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त्योहारी सीजन में हवाई किराये पर नहीं लगेगी कोई अधिकतम सीमा, विमानन कंपनियों से संयम बरतने की अपीलव्यापार
22 सित॰ 2026, 4:43 pm (1 घंटे पहले)· 1

त्योहारी सीजन में हवाई किराये पर नहीं लगेगी कोई अधिकतम सीमा, विमानन कंपनियों से संयम बरतने की अपील

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि आगामी त्योहारी सीजन में उड़ानों के टिकटों पर कोई प्राइस कैप नहीं लगाया जाएगा, हालांकि एयरलाइंस से टिकट दरें उचित रखने का आग्रह किया जाएगा।

आगामी त्योहारी सीजन में घर जाने की योजना बना रहे विमान यात्रियों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की गई है। दिवाली और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के समय उड़ानों की भारी मांग को देखते हुए हवाई किराये में संभावित भारी उछाल पर सरकार कोई ऊपरी सीमा यानी प्राइस कैप नहीं लगाएगी। इसके स्थान पर विमानन कंपनियों से सीधे बातचीत करके उनसे किराये को संतुलित और यात्रियों की पहुंच के भीतर रखने का आग्रह किया जाएगा।

विमानन मंत्रालय ने साफ किया रुख

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि मंत्रालय लगातार एयरलाइंस के संपर्क में बना हुआ है और त्योहारी भीड़ के मद्देनजर उनसे संवाद स्थापित करेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या छठ और दिवाली जैसे पर्वों के दौरान टिकटों की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार अधिकतम किराया तय करने का विचार कर रही है, तो उन्होंने इस संभावना को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी महत्वपूर्ण अवसरों और त्योहारों पर एयरलाइंस के साथ समीक्षा बैठकें करती रही है। इस बार भी विमानन कंपनियों को परामर्श दिया जाएगा कि वे यात्रियों से वाजिब किराया वसूलें, जिससे जरूरी समय पर अपने घर लौटने वाले आम नागरिकों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ न पड़े।

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एविएशन टर्बाइन फ्यूल की बढ़ती लागत का दबाव

हवाई किराये को सीधे नियंत्रित न करने के पीछे विमानन कंपनियों की बढ़ती परिचालन लागत भी एक बड़ा कारण बनकर उभरी है। सरकारी जानकारी के अनुसार, मौजूदा समय में एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति और परिचालन लागत भारी दबाव में है। इसका मुख्य कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में हो रहा लगातार इजाफा है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने रेखांकित किया कि मौजूदा पश्चिम एशिया संकट के चलते वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में अस्थिरता आई है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार में ATF की दरों पर पड़ा है। किसी भी विमानन कंपनी के कुल संचालन खर्च में ईंधन की लागत सबसे अहम हिस्सा मानी जाती है।

टिकट के कुल मूल्य में ईंधन की 40 से 43 प्रतिशत हिस्सेदारी

के. राममोहन नायडू के अनुसार, हवाई किराये का लगभग 40 से 43 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर ATF की खरीद पर निर्भर करता है। विमानन उद्योग के इस लागत ढांचे के कारण ईंधन की दरों में मामूली उतार-चढ़ाव भी टिकटों की अंतिम कीमतों को सीधे प्रभावित करता है। इसका अर्थ यह है कि त्योहारी दिनों में हवाई टिकटों के महंगे होने के पीछे सिर्फ यात्रियों की अतिरिक्त मांग ही अकेला कारक नहीं है, बल्कि कंपनियों के बढ़े हुए बुनियादी परिचालन खर्च भी इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

त्योहारी यात्रियों के लिए व्यावहारिक स्थिति

सरकार द्वारा किराये की ऊपरी सीमा तय करने से मना करने के बाद टिकट की कीमतें बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर ही तय होंगी। हालांकि सरकार ने एयरलाइंस से स्वेच्छा से किराया सामान्य बनाए रखने की अपील करने की बात दोहराई है। त्योहारी सीजन के दौरान विभिन्न रूटों पर मांग में अचानक भारी तेजी देखने को मिलती है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट बुक करते समय अलग-अलग तिथियों तथा विभिन्न एयरलाइंस के किरायों की तुलना अवश्य करें।

सवाल-जवाब

क्या सरकार त्योहारी सीजन में हवाई टिकटों पर कोई प्राइस कैप लगाएगी?
नहीं, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि सरकार फेस्टिव सीजन में उड़ानों पर कोई अधिकतम मूल्य सीमा नहीं लगाएगी।
हवाई किराये में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का कितना हिस्सा होता है?
नागरिक उड्डयन मंत्री के अनुसार कुल एयरफेयर का लगभग 40 से 43 प्रतिशत हिस्सा एटीएफ की लागत का होता है।
त्योहारों के दौरान टिकट महंगे होने का मुख्य कारण क्या है?
यात्रियों की बढ़ी हुई मांग के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट के चलते एटीएफ की बढ़ती कीमतें और एयरलाइंस की परिचालन लागत इसका मुख्य कारण हैं।
सरकार किराये को नियंत्रित रखने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार एयरलाइंस के साथ नियमित बातचीत कर रही है और उन्हें त्योहारी सीजन में यात्रियों से उचित किराया वसूलने की सलाह दे रही है।
यात्रियों को त्योहारी सीजन में टिकट बुक करते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
यात्रियों को अंतिम समय की महंगाई से बचने के लिए टिकट जल्दी बुक करने और अलग-अलग तारीखों व एयरलाइंस के किरायों की तुलना करने की सलाह दी गई है।
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