शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के पावन पर्व के उल्लास को दोगुना करने के लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक विशेष पाक कला उत्सव की शुरुआत हुई है। शहर के प्रतिष्ठित आनंदा इंपीरियल होटल में आयोजित इस बंगाली थीम वाले फूड फेस्टिवल में मां दुर्गा के उत्सव के उपलक्ष्य में पचास से अधिक पारंपरिक और क्षेत्रीय व्यंजनों की विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है। इस उत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बंगाल की समृद्ध पाक कला विरासत के साथ-साथ भारत के अन्य राज्यों के चुनिंदा मशहूर स्वादों का भी अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। त्योहार के हर दिन को यादगार बनाने के मकसद से होटल की पाक टीम ने महाषष्ठी से लेकर विजयादशमी तक हर दिन के लिए एक पूर्णतः नया और विशिष्ट मेन्यू तैयार किया है।
षष्ठी से दशमी तक हर दिन परोसा जाएगा नया स्वाद
होटल प्रबंधन ने त्योहार के पांचों प्रमुख दिनों की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए अपने भोजन तालिका की योजना बनाई है। षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी के लिए तैयार किए गए अलग-अलग मेन्यू यह सुनिश्चित करते हैं कि यहां आने वाले मेहमानों को हर दिन एक नया अनुभव प्राप्त हो सके। होटल के रसोइयों और प्रबंधन का कहना है कि विविधता इस आयोजन की मुख्य ताकत है। बंगाली व्यंजनों की सदियों पुरानी विधियों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ जोड़ते हुए यह प्रयास किया गया है कि स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले अतिथियों, दोनों को प्रामाणिक स्वाद का आनंद मिल सके। भोजन प्रेमियों के लिए यह उत्सव बंगाल के पारंपरिक घरों और प्रसिद्ध ढाबों के स्वादों का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है।
मांसाहारी प्रेमियों के लिए इलिश मछली और मटन कशा का आकर्षण
बंगाली खानपान अपनी बेमिसाल मांसाहारी कृतियों के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है, और इस फूड फेस्टिवल में इसका पूरा ध्यान रखा गया है। मांसाहारी भोजन के शौकीनों के लिए प्रामाणिक बंगाली शैली में पकाया गया मटन कशा और धीमी आंच पर तैयार लाल मुर्गी का झोल मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके साथ ही समुद्री और मीठे पानी की मछलियों के दीवानों के लिए बंगाल की प्रसिद्ध इलिश मछली, झींगा और पापड़ा फिश से तैयार विशिष्ट व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इन पारंपरिक मुख्य व्यंजनों के अलावा कोलकाता की गलियों में मिलने वाले लोकप्रिय स्ट्रीट फूड को भी खास जगह दी गई है। शाम के नाश्ते के रूप में वेज कटलेट, कुरकुरा चिकन चॉप और मशहूर एग डेविल जैसे नमकीन आइटम आगंतुकों के बीच बेहद पसंद किए जा रहे हैं।
नवरात्र व्रतियों के लिए बिना प्याज-लहसुन की शुद्ध फलाहारी थाली
त्योहार के दौरान उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और नियमों का भी इस आयोजन में पूरा सम्मान किया गया है। शारदीय नवरात्र में नौ दिनों का व्रत रखने वाले आगंतुकों के लिए होटल ने एक विशेष फलाहारी थाली की व्यवस्था की है। इस थाली को पूरी तरह से प्याज और लहसुन के उपयोग के बिना, सात्विक नियमों के अनुसार तैयार किया जाता है। फलाहारी भोजन में ऊर्जा से भरपूर साबूदाना खिचड़ी, गरमा-गरम कुट्टू के आटे की पूरियां, सेंधा नमक से निर्मित पनीर के स्वादिष्ट व्यंजन, गाढ़ी मलाईदार खीर और कई तरह की पारंपरिक मिठाइयां शामिल हैं। मुख्य शेफ के अनुसार, रसोई में पवित्रता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि व्रत रखने वाले लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं से समझौता किए बिना उत्सव के स्वादों का आनंद ले सकें।
संस्कृतियों का संगम और दुर्गा पूजा का विशेष उल्लास
आनंदा इंपीरियल होटल प्रबंधन का मानना है कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामूहिक उत्सव, मिलनसारिता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है। इसी सोच के तहत होटल की पूरी टीम ने मिलकर इस व्यापक फूड फेस्टिवल की रूपरेखा बनाई है। इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य बिलासपुर के स्थानीय नागरिकों को शहर के भीतर ही बंगाल के प्रामाणिक भोजन और उत्सव के माहौल का जीवंत अनुभव प्रदान करना है। इसके साथ ही व्यवसाय या पर्यटन के सिलसिले में शहर आने वाले बाहरी मेहमानों के लिए भी यह एक स्वागत योग्य अवसर बन गया है। पारंपरिक बंगाली पकवानों, देश के अन्य कोनों से शामिल किए गए प्रसिद्ध स्वादों और उपवास रखने वालों के लिए समर्पित सात्विक थाली के इस समन्वय ने आयोजन को बेहद लोकप्रिय बना दिया है।





















