदू मंदिर पर नाकाम हमले के बाद अमेरिका में भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर उठी मांगव्यापार वार्ता में अड़चनों से लुढ़का मैक्सिकन पेसो, डॉलर के मुकाबले लगातार छठे हफ्ते बढ़त
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दी जानकारी, दो सप्ताह में सामने आएंगे हवाई किराये को नियंत्रित करने वाले नए नियमव्यापार
17 अक्तू॰ 2026, 12:47 am (2 घंटे पहले)· 0

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दी जानकारी, दो सप्ताह में सामने आएंगे हवाई किराये को नियंत्रित करने वाले नए नियम

हवाई टिकटों के मनमाने और अत्यधिक किराये पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नियम तैयार कर लिए हैं, जिन्हें अगले पखवाड़े में प्रकाशित किया जाएगा।

हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों से वसूले जाने वाले अत्यधिक और मनमाने किराये पर नियंत्रण लगाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए बनाए गए मसौदा नियमों को अंतिम रूप दे दिया है और इन्हें प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक मंजूरी भी मिल चुकी है। शीर्ष अदालत को इस प्रगति से अवगत कराते हुए बताया गया है कि आने वाले दो हफ्तों के भीतर इन नियमों को आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद से विमानन क्षेत्र की कंपनियों और नियमित यात्रा करने वाले आम नागरिकों की नजरें नए दिशा-निर्देशों के प्रभाव पर टिक गई हैं।

शीर्ष अदालत में सरकार का पक्ष और 16 नवंबर की समयसीमा

हवाई टिकटों के आसमान छूते दामों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस अपरेश सिंह की पीठ कर रही थी। अदालत में केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि किराये की सीमा तय करने वाले नियमों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और जरूरी प्रशासनिक मंजूरियां भी पूरी हो चुकी हैं।

ये भी पढ़ें

सॉलिसिटर जनरल के इस बयान के बाद पीठ ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह अगले दो सप्ताह में नियमों को प्रकाशित करने की प्रक्रिया पूरी करे। इसके साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि 16 नवंबर को निर्धारित अगली सुनवाई पर इन प्रकाशित नियमों को औपचारिक रूप से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए।

त्योहारी सीजन में महंगे टिकट और पूर्व में दिए गए निर्देश

यह कानूनी विवाद निजी एयरलाइंस द्वारा टिकटों के असामान्य रूप से महंगे दामों से जुड़ा हुआ है। आमतौर पर देखा गया है कि त्योहारी सीजन, छुट्टियों या किसी आपात स्थिति के दौरान जब टिकटों की मांग तेज होती है, तब एयरलाइंस किराये में कई गुना तक बढ़ोतरी कर देती हैं। यात्रियों की इसी जेबकटी को लेकर शीर्ष अदालत में जनहित याचिका दाखिल कर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई थी।

इससे पहले अगस्त महीने में जब इस मामले पर सुनवाई हुई थी, तब सुप्रीम कोर्ट ने काफी कड़ा रुख अपनाया था। पीठ ने तब यह सुझाव दिया था कि जो विमानन कंपनियां निर्धारित किराया नियमों का पालन करने में विफल रहती हैं, उनके विमानों को उड़ान भरने से रोकने जैसे सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि जब तक अंतिम नियम लागू नहीं होते, तब तक एयरलाइंस को दिशा-निर्देश देने के लिए कार्यालय ज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उस समय यह भी स्वीकार किया था कि एयरलाइंस इन जारी ज्ञापनों और निर्देशों का समुचित रूप से पालन नहीं कर रही थीं।

विमानन कंपनियों के शेयरों पर दिखा असर

किराये पर नियामकीय अंकुश लगाने के नियमों की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में विमानन कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संचालन करने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली दर्ज की गई। शुक्रवार को दोपहर 1:19 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर कंपनी का शेयर 2.86 फीसदी टूटकर 4,641.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नए नियमों की चर्चा को ही शेयरों में गिरावट की एकमात्र वजह नहीं माना जा सकता। सरकार ने अभी सिर्फ नियम तय होने और प्रशासनिक मंजूरी मिलने की बात कही है, जबकि उन नियमों में किराये की अधिकतम सीमा या अन्य शर्तें क्या होंगी, इसका पूरा ब्योरा प्रकाशित होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

सवाल-जवाब

हवाई किराये को लेकर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को क्या जानकारी दी?
सरकार ने अदालत को बताया कि हवाई किराये को नियंत्रित करने वाले नियमों को अंतिम रूप देकर प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और इन्हें दो सप्ताह के भीतर प्रकाशित कर दिया जाएगा।
इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में कब होगी?
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को प्रकाशित नियम पेश करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय की है।
अगस्त की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने क्या टिप्पणी की थी?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नियमों की अवहेलना करने वाली एयरलाइंस के विमानों को उड़ान भरने से रोकने जैसे सख्त कदमों पर विचार किया जाना चाहिए।
इस खबर का शेयर बाजार में इंडिगो की संचालक कंपनी पर क्या असर पड़ा?
इंटरग्लोब एविएशन के शेयर शुक्रवार को 2.86 प्रतिशत गिरकर 4,641.50 रुपये पर आ गए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp