घरेलू इक्विटी बाजारों में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान जबर्दस्त उठापटक दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से सुबह के वक्त चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया था। हालांकि, शुरुआती झटकों को झेलने के बाद प्रमुख सूचकांकों ने निचले स्तरों से शानदार वापसी की और दिन के सबसे कमजोर स्तर से संवेदी सूचकांक में लगभग 600 अंकों की तेज उछाल दर्ज हुई।
दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद सूचकांकों की स्थिति
ट्रेडिंग सत्र के समापन पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का सेंसेक्स 120.83 अंक अथवा 0.16% की हल्की कमजोरी के साथ 74,781.76 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई का प्रमुख मानक निफ्टी 50 भी शुरुआती तेज बिकवाली से उबरते हुए 79.70 अंक या 0.34% की गिरावट के साथ 23,398.10 के आसपास टिकने में सफल रहा। समग्र बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो सत्र के दौरान कुल 1,773 शेयरों में तेजी का रुख देखने को मिला, जबकि 2,373 शेयर लाल निशान में फिसलकर बंद हुए। वहीं 190 कंपनियों के शेयर भाव में किसी भी तरह का बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
बैंकिंग और फार्मा सेक्टर की खरीदारी से मिला सहारा
निफ्टी हीटमैप से मिले संकेतों के मुताबिक, वित्तीय और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कंपनियों में आई लिवाली ने बाजार को गहरी खाई में गिरने से बचाया। विशेष रूप से बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ियों ने सूचकांकों को नीचे से सहारा दिया।
- मुनाफा कमाने वाले प्रमुख शेयर: एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 2.08% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव ₹708.25 पर बंद हुआ। इसके साथ ही डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज में 1.97% और टेक महिंद्रा में 1.00% की मजबूती देखी गई। एचडीएफसी लाइफ ने 0.73%, विप्रो ने 0.66% तथा कोटक बैंक ने 0.59% की तेजी के साथ हरे निशान में समाप्ति की। वहीं आईटीसी और इन्फोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे।
- बिकवाली की मार झेलने वाले शेयर: दूसरी तरफ धातु कंपनियों पर भारी दबाव देखने को मिला। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में 3.21% और जेएसडब्ल्यू स्टील में 2.99% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इनके अलावा आयशर मोटर्स के शेयर 2.17%, टाटा स्टील के 2.02%, ओएनजीसी के 2.01%, मारुति के 1.51% तथा भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई के शेयर 1.39% तक फिसल गए।
सेक्टोरल रुझान: प्राइवेट बैंक चमके, मेटल और रियल्टी टूटे
क्षेत्रवार प्रदर्शन के लिहाज से प्राइवेट बैंकिंग शेयरों ने सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखी गई, जिसने पूरे सूचकांक के नुकसान को थामने में रीढ़ की भूमिका निभाई।
इसके विपरीत, कमोडिटी और रियल एस्टेट से जुड़े शेयरों में तेज मुनाफावसूली हावी रही। मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 2% से अधिक का भारी नुकसान दर्ज हुआ। साथ ही ऑटोमोबाइल, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के सूचकांकों में 0.5% तक की कमजोरी दर्ज की गई। व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.26% तथा निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6% की गिरावट देखी गई।

















