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बरसात में बैंगन की फसल को तबाह कर सकता है फ्रूट एंड शूट बोरर कीट, बालोद के कृषि वैज्ञानिक डॉ बलदेव अग्रवाल ने दी बचाव की सलाहछत्तीसगढ़
2 घंटे पहले· 1

बरसात में बैंगन की फसल को तबाह कर सकता है फ्रूट एंड शूट बोरर कीट, बालोद के कृषि वैज्ञानिक डॉ बलदेव अग्रवाल ने दी बचाव की सलाह

बरसात के मौसम में बैंगन की फसल को फ्रूट एंड शूट बोरर कीट से बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिक डॉ बलदेव अग्रवाल ने प्रभावी कीटनाशकों के प्रयोग और सही किस्मों के चयन की सलाह दी है।

बरसात का मौसम बैंगन की खेती करने वाले किसानों के लिए बहुत बड़ी कमाई का मौका लेकर आता है। इस मौसम में बैंगन का उत्पादन अमूमन काफी अच्छा होता है और बाजार में इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है। लेकिन इसके साथ ही इस मौसम में फसलों पर कीटों के हमले का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। यदि किसान समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान न दें, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। किसानों की इसी चिंता को दूर करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ बलदेव अग्रवाल ने बैंगन की फसल को सुरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय और वैज्ञानिक सलाह साझा की है।

बैंगन की फसल का सबसे बड़ा दुश्मन: फ्रूट एंड शूट बोरर

बरसात के दिनों में बैंगन की खेती करने वाले किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत फ्रूट एंड शूट बोरर (फल और तना छेदक) नामक कीट बनता है। अगर शुरुआत में ही इस कीट पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह फसल की पैदावार और उसकी गुणवत्ता दोनों को बुरी तरह नष्ट कर देता है। डॉ बलदेव अग्रवाल ने इस कीट के पनपने और नुकसान पहुंचाने के चक्र के बारे में विस्तार से समझाया है। उन्होंने बताया कि यह कीट अपनी वयस्क अवस्था में बैंगन के पौधों पर आने वाले फूलों के भीतर अंडे देता है।

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जैसे-जैसे फूल फल के रूप में विकसित होता है, ये अंडे फल के अंदर ही सुरक्षित रह जाते हैं। इसके बाद अंडों में से निकलने वाला लार्वा फल के अंदरूनी हिस्से को खाना शुरू कर देता है और अंदर ही अंदर बड़ा होने लगता है। जब यह कीट बड़ा हो जाता है, तो यह फल को अंदर से काटते हुए बाहर की तरफ निकलता है। इस वजह से फल की बाहरी त्वचा पर छेद दिखाई देने लगता है। कई किसानों को यह गलतफहमी हो जाती है कि कीट ने बाहर से फल के अंदर प्रवेश किया है, जबकि वास्तव में वह फल के अंदर ही पैदा हुआ था और बाहर निकला है। यही मुख्य वजह है कि इस कीट पर सामान्य कीटनाशक दवाओं का असर बहुत कम होता है, क्योंकि फल के अंदर मौजूद लार्वा तक दवा की पहुंच नहीं हो पाती।

पौधों के विकास और कोमल तनों पर कीट का हमला

यह कीट केवल बैंगन के फलों को ही नहीं खोखला करता, बल्कि पौधे के सबसे नाजुक और ऊपरी हिस्से यानी फोंक (कोमल शीर्ष भाग) को भी भारी नुकसान पहुंचाता है। कीट इस हिस्से को अंदर से काट देता है, जिससे पौधे का ऊपरी भाग अचानक झुक जाता है और उसकी वृद्धि पूरी तरह से रुक जाती है। पौधे का विकास थमने से सीधे तौर पर उत्पादन पर असर पड़ता है।

इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किसानों को तुरंत कदम उठाने की जरूरत होती है। डॉ अग्रवाल ने सलाह दी है कि जैसे ही खेत में झुके हुए या मुरझाए हुए फोंक दिखाई दें, उन्हें तुरंत पौधे से तोड़ लेना चाहिए। इसके बाद इन्हें एक पॉलिथीन बैग में भरकर खेत से काफी दूर ले जाकर नष्ट कर देना चाहिए। ऐसा करने से कीट का जीवन चक्र प्रभावित होता है और वह खेत के अन्य स्वस्थ पौधों में फैलने से रुक जाता है।

कीटनाशकों के छिड़काव का सही तरीका और प्रभावी प्रबंधन

रासायनिक दवाओं का छिड़काव करते समय बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए किसानों को एक खास तरीके का पालन करना चाहिए। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू करने से पहले, पौधों पर लगे हुए सभी संक्रमित और खराब फलों को तोड़कर अलग कर लेना चाहिए। इसके बाद ही अनुशंसित कीटनाशकों जैसे कि मार्शल और केलडान का छिड़काव करना चाहिए। खराब फलों को हटाने के बाद जब दवा का छिड़काव किया जाता है, तो कीट नियंत्रण काफी प्रभावी हो जाता है और आने वाली नई फसल कीटों के प्रभाव से बची रहती है।

बरसात के मौसम के लिए बैंगन की सही किस्मों का चुनाव

फसल की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि किसान अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुसार सही किस्म का चुनाव कर रहे हैं या नहीं। कृषि वैज्ञानिक डॉ बलदेव अग्रवाल के अनुसार, छत्तीसगढ़ की मिट्टी और जलवायु को देखते हुए किसानों के लिए कुछ खास किस्में बेहद फायदेमंद साबित हो सकती हैं। मोटे और गोल बैंगन की खेती के लिए पूसा क्रांति एक बहुत ही बेहतरीन और उन्नत किस्म मानी जाती है। वहीं, जो किसान लंबे और पतले बैंगन उगाना चाहते हैं, उनके लिए VNR-212 एक सर्वोत्तम विकल्प है। यदि किसान इन उपयुक्त किस्मों का चयन करें और समय रहते वैज्ञानिक तरीकों से कीट प्रबंधन अपनाएं, तो वे बरसात के मौसम में बैंगन की खेती से रिकॉर्ड तोड़ पैदावार और शानदार मुनाफा कमा सकते हैं।

सवाल-जवाब

बरसात के दिनों में बैंगन की फसल को सबसे ज्यादा हानि कौन सा कीट पहुंचाता है?
बरसात के मौसम में बैंगन की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान फ्रूट एंड शूट बोरर (फल और तना छेदक) नामक कीट से होता है।
फ्रूट एंड शूट बोरर पर कीटनाशकों का असर कम क्यों होता है?
चूंकि इस कीट का लार्वा फल के अंदर रहकर ही उसे खाता है, इसलिए बाहरी कीटनाशक स्प्रे उस तक सीधे नहीं पहुंच पाते और दवा का असर कम होता है।
कीट से संक्रमित पौधों के तनों (फोंक) का क्या करना चाहिए?
संक्रमित और झुके हुए फोंक को तुरंत तोड़कर पॉलिथीन बैग में भरना चाहिए और खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर देना चाहिए।
बैंगन की फसल पर कीटनाशकों के छिड़काव से पहले क्या करना आवश्यक है?
कीटनाशक छिड़कने से पहले पौधों पर मौजूद सभी संक्रमित और सड़े हुए फलों को तोड़कर अलग कर देना चाहिए।
मोटे और गोल बैंगन उगाने के लिए छत्तीसगढ़ में कौन सी किस्म सबसे उपयुक्त है?
मोटे बैंगन उगाने के लिए पूसा क्रांति सबसे बेहतर किस्म मानी जाती है, जो यहां की जलवायु के अनुकूल है।
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