दीवाली का पावन अवसर पारंपरिक रूप से धन, समृद्धि और नई वित्तीय शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस त्योहारी सीजन में निवेशक अपने वेल्थ क्रिएशन के सफर को रफ्तार देने के लिए इक्विटी मार्केट में ठोस संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं। हालांकि शेयर बाजार में ऊंचा मुनाफा कमाने के लिए भावनाओं के बजाय सटीक रणनीति और सोच-समझकर पूंजी का आवंटन सबसे अहम होता है।
बीते वर्ष का बाजार परिदृश्य और सुधार के संकेत
अगर बीते एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो दलाल स्ट्रीट पर रफ्तार कुछ धीमी देखने को मिली थी। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में मामूली नरमी दर्ज की गई, जबकि व्यापक बाजार के स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट को अपेक्षाकृत अधिक बिकवाली का सामना करना पड़ा। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी ने बाजार में उतार-चढ़ाव और दबाव पैदा किया, मगर घरेलू व्यक्तिगत व संस्थागत निवेशकों के निरंतर निवेश ने बाजार को नीचे से सहारा दिया।
अब वैश्विक और घरेलू मोर्चों पर कई अनुकूल कारक आकार ले रहे हैं। विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिल रहे हैं, जबकि चीन का प्रशासन भी अपने बाजार को गति देने के लिए व्यापक आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज जारी कर रहा है। घरेलू स्तर पर सामान्य मानसूनी बारिश, ग्रामीण क्षेत्रों की आमदनी में सुधार और कर मोर्चे पर मिली रियायतों ने उपभोक्ता मांग के साथ-साथ बाजार की धारणा को काफी मजबूत किया है।
दीवाली मुहूर्त और संतुलित रणनीति की दरकार
आगामी वर्ष के दौरान भारतीय इक्विटी बाजार में स्थिरता की अपेक्षा की जा रही है, हालांकि बेहतर रिटर्न अर्जित करने के लिए जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देना अनिवार्य रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दीवाली मुहूर्त के दौरान पोर्टफोलियो बनाते समय बिना सोचे-समझे किसी शेयर पर दांव लगाने के बजाय मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों का चयन करना चाहिए।
मजबूत बिजनेस फंडामेंटल वाले छह प्रमुख शेयर
पोर्टफोलियो को मजबूती देने के लिए छह चुनिंदा कंपनियों के शेयर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। बंदरगाह एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अदाणी पोर्ट्स के लिए 1900 रुपये का मूल्य लक्ष्य आंका गया है। कंपनी के संचालन में हैंडलिंग वॉल्यूम की लगातार बढ़ोतरी और पूंजीगत व्यय यानी कैपेक्स में भारी विस्तार को इस संभावित तेजी की मुख्य वजह माना जा रहा है।
औद्योगिक और ऊर्जा समाधान क्षेत्र में कमिंस इंडिया के लिए 4400 रुपये का लक्ष्य रखा गया है, जिसे कंपनी की दमदार पावरजन ऑर्डर बुक का सीधा समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर ईटर्नल के लिए 375 रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जहां क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के संचालन से एबिटा स्तर पर ब्रेक-ईवन हासिल होने का अनुमान लगाया गया है।
वित्तीय क्षेत्र में निजी बैंकिंग दिग्गज आईसीआईसीआई बैंक के लिए 1700 रुपये का टारगेट रखा गया है। बैंक का उत्कृष्ट रिटर्न ऑन इक्विटी और निरंतर सुधरती एसेट क्वालिटी इसे निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प बनाती है। वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए 4000 रुपये का भाव आंका गया है, जो ट्रैक्टर और एसयूवी दोनों ही सेगमेंट्स में अपनी मजबूत बाजार हिस्सेदारी बरकरार रखे हुए है। वहीं ऊर्जा एवं रिटेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए 1555 रुपये का लक्ष्य देखा जा रहा है, जिसे भविष्य में आने वाले टेलीकॉम आईपीओ और एफएमसीजी कारोबार के आक्रामक विस्तार से नए विकास के अवसर मिलने की उम्मीद है।


















