उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर फिरोजाबाद पारंपरिक रूप से अपनी सुंदर कांच की चूड़ियों और विभिन्न प्रकार के कांच के उत्पादों के लिए दुनियाभर में पहचाना जाता है। वर्तमान समय में इस शहर के हस्तशिल्पी कांच के कई आकर्षक सजावटी और उपयोग की चीजें तैयार कर रहे हैं। यदि आप भी कम लागत में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहे हैं, तो फिरोजाबाद का कांच हैंडीक्राफ्ट उद्योग आपके लिए एक शानदार अवसर बन सकता है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन मिलकर ऐसे लोगों को सशक्त बनाने के लिए कई तरह की सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिससे नए उद्यमी बहुत कम बजट में अपना काम शुरू कर सकते हैं।
एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत नि:शुल्क प्रशिक्षण
फिरोजाबाद में कांच के सजावटी सामान बनाने का व्यापार शुरू करने के लिए सबसे पहला कदम सही कौशल हासिल करना है। राज्य सरकार की 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत नए कारीगरों को इस कला की बारीकियां सिखाने के लिए मुफ्त प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इच्छुक व्यक्ति जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस नि:शुल्क प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को साधारण कांच की कटोरी जैसी चीजों से कांच के लैंप, हैंगिंग लैंप, और कलात्मक फ्लावर पॉट बनाना सिखाया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने घर या छोटी वर्कशॉप से इस व्यवसाय को आसानी से संचालित कर सकता है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय हुनर को बढ़ावा देना और लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
कम लागत में व्यवसाय और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा
इस कारोबार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे शुरू करने के लिए बहुत बड़े पूंजी निवेश की आवश्यकता नहीं होती। यदि किसी के पास शुरुआत करने के लिए सीमित बजट है, तो वह केवल एक लाख रुपए की शुरुआती राशि के साथ अपनी यूनिट स्थापित कर सकता है। इस धनराशि से कच्चे माल और बुनियादी उपकरणों का इंतजाम करके उत्पादन कार्य शुरू किया जा सकता है।
जिन लोगों के पास व्यवसाय में लगाने के लिए अपनी खुद की पूंजी नहीं है, उनके लिए भी राह आसान की गई है। जिला उद्योग केंद्र ऐसे व्यक्तियों को पांच लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराता है। इस ऋण योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि लाभार्थियों को इस पर कोई ब्याज नहीं देना होता है। बिना ब्याज का लोन मिलने से नए उद्यमियों पर शुरुआती दिनों में वित्तीय दबाव बहुत कम हो जाता है।
मासिक आय और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर
सुहाग नगर के रहने वाले हस्तशिल्पी कारीगर राजन सिंह के अनुसार, यह उद्योग न केवल अपनी कला को प्रदर्शित करने का माध्यम है बल्कि आजीविका कमाने का एक टिकाऊ साधन भी है। सही तरीके से काम करने पर एक नया व्यवसायी हर महीने कम से कम 15 हजार रुपए तक की शुद्ध आय आसानी से हासिल कर सकता है। बाजार में मांग बढ़ने के साथ-साथ इस कमाई में और भी इजाफा हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर इस तरह के स्वरोजगार से जुड़कर युवा न केवल अपने लिए रोजगार पैदा कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में अन्य कारीगरों को भी काम देने में सक्षम हो सकते हैं। राज्य सरकार की सहायता और जिला उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन से फिरोजाबाद का यह कांच उद्योग लगातार नए उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है।



















