छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला मुख्यालय में स्थित महारानी अस्पताल परिसर के शासकीय नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोमवार को दोपहर के भोजन के दौरान छात्राओं की थाली में रेंगते हुए कीड़े और इल्लियां नजर आने के बाद हॉस्टल का माहौल पूरी तरह गरमा गया। भोजन की गिरती गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से नाराजगी झेल रही छात्राओं का धैर्य इस घटना के बाद पूरी तरह टूट गया। अपनी सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में सैकड़ों छात्राओं ने एक साथ आकर मेस संचालक और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त तेवर अपना लिए।
लंबे समय से की जा रही शिकायतों की हुई अनदेखी
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का कहना है कि मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता काफी समय से खराब चल रही थी। कई दिनों से सड़ा और दुर्गंधयुक्त खाना दिया जा रहा था। भोजन में कभी दाल के नाम पर केवल पानी रहता था, तो कभी रोटियां पूरी तरह से कच्ची दी जाती थीं। इस स्थिति से तंग आकर छात्राओं ने पूर्व में हॉस्टल वार्डन, मेस ठेकेदार और संबंधित कॉलेज अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। शिकायतों को लगातार ठंडे बस्ते में डाले जाने से ठेकेदार की लापरवाही बढ़ती चली गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि छात्राओं को कीड़ों से भरा खाना परोसा जाने लगा।
साक्ष्य जुटाकर धरने पर बैठीं छात्राएं
सोमवार को जैसे ही छात्राओं ने दाल और पकी हुई सब्जियों में इल्लियां तैरती देखीं, उन्होंने भोजन का तुरंत त्याग कर दिया। छात्राओं ने लापरवाही को उजागर करने के लिए अपने मोबाइल फोन से दाल और सब्जियों की तस्वीरें खींचीं और वीडियो रिकॉर्ड कर साक्ष्य सुरक्षित कर लिए। इसके बाद आक्रोशित छात्राओं ने थाली का बहिष्कार किया और कॉलेज परिसर के भीतर धरना देकर बैठ गईं। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने किसी भी तरह का समझौता न करने का नारा बुलंद किया। छात्राओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे इस दूषित और बीमारियों को दावत देने वाले भोजन को अब बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगी। उनका साफ कहना था कि जब तक मेस संचालक का अनुबंध समाप्त नहीं किया जाता और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने की पक्की व्यवस्था नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा।
छात्र संगठन का समर्थन और सड़क पर उतरने की चेतावनी
हॉस्टल के भीतर शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही छात्र संगठन एनएसयूआई के पदाधिकारी भी समर्थन देने नर्सिंग कॉलेज पहुंच गए। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विशाल खंभारी के साथ छात्र नेता माज लीला और ज्योति राव के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्राओं की मांग का समर्थन किया। छात्र नेताओं का कहना था कि जो छात्राएं भविष्य में अस्पतालों में जाकर मरीजों की देखभाल करेंगी, उन्हीं को अधिकारियों की अनदेखी के चलते अस्वच्छ और कीड़ों वाला खाना दिया जा रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
कॉलेज प्रशासन की सफाई और सख्त कार्रवाई का भरोसा
प्रदर्शनकारी छात्राओं और छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रबंधन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दोषी मेस ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई और व्यवस्था तुरंत ठीक नहीं की गई, तो यह विरोध केवल परिसर तक सीमित नहीं रहेगा और वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। चौतरफा विरोध और किरकिरी के बाद कॉलेज प्रशासन अब बचाव की मुद्रा में नजर आ रहा है। जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित मेस संचालक के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
























