त्योहारी खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए सराफा बाजार से सुकून देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने अपनी नीतिगत ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी 0.25% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस नीतिगत फैसले के फौरन बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई, जिसका सीधा दबाव कीमती धातुओं पर पड़ा और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों मंचों पर सोने और चांदी के दाम नीचे आ गए।
वायदा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी नरमी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सुबह 9 बजे के शुरुआती कारोबार में सोने का भाव 1 फीसदी यानी ₹1,545 की कमजोरी के साथ ₹1,50,925 प्रति 10 ग्राम पर आ टिका। चांदी की कीमतों में भी जोरदार दबाव देखने को मिला, जहां भाव ₹2,386 टूटकर ₹2,32,400 प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड करते नजर आए।
वैश्विक मंच यानी COMEX की चाल भी कमजोर रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.24% टूटकर 4,332 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी 1.19% फिसलकर 64.145 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स में उछाल आने से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की बिकवाली दोनों धातुओं में हावी रही।
देश के प्रमुख शहरों में 24 और 22 कैरेट सोने के दाम
वैश्विक बाजार के रुझान का सीधा असर भारत के विभिन्न शहरों के खुदरा सराफा बाजारों में देखने को मिला है। राजधानी दिल्ली सहित जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की दर लगभग ₹1,53,600 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि इन्हीं शहरों में जेवराती 22 कैरेट सोना ₹1,40,810 प्रति 10 ग्राम के आसपास बिका।
दक्षिण और पश्चिमी महानगरों की बात करें तो मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पुणे और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,53,450 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोने का स्तर ₹1,40,660 प्रति 10 ग्राम रहा। इसके अलावा अहमदाबाद और भोपाल के बाजारों में 24 कैरेट सोना ₹1,53,500 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,40,710 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर रहा।
महानगरों में चांदी की ताजा स्थिति
चांदी की कीमतों में देश भर के बड़े कारोबारी केंद्रों में एकरूपता देखने को मिली है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में 100 ग्राम चांदी ₹23,168 के भाव पर उपलब्ध रही, वहीं 1 किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,31,680 पर टिकी रही। बाजार जानकारों का मानना है कि अमेरिका में मौद्रिक रुख सख्त बने रहने की संभावनाओं के चलते आने वाले दिनों में बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर बना रह सकता है।
















