शेनझेन के हार्ड कोर्ट पर चेक गणराज्य की महिला टेनिस टीम ने अपना दबदबा साबित करते हुए बिली जीन किंग कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ब्रिटिश चुनौती को थामते हुए चेक खिलाड़ियों ने शुरुआती दोनों एकल मैच अपने नाम कर लिए। पहले मैच में मैरी बोजकोवा ने तीन सेट के कड़े संघर्ष में जीत हासिल की, जबकि दूसरे मुकाबले में शीर्ष क्रम की लिंडा नोस्कोवा ने सीधे सेटों में बाजी मारकर अपनी टीम को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी। इस शानदार प्रदर्शन के चलते मुकाबले में युगल मैच कराने की नौबत ही नहीं आई। इस प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण वीईटीओ ओटीटी पर उपलब्ध रहा, जबकि आधिकारिक घोषणा का विवरण एक्स पर साझा किया गया।
तीन घंटे के संघर्ष में बोजकोवा ने दिखाया संयम
दिन का पहला एकल मैच बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें बोजकोवा का सामना ब्रिटेन की सोनाय कार्टल से हुआ। कार्टल पीठ के निचले हिस्से की तकलीफ से उबरकर छह महीने बाद पेशेवर सर्किट पर वापसी कर रही थीं। विश्व रैंकिंग में 127वें स्थान पर काबिज कार्टल ने अपने से 101 पायदान आगे मौजूद बोजकोवा के खिलाफ जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। तीन घंटे तक चले इस मैराथन मुकाबले में ब्रिटिश खिलाड़ी ने कई मौकों पर दबाव बनाया, बोजकोवा की सर्विस तोड़ी और तीन मैच प्वाइंट भी बचाए। इसके बावजूद चेक खिलाड़ी ने निर्णायक क्षणों में धैर्य नहीं खोया और 7-6 (7-2), 4-6, 6-4 के स्कोर से मुकाबला अपने पाले में कर लिया।
नोस्कोवा की आक्रामक जीत से पक्का हुआ सेमीफाइनल
शुरुआती हार के बाद ब्रिटिश उम्मीदों का दारोमदार केटी बोल्टर के कंधों पर आ गया था, जिन्हें मुकाबले को जीवित रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी थी। हालांकि विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने बोल्टर को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। नोस्कोवा ने अपनी ठोस बेसलाइन गेम और आक्रामक सर्विस की मदद से 6-2, 7-6 (7-3) से मुकाबला जीतकर चेकिया को सीधे अंतिम चार में पहुंचा दिया। दूसरे सेट के टाईब्रेकर में ब्रिटिश खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन नोस्कोवा ने दबाव में बेहतरीन अंक हासिल किए।
ब्रिटेन का इंतजार बढ़ा, चेक टीम 12वें खिताब की ओर अग्रसर
इस हार के साथ ही ग्रेट ब्रिटेन का पहली बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी उठाने का सपना एक बार फिर टूट गया। ब्रिटिश टीम साल 2023 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचने की दहलीज पर खड़ी थी, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। दूसरी ओर, टूर्नामेंट के इतिहास में 11 बार की चैंपियन रह चुकी चेक टीम अपने 12वें खिताब की तरफ मजबूती से कदम बढ़ा रही है। अब 25 सितंबर को होने वाले सेमीफाइनल में उसका सामना स्पेन या कजाकिस्तान की विजेता टीम से तय होगा। उल्लेखनीय है कि कजाकिस्तान की टीम अपनी स्टार खिलाड़ी, दुनिया की नंबर एक और यूएस ओपन विजेता एलेना रिबाकिना की अनुपस्थिति में मैदान संभाल रही है।
सिनियाकोवा को कोर्ट पर उतरे बिना मिली राहत
चेक गणराज्य की इस जीत का एक अहम पहलू यह रहा कि उनकी स्टार खिलाड़ी कातेरिना सिनियाकोवा को कोर्ट पर पसीना बहाने की जरूरत ही नहीं पड़ी। सिनियाकोवा वर्तमान में महिला युगल की नंबर एक खिलाड़ी हैं और उनके नाम 11 ग्रैंड स्लैम खिताब दर्ज हैं। हाल ही में उन्होंने दूसरी बार यूएस ओपन युगल चैंपियनशिप जीती थी। एकल मुकाबलों में ही नतीजा तय हो जाने के कारण टीम प्रबंधन को अपने इस प्रमुख युगल हथियार का इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे टीम के प्रमुख खिलाड़ी आगामी दौर के लिए पूरी तरह तरोताजा रहेंगे।


















