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त्योहारी मांग के बीच सोने, चांदी और प्लैटिनम पर टैक्स रियायत वापस लेने की तैयारीव्यापार
4 अक्तू॰ 2026, 11:03 pm (43 मिनट पहले)· 0

त्योहारी मांग के बीच सोने, चांदी और प्लैटिनम पर टैक्स रियायत वापस लेने की तैयारी

जीएसटी परिषद 7 अक्टूबर की बैठक में बैंकों और अधिकृत एजेंसियों को कीमती धातुओं के आयात पर मिलने वाली 3 फीसदी आईजीएसटी छूट समाप्त करने पर विचार कर सकती है, जिससे खुदरा कीमतें बढ़ने की संभावना है।

आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की खरीद को लेकर एक बड़ा नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकता है। आयात शुल्क में पहले किए गए इजाफे के बाद अब जीएसटी परिषद सोने, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर दी जाने वाली टैक्स छूट को पूरी तरह खत्म करने की योजना बना रही है। यदि यह कदम उठाया जाता है, तो देश के भीतर इन कीमती धातुओं की आवक अधिक महंगी हो जाएगी और सीधे तौर पर खुदरा खरीदारों की जेब पर इसका असर पड़ेगा। इस अहम प्रस्ताव पर 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी परिषद की आगामी बैठक में गहन विचार-विमर्श होने के आसार हैं।

आईजीएसटी छूट को वापस लेने की पृष्ठभूमि

मौजूदा कर ढांचे के तहत देश में सोने, चांदी और प्लैटिनम के सामान्य आयात पर 3 फीसदी एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) लागू होता है। हालांकि, सरकार द्वारा समय-समय पर सूचीबद्ध किए जाने वाले बैंकों और नामित एजेंसियों को इस कर भुगतान से पूरी तरह छूट हासिल रही है। ये अधिकृत संस्थान बिना कोई जीएसटी चुकाए इन बहुमूल्य धातुओं को देश में मंगाते रहे हैं। अब केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्रियों की सदस्यता वाली जीएसटी परिषद इस पुरानी व्यवस्था को समाप्त करने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रही है, ताकि टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता लाई जा सके।

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2017 से लागू नीति की समीक्षा और बाजार में बराबरी

बैंकों और नामित एजेंसियों को दी गई यह विशेष कर छूट साल 2017 में लागू की गई थी। उस दौर में कीमती धातुओं के आयात पर बेहद कड़ा नियंत्रण था और व्यापार को सुगम व व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह रियायत शुरू की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि इस छूट को समाप्त किए जाने के बाद सामान्य सर्राफा बाजार और सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंसियां कर भुगतान के मामले में एक समान धरातल पर आ जाएंगी। सरकार के लिए इन कीमती धातुओं का अनियंत्रित आयात लगातार चिंता का सबब बना रहा है, क्योंकि बड़े पैमाने पर सोना-चांदी खरीदने से भारी विदेशी मुद्रा देश से बाहर जाती है, जिसका सीधा दबाव भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है।

विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और पहले उठाए गए कदम

गैर-जरूरी मदों के आयात को नियंत्रित करने के मकसद से सरकार ने मई के महीने में सोने और चांदी पर सीमा शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी तक कर दिया था। इसके साथ ही प्लैटिनम पर लगने वाले आयात शुल्क को भी 6.4 फीसदी से संशोधित कर 15.4 फीसदी निर्धारित किया गया था। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी तनाव व युद्ध के हालात के कारण आयात बिल में भारी वृद्धि दर्ज की गई थी, जिसने भारतीय रुपये की विनिमय दर पर प्रतिकूल दबाव डाला। इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देशवासियों से सोने की अनावश्यक खरीद से बचने की अपील की थी। शुल्क दरों में हुई इस पूर्व बढ़ोतरी के बाद देश में सोने और चांदी के कुल आयात में गिरावट भी दर्ज की गई थी।

घरेलू बाजार और खुदरा कीमतों पर संभावित प्रभाव

अगर 7 अक्टूबर की बैठक में परिषद बैंकों और एजेंसियों के लिए 3 फीसदी आईजीएसटी छूट को समाप्त करने का निर्णय लेती है, तो घरेलू सर्राफा बाजार में इसका त्वरित प्रभाव दिखाई देगा। इस फैसले के अमल में आते ही घरेलू बाजार में आने वाली कीमती धातुओं की लागत सीधे तीन फीसदी तक बढ़ जाएगी, जिससे आभूषण और धातु खरीदने वाले खुदरा उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी। दूसरी तरफ, नीति निर्माताओं का आकलन है कि रियायत खत्म होने के बाद बैंक और वित्तीय एजेंसियां अनावश्यक आयात को सीमित करेंगी। इससे देश के खजाने से विदेशी मुद्रा की निकासी पर प्रभावी रोक लगेगी और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में संभावित गिरावट को थामने में मदद मिलेगी।

सवाल-जवाब

जीएसटी परिषद की बैठक कब आयोजित होने वाली है?
जीएसटी परिषद की बैठक 7 अक्टूबर को होने वाली है, जिसमें आयात टैक्स छूट पर फैसला लिया जा सकता है।
वर्तमान में बैंकों और एजेंसियों को क्या टैक्स छूट मिल रही है?
नामित एजेंसियों और बैंकों को सोना, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर 3 फीसदी आईजीएसटी से छूट मिलती है।
छूट खत्म होने पर सोने-चांदी के दाम कितने बढ़ सकते हैं?
छूट वापस लिए जाने से घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में सीधे 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
मई के महीने में आयात शुल्क में क्या बदलाव किए गए थे?
सरकार ने मई में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी और प्लैटिनम पर 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 15.4 फीसदी कर दिया था।
बैंकों को दी गई 3 फीसदी आईजीएसटी छूट कब शुरू की गई थी?
यह कर छूट साल 2017 में व्यापार को सुगम बनाने के उद्देश्य से लागू की गई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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