एशियन गेम्स 2026 के चौथे दिन के मुकाबलों में भारत का स्वर्णिम खाता खुल गया, जहाँ महिला क्रिकेट टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए देश की झोली में पहला स्वर्ण पदक डाला। श्रीलंका के खिलाफ खिताबी जंग में भारतीय महिलाओं ने पूरे मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा और जीत दर्ज कर तिरंगा लहराया। यह दिन भारतीय दल के लिए मिली-जुली भावनाओं से भरा रहा, जिसमें एक तरफ ऐतिहासिक सोने की चमक देखने को मिली, वहीं कुछ महत्वपूर्ण स्पर्धाओं में कांटे के संघर्ष के बाद कड़वी निराशा भी हाथ लगी। इसके बावजूद कई अलग-अलग खेलों में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर नए पदक पक्के किए और आगे के दौर में अपनी मजबूत दावेदारी दर्ज कराई।
महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक स्वर्ण, फाइनल में श्रीलंका को दी मात
दिन का सबसे बड़ा और यादगार आकर्षण महिला क्रिकेट का फाइनल मुकाबला रहा। भारतीय महिला टीम ने खिताबी मुकाबले में श्रीलंका को परास्त करते हुए इस चरण का पहला गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पूरे मैच के दौरान भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में अनुशासित और सटीक खेल का मुजाहिरा किया। श्रीलंका की टीम किसी भी मोड़ पर मैच में वापसी नहीं कर सकी और भारतीय खिलाड़ियों ने बिना किसी बड़ी चूक के मैच को पूरी तरह अपनी मुट्ठी में रखा। इस सुनहरी कामयाबी ने दल के अंदर जबरदस्त ऊर्जा भर दी, क्योंकि शुरुआती दिनों के शानदार प्रयासों के बाद हर किसी को पहले सोने के तमगे का बेसब्री से इंतजार था।
पुरुष बैडमिंटन टीम ने पक्का किया पदक, जापान के खिलाफ दर्ज की रोमांचक जीत
कोर्ट पर भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जबरदस्त लचीलापन और जज्बा दिखाते हुए पदक पक्का कर लिया। पिछले चरण में रजत पदक हासिल करने वाली इस टीम का सामना बेहद मजबूत मानी जाने वाली जापान की टीम से था। शुरुआती उतार-चढ़ाव और कड़े दबाव के बावजूद भारतीय शटलरों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लक्ष्य सेन ने अपनी क्लास दिखाते हुए मैच में शानदार वापसी की और एक अहम जीत दर्ज करके टीम का हौसला बढ़ाया। इसके बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी के साथ-साथ आयुष शेट्टी ने भी अपने-अपने मुकाबलों में बाजी मारी। इस संयुक्त प्रयास के दम पर भारतीय पुरुष टीम ने जापान को मात देकर कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया।
महिला बैडमिंटन टीम को क्वार्टर फाइनल में मिली शिकस्त
पुरुषों की इस शानदार कामयाबी से ठीक पहले महिला बैडमिंटन कोर्ट से भारतीय प्रशंसकों के लिए दिल तोड़ने वाली खबर आई। क्वार्टर फाइनल के कड़े मुकाबले में भारतीय महिला टीम को जापान के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करके टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। मुकाबले की शुरुआत दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने की, जिनका सामना विश्व में तीसरे नंबर की जापानी स्टार अकाने यामागुची से था। सिंधू ने पहला गेम 23-21 से जीतकर बेहतरीन शुरुआत की, लेकिन अकाने यामागुची ने दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया। तीसरे और निर्णायक गेम में सिंधू की लय पूरी तरह लड़खड़ा गई और वह 6-21 के बड़े अंतर से गेम और मैच गंवा बैठीं।
इसके बाद कोर्ट पर उतरीं उन्नति हुड्डा के सामने 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी की कड़ी चुनौती थी। उन्नति ने भरपूर जोर लगाया लेकिन उन्हें 16-21, 18-21 से सीधे गेमों में शिकस्त झेलनी पड़ी, जिससे जापान ने 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली। हालांकि विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की युगल जोड़ी ने एक मुकाबला जीतकर वापसी की उम्मीद जगाई, लेकिन एकल मुकाबलों के लचर प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम 1-3 से मुकाबला गंवा बैठी।
वुशु में रोशिबिना देवी ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक किया पक्का
मार्शल आर्ट्स के अखाड़े में भारत की झोली में एक और पदक तय हो गया। आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल में आयोजित वुशु प्रतियोगिता के महिला 60 किलोग्राम भार वर्ग में रोशिबिना देवी नाओरेम ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मकाऊ की चू मैन सिन को अंकों के अंतर के आधार पर स्पष्ट रूप से हराया। रोशिबिना एशियाई खेलों के पिछले दो चरणों में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इस निरंतरता को कायम रखते हुए उन्होंने एक बार फिर पोडियम पर अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।
मुक्केबाजी रिंग में साक्षी चौधरी और जादुमणि सिंह का दबदबा
भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए अजेय अभियान जारी रखा। महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने बड़ा उलटफेर करते हुए पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता फिलीपींस की ऐरा विलेगास को एकतरफा अंदाज में 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया। वहीं पुरुषों के 55 किलोग्राम भार वर्ग में जादुमणि सिंह ने भी बेहतरीन पंचिंग कौशल दिखाते हुए नेपाल के चंद्रा बहादुर थापा को 5-0 से धूल चटाई और अगले दौर में अपनी जगह सुरक्षित की।
प्रणति नायक ने वॉल्ट फाइनल में बनाई जगह, टेबल टेनिस में मिला-जुला दिन
कलात्मक जिमनास्टिक स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही एकमात्र जिमनास्ट प्रणति नायक ने वॉल्ट के फाइनल में जगह बना ली है। एशियाई जिमनास्टिक्स चैंपियनशिप में तीन बार कांस्य पदक जीतने वाली प्रणति ने 19 प्रतियोगियों के बीच सातवां स्थान हासिल किया। वॉल्ट स्पर्धा का फाइनल मुकाबला 24 सितंबर को खेला जाएगा।
उधर टेबल टेनिस में स्काई हॉल के भीतर महिला और पुरुष टीमों का भाग्य अलग-अलग रहा। भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम ने थाईलैंड के खिलाफ 3-2 के कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का किया। दूसरी ओर, पुरुष टीम को मंगलवार को दक्षिण कोरिया के हाथों 0-3 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गई। ग्रुप चरण में ईरान से मिली हार के बाद यह पुरुष टीम की लगातार दूसरी शिकस्त साबित हुई।
निशानेबाजी में चूक और स्कीट में अनंतजीत सिंह नारूका की उम्मीद
शुरुआती दो दिनों में पदकों की झड़ी लगाने वाले भारतीय निशानेबाजों के लिए चौथा दिन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में इलावेनिल वलारिवान और किशोर निशानेबाज पार्थ माने चौथे और अंतिम स्थान पर रहे। यह परिणाम इसलिए भी स्तब्ध करने वाला रहा क्योंकि इस जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 634.6 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया था और वे सोने के सबसे बड़े दावेदार दिख रहे थे, लेकिन 18वें शॉट के बाद वे मेडल की रेस से बाहर हो गए।
हालांकि स्कीट स्पर्धा में भारत की पदक उम्मीदें मजबूती से बरकरार हैं। ओलंपियन और विश्व कप फाइनल के कांस्य पदक विजेता अनंतजीत सिंह नारूका 100 में से 96 सटीक निशानों के साथ चार दौर के बाद तालिका के शीर्ष पर चार अन्य निशानेबाजों के साथ बराबरी पर बने हुए हैं। उन्होंने पहले दिन 24 और 25 का स्कोर किया था, जबकि मंगलवार को 23 और 24 का स्कोर बनाया। बुधवार को 25 निशानों का अंतिम क्वालिफिकेशन राउंड खेला जाएगा, जहाँ नारूका शीर्ष आठ में रहकर फाइनल में अपनी सीट पक्की करने की मजबूत स्थिति में हैं।
पुरुष हॉकी में श्रीलंका पर 16-1 से एकतरफा जीत
पुरुष हॉकी टीम ने पूल मैच में श्रीलंका के खिलाफ तूफानी खेल का प्रदर्शन किया। पूरे मैच में आक्रामक हॉकी खेलते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने विपक्षी गोलपोस्ट पर हमलों की झड़ी लगा दी और मुकाबला 16-1 के विशाल अंतर से जीत लिया। इसके विपरीत, तलवारबाजी और कराटे में भारत के हाथ खाली रहे। कराटे के 84 किलोग्राम भार वर्ग के कांस्य पदक मैच में चेतन भट्ट हार गए। वहीं तैराकी में भी निराशा मिली, जहाँ भारतीय पुरुषों की 4 गुणा 100 मीटर रिले टीम सबसे अंतिम पायदान पर रही।
















