घरेलू जिम्मेदारी संभालने वाली किरण गुप्ता ने अपने हुनर को एक स्वतंत्र उद्यम में बदलकर स्थानीय स्तर पर मिसाल कायम की है। अपनी छोटी बहन ममता गुप्ता, जो पेशे से एक शिक्षिका हैं, से मिले सुझाव ने किरण की सोच को नई दिशा दी। बहन के प्रोत्साहन के बाद किरण ने घर पर ही अचार तैयार करने का काम शुरू करने का फैसला किया और अपनी मेहनत के बल पर इसे एक व्यवस्थित घरेलू कारोबार का रूप दे दिया।
तीन वर्षों के सफर में शहर भर में बनी पहचान
अंबिकापुर में गाजर का अचार तैयार करने का यह सिलसिला पिछले लगभग 3 वर्षों से निरंतर चल रहा है। शुरुआती दौर में सीमित स्तर पर शुरू हुआ यह प्रयास अब शहर के कई घरों तक पहुंच चुका है। लगातार गुणवत्ता बनाए रखने और समर्पण के चलते अंबिकापुर शहर के बाशिंदे अब किरण गुप्ता और उनके बनाए हाथ के अचार को बेहद सम्मान और भरोसे के साथ देखने लगे हैं।
पारंपरिक विधि और धूप में सुखाने की प्रक्रिया
अचार बनाने के हर चरण में किरण शुद्धता और स्वच्छता का कड़ा ध्यान रखती हैं। वे बाजार से स्वयं उच्च गुणवत्ता वाली ताजी गाजर चुनकर लाती हैं। इसके बाद गाजरों की सफाई, कटाई और धुलाई की जाती है। धुली हुई गाजर को खुली धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है, ताकि नमी पूरी तरह निकल जाए। धूप दिखाने की यह पारंपरिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मसालों का मिश्रण मिलाने का अगला चरण शुरू होता है।
बिना सिरका और केमिकल के घरेलू मसालों का इस्तेमाल
व्यावसायिक स्तर पर बिकने वाले अधिकांश गाजर के अचार में टिकने की अवधि बढ़ाने के लिए अक्सर सिरका और रासायनिक प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं। इसके विपरीत, किरण का गाजर का अचार पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से तैयार होता है और इसमें किसी भी रासायनिक तत्व का उपयोग नहीं किया जाता। वे इस रेसिपी में केवल शुद्ध कच्ची घानी तेल का प्रयोग करती हैं। इसके अलावा अजवाइन, सरसों, मंगरेला, मिर्च और सौंफ जैसे जरूरी मसाले वे घर पर ही कूटकर और पीसकर मिलाती हैं, जिससे पारंपरिक भारतीय रसोई का प्रामाणिक स्वाद बना रहता है।
ऑर्डर पर ताजगी और आठ दिनों में परिपक्वता
किरण गुप्ता के अनुसार धूप में स्वाभाविक रूप से पकने वाले इस गाजर के अचार को पूरी तरह तैयार होने में लगभग 8 दिन का वक्त लगता है। वहीं, यदि मसालों को हल्का भूनकर मिलाया जाए तो इसका तुरंत सेवन भी किया जा सकता है। बासी माल इकट्ठा रखने या पहले से भारी स्टॉक तैयार करने के बजाय वे ग्राहकों से मांग और ऑर्डर आने पर ही नया लॉट बनाती हैं। इसी ताजेपन, हाथ से तैयार मसालों और घरेलू स्वाद की बदौलत उनके उत्पाद की मांग लगातार बढ़ रही है।





















