रायपुर में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा संवर्ग से जुड़े कई उल्लेखनीय प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस विचार-विमर्श में उपमुख्यमंत्रियों अरुण साव और विजय शर्मा के अलावा कैबिनेट के अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। इस बैठक में शासन के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने, विभागीय संरचना में सुधार करने और युवाओं के भविष्य से जुड़े रणनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम सहमति दी गई।
प्रशासनिक नामकरण में बदलाव और पुलिस आरक्षक पद
मंत्रिपरिषद ने राज्य के आदिम जाति विकास विभाग के स्वरूप और नाम में औपचारिक संशोधन का निर्णय लिया है। राज्य सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब इस इकाई को जनजातीय कार्य विभाग के नाम से पुकारा जाएगा। इस बदलाव को कानूनी और प्रशासनिक रूप से लागू करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इसके साथ ही गृह विभाग के अंतर्गत पूर्व अग्निवीरों के समायोजन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आरक्षक संवर्ग में 36 नए पदों की स्वीकृति दी गई है। यह प्रक्रिया विभागीय रिक्तियों के आधार पर पूरी होगी। प्रदेश में पहले ही यह तय किया जा चुका है कि आरक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर अभिनंदन प्रस्ताव
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में एक विशेष अभिनंदन प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह प्रस्ताव उनके किसी सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की निरंतर जनसेवा पूर्ण होने के अवसर पर लाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य की जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री को बधाई संदेश और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
आर्थिक परिदृश्य और गुजरात मॉडल की चर्चा
बैठक की समाप्ति के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के आर्थिक और नीतिगत सफर का ब्योरा रखा। उन्होंने उल्लेख किया कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर 13 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी थीं और उस दौरान प्रस्तुत किए गए 'गुजरात मॉडल' को देश के अनेक प्रांतों ने अपने यहां लागू किया। आर्थिक आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व भारत वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तालिका में 10वें पायदान पर था, जो वर्तमान में सुधरकर चौथे स्थान पर आ गया है। इसके साथ ही वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।
नक्सल मोर्चे पर कदम और राष्ट्रीय सुरक्षा
प्रदेश के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सली गतिविधियां लंबे समय से राज्य की प्रगति की राह में गंभीर अड़चन रही हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियानों के चलते इस समस्या पर कड़ा प्रहार हुआ है। राज्य सरकार द्वारा संचालित पुनर्वास नीतियों के सकारात्मक प्रभाव से बड़ी संख्या में नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य अब नक्सल समस्या से मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक तथा ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्यवाहियों का उल्लेख किया, जिनके माध्यम से भारत ने अपनी सामरिक दृढ़ता का परिचय दिया है।



















