छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में वैवाहिक विज्ञापन के जरिए उम्रदराज व्यक्तियों को फंसाकर लाखों रुपये ऐंठने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। साइबर थाने की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस साजिश में शामिल चार महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया है। नवागढ़ क्षेत्र के रहने वाले 53 वर्षीय रेशम लाल साहू इस शातिर जालसाजी का शिकार बने, जिनसे भावनात्मक बहाने बनाकर कुल 5.65 लाख रुपये की चपत लगाई गई। पूरे मामले की छानबीन के बाद न्यायालय में पेशी की प्रक्रिया पूरी कर सभी पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
शादी के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का ताना-बाना
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत अखबार में दिए गए एक वैवाहिक विज्ञापन से हुई थी। नवागढ़ के निवासी 53 वर्षीय रेशम लाल साहू ने जब रिश्ते के सिलसिले में दिए गए संपर्क सूत्र पर बात की, तो गिरोह की सदस्य ने खुद को महासमुंद के सरकारी अस्पताल में नर्स बताया और अपना नाम पदमा जाहिर किया। बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ते ही आरोपी महिला ने धीरे-धीरे पीड़ित का भरोसा जीत लिया और शादी की औपचारिकताएं पूरी करने का झूठा आश्वासन देती रही। इस तरह बातचीत को एक भरोसेमंद रिश्ते का रूप देकर पैसे ऐंठने की जमीन तैयार की गई।
इलाज, दुर्घटना और मौत के बहाने ऐंठे लाखों रुपये
भरोसा कायम होने के बाद आरोपी महिला ने रेशम लाल साहू से अलग-अलग आपात स्थितियों का हवाला देकर रकम की मांग शुरू कर दी। कभी उसने अपनी मां की गंभीर बीमारी और अस्पताल के खर्चों का हवाला दिया, तो कभी खुद के अस्वस्थ होने की बात कही। इतना ही नहीं, सड़क दुर्घटना और बाद में मां की मृत्यु तक का मनगढ़ंत बहाना बनाकर लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए गए। सहानुभूति और भावी रिश्ते के दबाव में आकर पीड़ित व्यक्ति लगातार आर्थिक मदद करता रहा, जिससे ठगी की रकम बढ़कर कुल 5.65 लाख रुपये तक पहुंच गई।
रकम वापसी के तकादे पर खुला राज, थाने पहुंचा मामला
जब लगातार केवल पैसों की ही मांग सामने आने लगी और शादी की बात टलती रही, तब रेशम लाल साहू को संदेह हुआ। उन्होंने दी गई रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और टालमटोल करने लगे। पूरी स्थिति स्पष्ट होते ही पीड़ित ने जांजगीर पुलिस के साइबर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेन-देन की पड़ताल की, जिसमें ठगी के सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद साइबर थाने में अपराध क्रमांक 10/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
राजनांदगांव के रहने वाले हैं सभी पांचों आरोपी
जांजगीर पुलिस की पड़ताल में पता चला कि इस गिरोह के सभी सदस्य राजनांदगांव इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने दबिश देकर भूमिका रंगारी, नसीम बानो, तय्यबा बान, शायना बानो और रोहित कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ी गई मुख्य आरोपी भूमिका रंगारी के खिलाफ पहले भी शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने इसी तरह के विज्ञापनों के जरिए किन अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है।



















